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ाइनर में पानी न छोड़ने से किसानों को फसल सूखने की है चिंता
Updated Mon, 11 Sep 2017 10:55 PM IST
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सुहवल (गाजीपुर)। मौसम की बेरुखी से किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। बारिश न होने के कारण मिर्जापुर-ताड़ीघाट, हरिश्चंद्रपुर माइनर में पानी न छोड़े जाने से किसान अपनी फसल को लेकर परेशान हैं। पानी न मिलने पर उन्हें फसल सूखने की चिंता सता रही है। विभाग के लचर रवैए को लेकर उनमें रोष गहराने लगा है।
लगभग ढाई किमी लंबी मिर्जापुर-ताड़ीघाट, हरिश्चंद्रपुर माइनर का निर्माण 1979-80 के बीच क्षेत्र के कई किसानों की जमीन अधिग्रहीत कर लाखों रुपये खर्च कर कराया गया था। उस दौरान किसानों को लगा कि उन्हें सिंचाई की समस्या का सामना नहीं करझ्ना पड़ेगा, लेकिन उनकी यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकी। क्षेत्र के तारकेश्वर, यशवंत सिंह, कल्पनाथ सिंह, रामगति बिंद, राजेश यादव, रमेश यादव, राकेश, रखामजन्म, कैलाश मिश्रा, गोरख, ओमप्रकाश मिश्रा आदि ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र देकर उक्त माइनर में पानी छोड़ने एवं उसकी पूरी तरह से साफ-सफाई कराने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि माइनर के सिल्ट, साफ सफाई, चौड़ीकरण, मेड़बंदी के नाम पर शासन की तरफ से धनराशि उपलब्ध कराई जाती हैै, लेकिन कुछ जगहों पर सफाई के नाम पर औपचारिकता निभा दी जाती है। इस संबंध में जिलाधिकारी के बालाजी ने बताया कि माइनर में पानी चालू कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है, ताकि किसान खेतों में बोई गई फसल की सिंचाई कर अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकें। माइनर की साफ-सफाई एवं पानी न आना विभाग की घोर लापरवाही है। इसकी जांचकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।
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लगभग ढाई किमी लंबी मिर्जापुर-ताड़ीघाट, हरिश्चंद्रपुर माइनर का निर्माण 1979-80 के बीच क्षेत्र के कई किसानों की जमीन अधिग्रहीत कर लाखों रुपये खर्च कर कराया गया था। उस दौरान किसानों को लगा कि उन्हें सिंचाई की समस्या का सामना नहीं करझ्ना पड़ेगा, लेकिन उनकी यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकी। क्षेत्र के तारकेश्वर, यशवंत सिंह, कल्पनाथ सिंह, रामगति बिंद, राजेश यादव, रमेश यादव, राकेश, रखामजन्म, कैलाश मिश्रा, गोरख, ओमप्रकाश मिश्रा आदि ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र देकर उक्त माइनर में पानी छोड़ने एवं उसकी पूरी तरह से साफ-सफाई कराने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि माइनर के सिल्ट, साफ सफाई, चौड़ीकरण, मेड़बंदी के नाम पर शासन की तरफ से धनराशि उपलब्ध कराई जाती हैै, लेकिन कुछ जगहों पर सफाई के नाम पर औपचारिकता निभा दी जाती है। इस संबंध में जिलाधिकारी के बालाजी ने बताया कि माइनर में पानी चालू कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है, ताकि किसान खेतों में बोई गई फसल की सिंचाई कर अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकें। माइनर की साफ-सफाई एवं पानी न आना विभाग की घोर लापरवाही है। इसकी जांचकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।
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