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कड़ाके की धूप दे रही मौसम में परिवर्तन का संकेत
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:17 PM IST
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गाजीपुर। सोमवार को भोर में कोहरा छाया रहा। इसके बीच कड़ाके की ठंड भी रही लेकिन पूर्वांह्न साढ़े आठ बजे धूप खिलने से ठंड से लोगों को काफी राहत मिली। पिछले दिनों की अपेक्षा दोपहर में धूप काफी तेज थी। लोगों को गर्मी का अहसास भी होने लगा। सुबह गर्म कपड़ों के साथ बाहर निकले लोग कड़ी धूप से परेशान रहे। रात और दिन में तापमान में इस प्रकार का अंतर स्वास्थ्य के लिहाज से भी ठीक नहीं है।
जनवरी माह की शुरुआत से ही ठंड ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया था। ठंड के प्रभाव का आलम यह था कि इससे हर कोई बेहाल था। रात में कोहरा गिरने का जो क्रम शुरू हुआ, वह दूसरे दिन कभी दिन में 10 तो कभी 12 बजे तक जारी रह रहा था। एक तरफ कोहरे की वजह से वाहनों की रफ्तार पूरी तरह से धीमी हो जा रही थी। इसके प्रभाव से ठंड के साथ ही गलन भी बलवान हो जा रही थी। सर्दी को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी कर दी थी। लेकिन अब ठंड से लोगों को निजात मिंल रही है। इसी क्रम में कई सप्ताह बाद रविवार को सुबह की कड़ाके की धूप निकल गई। इसकी चमक से जहां धरती गम हो गई, वहीं लोगों का शरीर भी कड़कड़ा गया। सोमवार को कोहरा नहीं गिरा और सूर्यदेव की मेहरबानी हुई। सुबह ही तीखी धूप निकली तो लोगों ने इसका आनंद लेना भी शुरू कर दिया। ज्यादा देर तक धूप में रहने पर गर्मी होने लग रही थी। इससे अधिकांश लोगों ने शरीर से कपड़ों के बोझ को कम कर दिया। गृहणियों ने बिस्तर, कपड़ा को धूप दिखाते हुए खुद इसका आनंद लिया। हालांकि सूर्य ढलने के बाद पुन: ठंड के साथ गलन का प्रभाव बढ़ गया। मौसम को लेकर लोगों में चर्चा होती रही कि दो दिनों से निकल रही कड़ाके की धूप मौसम में परिवर्तन का संकेत दे रही है।
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जनवरी माह की शुरुआत से ही ठंड ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया था। ठंड के प्रभाव का आलम यह था कि इससे हर कोई बेहाल था। रात में कोहरा गिरने का जो क्रम शुरू हुआ, वह दूसरे दिन कभी दिन में 10 तो कभी 12 बजे तक जारी रह रहा था। एक तरफ कोहरे की वजह से वाहनों की रफ्तार पूरी तरह से धीमी हो जा रही थी। इसके प्रभाव से ठंड के साथ ही गलन भी बलवान हो जा रही थी। सर्दी को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी कर दी थी। लेकिन अब ठंड से लोगों को निजात मिंल रही है। इसी क्रम में कई सप्ताह बाद रविवार को सुबह की कड़ाके की धूप निकल गई। इसकी चमक से जहां धरती गम हो गई, वहीं लोगों का शरीर भी कड़कड़ा गया। सोमवार को कोहरा नहीं गिरा और सूर्यदेव की मेहरबानी हुई। सुबह ही तीखी धूप निकली तो लोगों ने इसका आनंद लेना भी शुरू कर दिया। ज्यादा देर तक धूप में रहने पर गर्मी होने लग रही थी। इससे अधिकांश लोगों ने शरीर से कपड़ों के बोझ को कम कर दिया। गृहणियों ने बिस्तर, कपड़ा को धूप दिखाते हुए खुद इसका आनंद लिया। हालांकि सूर्य ढलने के बाद पुन: ठंड के साथ गलन का प्रभाव बढ़ गया। मौसम को लेकर लोगों में चर्चा होती रही कि दो दिनों से निकल रही कड़ाके की धूप मौसम में परिवर्तन का संकेत दे रही है।
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