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फ्लाप हो गया वन महोत्सव अभियान
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:24 AM IST
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गाजीपुर। सामाजिक वानिकी वन प्रभाग की ओर से चलाया जा रहा वन महोत्सव अभियान इस बार पूरी तरह से फ्लाप साबित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि अब तक सिर्फ 335 पौधे ही लगाए जा सके हैं। इसका सबसे प्रमुख कारण मौसम का प्रतिकूल होना है। इस समय पौधरोपण का कार्य लगभग ठप पड़ा है। अगर मौसम ठीक होता तो यह आंकड़ा 50 हजार से ऊपर पहुंच गया होता। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इतनी धूप और तपिश में पौधे जलकर नष्ट हो जाएंग,े इसलिए अच्छी बारिश होने का इंतजार किया जा रहा है।
जिले को हरा-भरा बनाने के लिए इस वर्ष चार लाख 93 हजार 500 पौधे लगाए जाने हैं। इस लक्ष्य के सापेक्ष पहले चरण में तीन लाख 50 पौधे लगाए जाने की कवायद की जा रही है। एक जुलाई से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाकर अभियान चलाया जाता है। इस पूरे सप्ताह तक अधिक से अधिक पौधे रोपे जाते हैं। इस काम में अन्य विभागों की भी मदद ली जाती है। पौधरोपण का काम लगातार सितंबर तक चलाया जाता है। इस बार अभियान के तहत सिर्फ कोरम भर पूरा किया जा रहा है। जगह-जगह जन प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने पौधे लगाकर खानापूर्ति भर की है। बरसात नहीं होने से जमीन जल रही है। पौधे रोपने के लिए बनाए गए गड्ढे और स्थान में तपिश अधिक है जिसके कारण उनमें रोपे जाने वाले पौधों के पूरी तरह से नष्ट हो जाने की संभावना काफी है। अब बारिश का इंतजार किया जा रहा है। बरसात होते ही पौधरोपण का काम जोरशोर से शुरू कराया जाएगा। इसमें छायादार, फलदार, शोभादार सहित फूल और सजावटी पौधे लगाए जाएंगे। इस बार इस काम को पूरा करने के लिए उद्यान विभाग, उपायुक्त श्रम विभाग को शामिल किया गया है। प्रथम चरण के तहत सभी रेंजों पर शीशम, सागौन, यूक्ल्प्टिस, अर्जुन, नीम, फाईगस, आम, अमरूद आदि के पौधों को संकलित कर लिया गया है।
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जिले को हरा-भरा बनाने के लिए इस वर्ष चार लाख 93 हजार 500 पौधे लगाए जाने हैं। इस लक्ष्य के सापेक्ष पहले चरण में तीन लाख 50 पौधे लगाए जाने की कवायद की जा रही है। एक जुलाई से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाकर अभियान चलाया जाता है। इस पूरे सप्ताह तक अधिक से अधिक पौधे रोपे जाते हैं। इस काम में अन्य विभागों की भी मदद ली जाती है। पौधरोपण का काम लगातार सितंबर तक चलाया जाता है। इस बार अभियान के तहत सिर्फ कोरम भर पूरा किया जा रहा है। जगह-जगह जन प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने पौधे लगाकर खानापूर्ति भर की है। बरसात नहीं होने से जमीन जल रही है। पौधे रोपने के लिए बनाए गए गड्ढे और स्थान में तपिश अधिक है जिसके कारण उनमें रोपे जाने वाले पौधों के पूरी तरह से नष्ट हो जाने की संभावना काफी है। अब बारिश का इंतजार किया जा रहा है। बरसात होते ही पौधरोपण का काम जोरशोर से शुरू कराया जाएगा। इसमें छायादार, फलदार, शोभादार सहित फूल और सजावटी पौधे लगाए जाएंगे। इस बार इस काम को पूरा करने के लिए उद्यान विभाग, उपायुक्त श्रम विभाग को शामिल किया गया है। प्रथम चरण के तहत सभी रेंजों पर शीशम, सागौन, यूक्ल्प्टिस, अर्जुन, नीम, फाईगस, आम, अमरूद आदि के पौधों को संकलित कर लिया गया है।
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