फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   दवा दुकानों की बंदी से 25 लाख का कारोबार प्रभावित

दवा दुकानों की बंदी से 25 लाख का कारोबार प्रभावित

Fri, 28 Sep 2018 11:32 PM IST
Updated Fri, 28 Sep 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
दवा दुकानों की बंदी से 25 लाख का कारोबार प्रभावित

विज्ञापन
गाजीपुर। सरकार द्वारा दवा व्यापार में ई-फार्मेसी के विचार के विरोध में शुक्रवार को जिले की दवा की दुकानें बंद रहीं। जगह-जगह जुलूस निकाला और बैठक सभा कर कारोबारियों ने इसकी जमकर विरोध किया। दुकानें बंद रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दवा के लिए वह इधर-उधर भटकते रहे। गाजीपुर केमिस्ट ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष की माने तो दुकानें बंद होने से 25 लाख का कारोबार प्रभावित हुआ है।
सदर कोतवाली के बगल में महिला अस्पताल स्थित है। यहां पर दर्जनों दवा की दुकानें हैं। इसके अलावा इससे कुछ ही दूरी पर मिश्रबाजार मोहल्ला में स्थित न्यू मार्केट कटरा में करीब तीन दर्जन से अधिक दवा की थोक दुकानें हैं। इसके साथ ही गोराबाजार स्थित जिला अस्पताल के आसपास भी दर्जनों दुकानें है। ई-फार्मेसी के विरोध में शुक्रवार को सभी दुकानें बंद रहीं। इसकी वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में हर मर्ज की दवा उपलब्ध नहीं होने से इन दवाइयों को लेने के लिए मरीज इधर-उधर भटकते रहे। वह लोगों से पूछते रहे कि आखिरकार क्यों दुकानें बंद हैं और दवा कहां मिलेगी। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में मौजूद जन औषधि केंद्र में भी सभी हर बीमारी की दवा उपलब्ध नहीं थी, इससे यहां भी पहुंचने वाले मरीजों को निराशा हुई। परेशान लोग सरकार को इस बात के लिए कोसते रहे कि ई-फार्मेसी के विरोध में दवा की दुकानें बंद रहने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। गाजीपुर केमिस्ट ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नागमणि मिश्रा ने बताया जिले में करीब पांच सौ दवा की दुकानें हैं। इसकी बंदी से 25 लाख का कारोबार प्रभावित हुआ है। जखनिया संवाददाता के अनुसार दवा की दुकानों के बंद रहने से स्थानीय सहित दूर-दराज के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दवा के अभाव में कई मरीज कराहते हुए नजर आए। नंदगंज संवाददाता के अनुसार स्थानीय बाजार एवं आसपास के क्षेत्रों में सभी थोक एवं फुटकर दवा की दुकानें पूरी तरह से बंद रहने से मरीज परेशान रहे। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आए मरीजों को अस्पताल से दवा दी गई। कुछ मरीजो को इमरजेंसी में चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। कुछ इसी तरह की स्थिति जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों की भी रही। दवा के लिए मरीज और उनके तीमारदार परेशान रहे।
विज्ञापन

000
कोट:
-मैं ताड़ीघाट की रहने वाली हूं। कई दिनों से सर्दी-खासी और बुखार से परेशान हूं। आसपास के चिकित्सकों को दिखाया, लेकिन जब कोई आराम नहीं मिला तो आज जिला अस्पताल में दिखाने के लिए आई थी। चिकित्सक ने चेक तो किया, लेकिन बाहर की दवा लिख दी। मैं दवा लेने के लिए बाहर आई तोे पता चला कि आज दुकानों की हड़ताल है। इससे दवा नहीं मिली।-लालसा देवी, मरीज।
विज्ञापन
विज्ञापन

(फोटो नंबर-16)
000
-मैं नगर के वंशीबाजार की रहने वाली हूं। मौसम में बदलाव से पिछले कई दिनों से सर्दी-जुकाम और बदन दर्द से परेशान हूं। दुकान से दवा लेकर खाया था, लेकिन कोई आराम न मिलने पर आज जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने के लिए आई थी। अस्पताल से दो दवाएं उपलब्ध कराई गई, लेकिन दो दवाएं बाहर से लेनी थी, जो दुकान बंद होने से नहीं मिली।-सुषमा कुशवाहा, मरीज।

(फोटो नंबर-17)
000
-मैं रुहीपुर का निवासी हूं। अपनी पत्नी को दिखाने के लिए जिला अस्पताल में लाया हूं। चिकित्सकों ने दवा लिखा है, लेकिन सारी दवा अस्पताल में नहीं मिल पाई। दो दवाओं को बाहर दुकान से लेने के लिए काफी समय समय भाग-दौड़ कर रहा हूं, लेकिन दुकानें बंद होने से दवा नहीं मिल पा रही है। इससे मैं काफी देर से परेशान होते हुए इधर-उधर दवा की दुकान ढूंढ रहा हूं।-संजय, तीमारदार।
(फोटो नंबर-18)
000
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed