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जिला कारागार में पच्चीस महिला बंदी एनिमिया से पीड़ित

Fri, 06 Apr 2018 11:08 PM IST
Updated Fri, 06 Apr 2018 11:08 PM IST
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जिला कारागार में पच्चीस महिला बंदी एनिमिया से पीड़ित
गाजीपुर। जिला कारागार की महिला बंदी एनीमिया रोग (खून की कमी) से पीड़ित हैं, तो पुरुष बंदी चर्म रोग और मौसमी बीमारी से। इसका खुलासा कुछ दिन पहले बंदियों के हुए स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट में हुआ है। कारागार में महिला बंदियों की संख्या 31 और पुरुष बंदियों की संख्या 663 है। इन्हें रोग से मुक्ति दिलाने के लिए स्वास्थ्य महकमे की तरफ से पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। हालांकि एनीमिया पीड़ित महिला बंदियों को पौष्टिक भोजन और फल दिए जाने का जेल प्रशासन दावा कर रहा है।
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जिला कारागार में 25 महिला बंदी एनीमिया रोग से पीड़ित हैं। अन्य बीमारी से 29 और चर्म रोग से 27 पुरुष बंदी भी जूझ रहे हैं। जिले के आला अधिकारियों के निर्देश पर स्वास्थ्य महकमे की तरफ से पिछले माह जिला कारागार परिसर में बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में मौजूद महिला चिकित्सक द्वारा महिला बंदियों का स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। जिसमें 25 महिला बंदी एनीमिया से पीड़ित पाई गईं। जबकि पुरुष बंदी में 27 चर्म रोग और 29 अन्य बीमारी से पीड़ित मिले। विभाग की ओर से एनीमिया से ग्रसित महिला बंदियों को आयरन की गोलियां के साथ ही अन्य दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही भोजन और फल उपलब्ध कराने के लिए जिला कारागार प्रशासन से कहा गया है। जबकि जिला कारागार स्थित अस्पताल में बंदियों के इलाज के लिए दो चिकित्सक और दो फार्मासिस्ट हमेशा मौजूद रहते हैं। विभाग द्वारा चिकित्सक और फार्मासिस्टों को निर्देश दिया गया कि समय से उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने के साथ आयरन की गोलियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा समय-समय पर बंदियों के स्वास्थ्य की जांच कर उनको दवाएं दी जाएं। लेकिन महिला चिकित्सक की तैनाती न होने से बीमार पड़ने पर महिला बंदी को जिला महिला अस्पताल इलाज के लिए लाना पड़ता है। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि एनीमिया से पीड़ित महिला बंदी को आयरन की पर्याप्त गोलियां उपलब्ध कराने के साथ फल और पौष्टिक भोजन भी जिला कारागार प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया जाता है। इसकी रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश भी जिला कारागार में तैनात चिकित्सकों को दिया गया है।
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मीनू के अनुसार सभी बंदियों को समय-समय दूध, फल और भोजन दिया जाता है। साथ ही दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती है। महिला बंदियों को फल, दूध और नास्ता के साथ पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है। बंदी महिलाओं के छोटे बच्चों को भी दूध उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही समय-समय पर चिकित्सकों द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाता है। चिकित्सकों द्वारा दी गई बंदी महिलाओं को चार्ट के अनुसार फल और आयरन संबंधी दवाएं और दूध उपलब्ध कराया जाता है। - एससी त्रिपाठी, जेलर
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