{"_id":"5b561a0d4f1c1b4c748b6a8d","slug":"111532369421-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने किया खेतों की तरफ रुख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने किया खेतों की तरफ रुख
Updated Mon, 23 Jul 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। मानसून के सक्रिय होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। बारिश होने के बाद उन्होंने खेतों की तरफ रुख कर लिया है। धान की रोपाई का कार्य तेज हो गया है। किसान परिजनों संग रोपाई के काम में जुट गए हैं। वह जल्द से जल्द रोपाई का काम पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। बारिश से उन किसानों के चेहरे भी खिल गए, जिन्होंने पहले ही धान की रोपाई कर ली थी और वह पानी के अभाव में मुरझा रही थी।
जून माह की शुरुआत से ही किसान धान की रोपाई का कार्य प्रारंभ कर देते हैं, लेकिन बारिश न होने से वह इस कार्य को नहीं कर पा रहे थे। समय बीतता देख कई किसानों ने नहरों और डीजल इंजन के सहारे खेतों की सिंचाई कर रोपाई कर दी थी, जबकि अधिकांश अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। जिन किसानों ने पहले ही धान की रोपाई कर दी थी, उनके माथे पर इस बात से बल पड़ रहा था कि पानी के अभाव में फसल मुरझा रही है। इसी दौरान तीन दिन पहले इंद्रदेव प्रसन्न हुए और जिले में घंटों कभी झमाझम तो कभी हल्की बारिश हुई। अच्छी बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया, जिससे किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। वे धान की रोपाई के कार्य में जुट गए। मौसम की मेहरबानी से उन किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे, जिनकी धान की फसल पानी के अभाव में मुरझा रही थी। ऐसी फसलों के लिए बारिश ने संजीवनी का कार्य किया। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार मौसम वैज्ञानिकों के इस वर्ष समय पूर्व मानसून आने की घोषणा की वजह से धान की नर्सरी तैयार कर धान की रोपाई के लिए किसान मानसून का इंतजार करते रहे लेकिन इस वर्ष मानसून एक माह तक किसानों को इंतजार कराने के बाद क्षेत्र में पहुंचा है। सूखे की आशंका से धान की नर्सरी तैयार होने के बावजूद किसान धान की रोपाई करने से डर रहे थे कि कहीं फसल चौपट न हो जाए। मानसून के सक्रिय होने पर अब किसानों ने धान की रोपाई का कार्य तेज कर दिया है।
विज्ञापन
जून माह की शुरुआत से ही किसान धान की रोपाई का कार्य प्रारंभ कर देते हैं, लेकिन बारिश न होने से वह इस कार्य को नहीं कर पा रहे थे। समय बीतता देख कई किसानों ने नहरों और डीजल इंजन के सहारे खेतों की सिंचाई कर रोपाई कर दी थी, जबकि अधिकांश अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। जिन किसानों ने पहले ही धान की रोपाई कर दी थी, उनके माथे पर इस बात से बल पड़ रहा था कि पानी के अभाव में फसल मुरझा रही है। इसी दौरान तीन दिन पहले इंद्रदेव प्रसन्न हुए और जिले में घंटों कभी झमाझम तो कभी हल्की बारिश हुई। अच्छी बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया, जिससे किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। वे धान की रोपाई के कार्य में जुट गए। मौसम की मेहरबानी से उन किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे, जिनकी धान की फसल पानी के अभाव में मुरझा रही थी। ऐसी फसलों के लिए बारिश ने संजीवनी का कार्य किया। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार मौसम वैज्ञानिकों के इस वर्ष समय पूर्व मानसून आने की घोषणा की वजह से धान की नर्सरी तैयार कर धान की रोपाई के लिए किसान मानसून का इंतजार करते रहे लेकिन इस वर्ष मानसून एक माह तक किसानों को इंतजार कराने के बाद क्षेत्र में पहुंचा है। सूखे की आशंका से धान की नर्सरी तैयार होने के बावजूद किसान धान की रोपाई करने से डर रहे थे कि कहीं फसल चौपट न हो जाए। मानसून के सक्रिय होने पर अब किसानों ने धान की रोपाई का कार्य तेज कर दिया है।
विज्ञापन