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दूकान के नाम पर आधी सड़क पर है कब्जा
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:27 PM IST
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सैदपुर (गाजीपुर)। नगर के विभिन्न हिस्सों में अतिक्रमण के चलते आवागमन प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर सड़क की पटरी, तो कहीं पर दूकान के नाम पर आधी सड़क कब्जा किए कब्जेदारों के चलते दिनभर नगर में जाम लगा रहता है। जाम के चलते आवागमन के साथ नगर का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। तमाम अगल-बगल के क्षेत्र के लोग लगन की खरीददारी यहां के जाम के चलते गाजीपुर और वाराणसी से कर रहे हैं।
नगर के तहसील मुख्यालय पर फल और जूस के ठेले पूरी पटरी पर फैले हुए लगते हैं। अतिक्रमण की सबसे बड़ी मिसाल तहसील गेट के ठीक सामने का यात्री प्रतीक्षागृह है। इसमें कई जूते के दूकानदारों ने दूकान बना डाला है। पुराने स्टेट बैंक से पुरानी सब्जी मंडी तक और पुरानी सब्जी मंडी से मुख्य डाक खाने की गली में इन अतिक्रमणकारियों ने सब्जी, फल सहित अपनी पूरी दूकान सड़क पर लगा रखी है। बांसफाटक के पास भी कमोबेश ऐसी ही हालत है। जाम के दौरान किसी के भी प्रतिवाद करने पर दूकानदार समूह बनाकर प्रतिवादी से मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। नए गंगा पुल के पास पूरी पटरी कब्जा होने के कारण जाम लगा रहता है। रोज छोटी-छोटी दुर्घटनाएं होती हैं। नगर पंचायत या तहसील प्रशासन की ओर से चलाया गया अतिक्रमण अभियान एकाध हिस्सों में सिमट कर रह जाता है। एक दो दिनों में स्थिति जस की तस हो जाती है। कई समाज सेवी संस्थाओं सहित प्रबुद्धजनों ने प्रशासन से मांग किया है कि नगर में बड़ा अभियान चलाकर नगर को अतिक्रमण मुक्त किया जाए।
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नगर के तहसील मुख्यालय पर फल और जूस के ठेले पूरी पटरी पर फैले हुए लगते हैं। अतिक्रमण की सबसे बड़ी मिसाल तहसील गेट के ठीक सामने का यात्री प्रतीक्षागृह है। इसमें कई जूते के दूकानदारों ने दूकान बना डाला है। पुराने स्टेट बैंक से पुरानी सब्जी मंडी तक और पुरानी सब्जी मंडी से मुख्य डाक खाने की गली में इन अतिक्रमणकारियों ने सब्जी, फल सहित अपनी पूरी दूकान सड़क पर लगा रखी है। बांसफाटक के पास भी कमोबेश ऐसी ही हालत है। जाम के दौरान किसी के भी प्रतिवाद करने पर दूकानदार समूह बनाकर प्रतिवादी से मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। नए गंगा पुल के पास पूरी पटरी कब्जा होने के कारण जाम लगा रहता है। रोज छोटी-छोटी दुर्घटनाएं होती हैं। नगर पंचायत या तहसील प्रशासन की ओर से चलाया गया अतिक्रमण अभियान एकाध हिस्सों में सिमट कर रह जाता है। एक दो दिनों में स्थिति जस की तस हो जाती है। कई समाज सेवी संस्थाओं सहित प्रबुद्धजनों ने प्रशासन से मांग किया है कि नगर में बड़ा अभियान चलाकर नगर को अतिक्रमण मुक्त किया जाए।
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