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डीएम के आदेश पर कटान रोकने की कवायद शुरू
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:04 PM IST
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करंडा(गाजीपुर)। जिलाधिकारी के आदेश पर बड़हरिया गांव में कटान के मुहाने पर खड़े मकानों को बचाने की कवायद शुरू कर दी गई है। मंगलवार की शाम से ही ईंट-पत्थर और लोहे की जालियां निर्माण कार्य के लिए गिरना प्रारंभ हो गई। इससे उन कटान पीड़ितों ने राहत की सांस ली है, जिनके मकान कटान के मुहाने पर खड़े हैं। उनमें इस बात की आस जगी है कि निर्माण कार्य से यदि कटान क गया, तो उनके आशियाने बच जाएंगे।
पिछले मंगलवार को करंडा क्षेत्र के बड़हरिया में तेजी से गंगा कटान शुरू हो गया। कुछ ही घंटे में देखते ही देखते दर्जनों किसानों की खेती योग्य करीब पांच बीघा भूमि कट कर गंगा में समाहित हो गई। इससे कटान पीड़ितों के माथे पर तनाव की लकीर खिंच गई थी। उन परिवार के लोग दहशत में जी रहे हैं जिनके मकान कटान के मुहाने पर खड़े हैं। डर इस बात का सता रहा था कि एकाएक रात में कटान तेज होने पर कहीं मकान सहित वह जद में न आ जाएं और परिवार सहित गंगा में समा जाएं। इस आशंकावश वह सो नहीं पा रहे थे। परेशान पीड़ित कटान रोकने के लिए पीपा लगवाने की मांग को लेकर मंगलवार को स्वाभिमान संगठन के जिलाध्यक्ष डा. देवेश सिंह के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर स्थित राइफल क्लब में पहुंचे। वहां मौजूद न होने पर संगठन के अध्यक्ष ने मोबाइल से जिलाधिकारी से वार्ता की और उन्हें कटान की स्थिति से अवगत कराते हुए पत्रक देने की बात कही। इस पर डीएम ने मुख्य राजस्व अधिकारी को पत्रक लेने के लिए भेजा। उन्हें पत्रक सौंप पीड़ित जिलाधिकारी के आने का इंतजार करने लगे। संगठन की यह पहल काम आई और जिलाधिकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ कटान का जायजा लेने के करंडा पहुंच गए। उन्होंने बड़हरिया गांव में जो मकान कटान के मुहाने पर खड़े हैं, उन्हें बचाने के लिए तत्काल उपाय करने को कहा। जिलाधिकारी के इस आदेश के बाद मंगलवार की शाम से ईंट-पत्थर और जाली गिरना शुरू हो गया। इधर संगठन के सदस्यों के साथ जिला मुख्यालय पीड़ित बैठ कर डीएम की प्रतीक्षा करते रहे। शाम को करीब पौने छह बजे किसान जिलाधिकारी से मिलने चले तो उनके साथ जंगीपुर के सपा विधायक डा. विरेंद्र यादव भी हो लिए। जिलाधिकारी ने वार्ता के दौरान बताया कि शासन से बचाव कार्य की मंजूरी मिल गई है और निर्देश मिला है कि किसी भी सूरत में कोई घर कटान से नहीं गिरना चाहिए। कटान रोकने की पहल शुरू होने से पीड़ितों में खुशी व्याप्त है।
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पिछले मंगलवार को करंडा क्षेत्र के बड़हरिया में तेजी से गंगा कटान शुरू हो गया। कुछ ही घंटे में देखते ही देखते दर्जनों किसानों की खेती योग्य करीब पांच बीघा भूमि कट कर गंगा में समाहित हो गई। इससे कटान पीड़ितों के माथे पर तनाव की लकीर खिंच गई थी। उन परिवार के लोग दहशत में जी रहे हैं जिनके मकान कटान के मुहाने पर खड़े हैं। डर इस बात का सता रहा था कि एकाएक रात में कटान तेज होने पर कहीं मकान सहित वह जद में न आ जाएं और परिवार सहित गंगा में समा जाएं। इस आशंकावश वह सो नहीं पा रहे थे। परेशान पीड़ित कटान रोकने के लिए पीपा लगवाने की मांग को लेकर मंगलवार को स्वाभिमान संगठन के जिलाध्यक्ष डा. देवेश सिंह के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर स्थित राइफल क्लब में पहुंचे। वहां मौजूद न होने पर संगठन के अध्यक्ष ने मोबाइल से जिलाधिकारी से वार्ता की और उन्हें कटान की स्थिति से अवगत कराते हुए पत्रक देने की बात कही। इस पर डीएम ने मुख्य राजस्व अधिकारी को पत्रक लेने के लिए भेजा। उन्हें पत्रक सौंप पीड़ित जिलाधिकारी के आने का इंतजार करने लगे। संगठन की यह पहल काम आई और जिलाधिकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ कटान का जायजा लेने के करंडा पहुंच गए। उन्होंने बड़हरिया गांव में जो मकान कटान के मुहाने पर खड़े हैं, उन्हें बचाने के लिए तत्काल उपाय करने को कहा। जिलाधिकारी के इस आदेश के बाद मंगलवार की शाम से ईंट-पत्थर और जाली गिरना शुरू हो गया। इधर संगठन के सदस्यों के साथ जिला मुख्यालय पीड़ित बैठ कर डीएम की प्रतीक्षा करते रहे। शाम को करीब पौने छह बजे किसान जिलाधिकारी से मिलने चले तो उनके साथ जंगीपुर के सपा विधायक डा. विरेंद्र यादव भी हो लिए। जिलाधिकारी ने वार्ता के दौरान बताया कि शासन से बचाव कार्य की मंजूरी मिल गई है और निर्देश मिला है कि किसी भी सूरत में कोई घर कटान से नहीं गिरना चाहिए। कटान रोकने की पहल शुरू होने से पीड़ितों में खुशी व्याप्त है।
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