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खाते पर रोक, प्रधान नहीं निकाल सकते पैसा
Updated Fri, 11 Aug 2017 11:36 PM IST
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भांवरकोल (गाजीपुर)। विकास कार्यों में अनियमितता तथा विकास कार्यों के प्रति उदासीनता की वजह से ब्लाक के 64 ग्राम पंचायतों के प्रधानों के खाते पर रोक लगा दी गई है। इससे धन निकासी पूरी तरह से ठप है। विकास कार्य रुक गए हैं। एक सप्ताह पूर्व बीडीओ के निर्देश पर एडीओ पंचायत ने उक्त कार्रवाई की है। अफसरों द्वारा धन निकासी पर रोक लगाए जाने से ग्राम प्रधानों में काफी नाराजगी व्याप्त है। प्रधानों का आरोप है कि पूर्व में मनरेगा भुगतान 14वें राजवित्त से होता चला आया है। शासन की ओर जारी नए आदेश की जानकारी अधिकारियों द्वारा नहीं दी गई।
विकास खंड क्षेत्र के 64 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के धन निकासी और आहरण पर रोक लगने से गांवों का विकास कार्य ठप पड़ा हुआ है। प्रधानों ने आरोप लगाते हुए बताया कि बीडीओ ने कोई लिखित आदेश नहीं जारी किया है। बावजूद एडीओ पंचयात की ओर से धन निकासी पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। ग्राम प्रधानों और ब्लाक के अधिकारियों के बीच चल रही जंग से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास जस का तस बंद पड़ा हुआ है। धन नहीं मिलने से ग्राम पंचायतों का बेहतर विकास हो पाना असंभव है। इस संबंध में ग्राम ब्लाकध्यक्ष ने बताया कि नए शासनादेश की जानकारी दिए बिना ही धन के निकासी और आहरण पर रोक लगाया गया है। इस संबंध में एडीओ पंचायत रामबदन यादव ने बताया कि 65 ग्राम पंचायतों में कार्य योजना को ठीक से ढंग से प्रधानों द्वारा पूरा नहीं किया गया। साथ ही विकास कार्यों के प्रति रुचि नहीं लेने पर खंड विकास अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई हुई है। संतोष जनक विकास कार्य होने पर धन निकासी और आहरण से रोक हटा ली जाएगी। उधर ब्लाक के शेरपुर, भांवरकोल, महेशपुर प्रथम, महेशपुर द्वितीय, कठार, जशदेपुर, वीरपुर, मिर्जाबाद, मनिया, सुखडेेरा, कनुआन, गौड़ऊर, तिलाड़ी, जोगा, मूर्तजीपुर, मलिकपुर, रानीपुर, पखनपुरा, मच्छटी, लोचाईन सहित अन्य गांवों के प्रधानों के खाते से धन निकासी पर रोक लगने के कारण ग्राम प्रधानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ज्यादातर जगहों पर चल रहा विकास कार्य ठप हो गया है। ग्राम प्रधान आंदोलन के लिए अगली रणनीति अपना रहे हैं।
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विकास खंड क्षेत्र के 64 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के धन निकासी और आहरण पर रोक लगने से गांवों का विकास कार्य ठप पड़ा हुआ है। प्रधानों ने आरोप लगाते हुए बताया कि बीडीओ ने कोई लिखित आदेश नहीं जारी किया है। बावजूद एडीओ पंचयात की ओर से धन निकासी पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। ग्राम प्रधानों और ब्लाक के अधिकारियों के बीच चल रही जंग से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास जस का तस बंद पड़ा हुआ है। धन नहीं मिलने से ग्राम पंचायतों का बेहतर विकास हो पाना असंभव है। इस संबंध में ग्राम ब्लाकध्यक्ष ने बताया कि नए शासनादेश की जानकारी दिए बिना ही धन के निकासी और आहरण पर रोक लगाया गया है। इस संबंध में एडीओ पंचायत रामबदन यादव ने बताया कि 65 ग्राम पंचायतों में कार्य योजना को ठीक से ढंग से प्रधानों द्वारा पूरा नहीं किया गया। साथ ही विकास कार्यों के प्रति रुचि नहीं लेने पर खंड विकास अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई हुई है। संतोष जनक विकास कार्य होने पर धन निकासी और आहरण से रोक हटा ली जाएगी। उधर ब्लाक के शेरपुर, भांवरकोल, महेशपुर प्रथम, महेशपुर द्वितीय, कठार, जशदेपुर, वीरपुर, मिर्जाबाद, मनिया, सुखडेेरा, कनुआन, गौड़ऊर, तिलाड़ी, जोगा, मूर्तजीपुर, मलिकपुर, रानीपुर, पखनपुरा, मच्छटी, लोचाईन सहित अन्य गांवों के प्रधानों के खाते से धन निकासी पर रोक लगने के कारण ग्राम प्रधानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ज्यादातर जगहों पर चल रहा विकास कार्य ठप हो गया है। ग्राम प्रधान आंदोलन के लिए अगली रणनीति अपना रहे हैं।
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