{"_id":"5c1d2aebbdec22570d2dd22f","slug":"11545415403-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साथ अविलंब हो वेतन समझौता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक साथ अविलंब हो वेतन समझौता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गाजीपुर। मांगों को लेकर जिले भर के बैंक कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। आल इंडिया बैंक आफिसर्स कम फेडरेशन की ओर से देश व्यापी बैंक हड़ताल के आह्वान पर यूनियन बैंक आफ इंडिया के अधिकारियों की ओर से महुआबाग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के पास शुक्रवार को धरना प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर केंद्र सरकार तथा आईबीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारी, इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन तथा केंद्र सरकार की बैंक विरोधी नीतियों तथा 2017 से लंबित वेतन समझौते में हो रही देरी का विरोध जताया। हड़ताल की वजह से पूरे जिले में एक अरब रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ
इस मौके पर यूबीआई आफिसर्स एसोसिएशन के गाजीपुर यूनिट के क्षेत्रीय सचिव सत्यम ने कहा कि वेतन समझौते के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा खंडित अधिदेश है जो बैंक के सर्वोच्च प्रबंधन की ओर से आईबीए को सौंपा गया है। कान्फेडरेशन की मांग है कि खंडित अधिदेश को पूर्ण अधिदेश में बदला जाय। स्केल एक से सात तक सभी अधिकारियों का वेतन समझौता एक साथ अविलंब किया जाय। बताया कि आईबीए की ओर से आठ प्रतिशत की वेतन बढ़ोतरी का आफर बैंक कर्मचारियों के कठोर परिश्रम का अपमान है। मनोज कुमार एवं जितेन्द्र शर्मा ने कहा कि वेतन समझौता बैंक कर्मचारियों का अधिकार है। जिन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओँ को सफल बनाने में अपना भरपूर योगदान दिया है। हीरा प्रसाद से सरकार से मांग की कि सभी अधिकारियों का वेतन समझौता बिना किसी भेद भाव के एक साथ किया जाय। जो एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभा में सुबोध कुमार, संतोष कुमार, अनिल, श्रवण कुमार, सुधीर कुमार, मनीष प्रताप सिंह, दीपक, पुष्कल, विनोद शर्मा, बीएन राम गुप्ता, राजेश रंजन, चंदन, अंबुज शर्मा, इंद्रजीत घोष, राजीव कुमार आदि उपस्थित थे।
बैंकों में लटके रहे ताले
गाजीपुर। बैंकों की देश व्यापी हड़ताल के चलते शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के सभी बैंकों में ताले लटके रहे। इसके कारण लेन देन आदि कारणों से बांक आने वाले लोगों को काफी निराशा हुई। अधिकतर लोगों को यह पता नहीं था कि आज बैंक में हड़ताल है। सबसे अधिक परेशानी दूर दराज से आने वाले लोगों को हुई।
इस मौके पर यूबीआई आफिसर्स एसोसिएशन के गाजीपुर यूनिट के क्षेत्रीय सचिव सत्यम ने कहा कि वेतन समझौते के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा खंडित अधिदेश है जो बैंक के सर्वोच्च प्रबंधन की ओर से आईबीए को सौंपा गया है। कान्फेडरेशन की मांग है कि खंडित अधिदेश को पूर्ण अधिदेश में बदला जाय। स्केल एक से सात तक सभी अधिकारियों का वेतन समझौता एक साथ अविलंब किया जाय। बताया कि आईबीए की ओर से आठ प्रतिशत की वेतन बढ़ोतरी का आफर बैंक कर्मचारियों के कठोर परिश्रम का अपमान है। मनोज कुमार एवं जितेन्द्र शर्मा ने कहा कि वेतन समझौता बैंक कर्मचारियों का अधिकार है। जिन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओँ को सफल बनाने में अपना भरपूर योगदान दिया है। हीरा प्रसाद से सरकार से मांग की कि सभी अधिकारियों का वेतन समझौता बिना किसी भेद भाव के एक साथ किया जाय। जो एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभा में सुबोध कुमार, संतोष कुमार, अनिल, श्रवण कुमार, सुधीर कुमार, मनीष प्रताप सिंह, दीपक, पुष्कल, विनोद शर्मा, बीएन राम गुप्ता, राजेश रंजन, चंदन, अंबुज शर्मा, इंद्रजीत घोष, राजीव कुमार आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
बैंकों में लटके रहे ताले
गाजीपुर। बैंकों की देश व्यापी हड़ताल के चलते शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के सभी बैंकों में ताले लटके रहे। इसके कारण लेन देन आदि कारणों से बांक आने वाले लोगों को काफी निराशा हुई। अधिकतर लोगों को यह पता नहीं था कि आज बैंक में हड़ताल है। सबसे अधिक परेशानी दूर दराज से आने वाले लोगों को हुई।
विज्ञापन