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गोवंश आश्रय केंद्र में फिर चार पशुओं की मौत
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कासिमाबाद। पूर्वांचल सहकारी कताई मिल बड़ौरा के अंदर बनाए गए गोवंश आश्रय केंद्र में पशुओं के मरने का क्रम जारी है। शनिवार को चार पशुओं की मृत्यु हो गई। इस प्रकार पिछले तीन दिनों में अब तक कुल 11 पशु दाना-पानी के अभाव में दम तोड़ चुके हैं। जबकि आश्रय केंद्र में अभी भी आधा दर्जन पशु दाना-पानी के अभाव में मरणासन्न अवस्था में है। पशुओं की लगातार मौत से आसपास के ग्रामीणों में रोष गहराता जा रहा है।
मालूम हो कि कासिमाबाद विकासखंड का सबसे बड़ा गोवंश आश्रय केंद्र पूर्वांचल सहकारी कताई मिल में बनाया गया है। जबसे यह गोवंश आश्रय केंद्र संचालित है, उसमें लगभग पांच सौ से ऊपर पशुओं की संख्या पहुंच गई थी। वर्तमान समय में 350 पशुओं के कान में टैग लगाकर उनकी गिनती की जा चुकी है। इससे भी अधिक पशु बताए जा रहे हैं। आश्रय केंद्र में पशुओं के दाना-पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है। इससे पशुओं की मौत का क्रम लगातार जारी है। शनिवार को भी दानी-पानी के अभाव में चार पशुओं की मौत हो गई। इन मौतों के बाद पिछले तीन दिन में 11 पशु जान गंवा चुके हैं। आप को बता दें कि पिछले दिनों पशुओं की दुर्दशा के साथ मौत की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। उस खबर के बाद जिलाधिकारी के बालाजी ने आश्रय केंद्र का निरीक्षण कर उप जिलाधिकारी कासिमाबाद सहित खंड विकास अधिकारी को सख्त निर्देश दिया था। जिलाधिकारी के सामने कुछ पशुओं का इलाज पशु चिकित्सा अधिकारी से कराया भी गया, लेकिन उसके बाद फिर स्थिति जस की तस हो गई और पशु दाना-पानी के अभाव में दम तोड़ते जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष गहराता जा रहा है। वहीं, एसडीएम कासिमाबाद मंशाराम वर्मा का कहना है कि आश्रय केंद्र की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी की है। उन्हें समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
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मालूम हो कि कासिमाबाद विकासखंड का सबसे बड़ा गोवंश आश्रय केंद्र पूर्वांचल सहकारी कताई मिल में बनाया गया है। जबसे यह गोवंश आश्रय केंद्र संचालित है, उसमें लगभग पांच सौ से ऊपर पशुओं की संख्या पहुंच गई थी। वर्तमान समय में 350 पशुओं के कान में टैग लगाकर उनकी गिनती की जा चुकी है। इससे भी अधिक पशु बताए जा रहे हैं। आश्रय केंद्र में पशुओं के दाना-पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है। इससे पशुओं की मौत का क्रम लगातार जारी है। शनिवार को भी दानी-पानी के अभाव में चार पशुओं की मौत हो गई। इन मौतों के बाद पिछले तीन दिन में 11 पशु जान गंवा चुके हैं। आप को बता दें कि पिछले दिनों पशुओं की दुर्दशा के साथ मौत की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। उस खबर के बाद जिलाधिकारी के बालाजी ने आश्रय केंद्र का निरीक्षण कर उप जिलाधिकारी कासिमाबाद सहित खंड विकास अधिकारी को सख्त निर्देश दिया था। जिलाधिकारी के सामने कुछ पशुओं का इलाज पशु चिकित्सा अधिकारी से कराया भी गया, लेकिन उसके बाद फिर स्थिति जस की तस हो गई और पशु दाना-पानी के अभाव में दम तोड़ते जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष गहराता जा रहा है। वहीं, एसडीएम कासिमाबाद मंशाराम वर्मा का कहना है कि आश्रय केंद्र की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी की है। उन्हें समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
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