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आय सृजन के साथ ही घर-परिवार के लिए तैयार करें शुद्ध खाने की चीजें
Updated Sat, 25 Nov 2017 11:22 PM IST
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गाजीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से छह दिवसीय मौसमी फल एवं सब्जी परीक्षण तकनीक विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन केंद्र परिसर में किया गया। शनिवार को केंद्र के सीनियर साइंटिस्ट एंड हेड डॉ. दिनेश सिंह ने कहा कि युवतियां एवं गृहिणी महिलाएं जो घर पर रहती हैं, वह घर पर रहते हुए मौसमी फलों एवं सब्जी परीक्षण तकनीक से विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार कर सकती हैं।
केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉ. सुनीता पांडेय ने कहा कि हम उत्पादन बढ़ाने की ओर तो विशेष ध्यान देते हैं लेकिन तुड़ाई बाद प्रबंधन एवं संरक्षण की तरफ ध्यान नहीं देते हैं, जिस कारण फल एवं सब्जियों के उत्पादन का लगभग 20 से 30 प्रतिशत बर्बाद हो जाता है, ऐसे में परिरक्षण एवं प्रसंस्करण तकनीक को अपनाकर हम फलों एवं सब्जियों की बर्बादी को रोक सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान आंवले का लड्डू बनाना, पपीते की कैंडी एवं हरी मटर प्रिजरवेशन तकनीक के बारे में बताया और प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार करवाया। बेमौसमी फल एवं सब्जियां कॉफी महंगी होती है। ऐसे में प्रसंस्करण एवं परिरक्षण तकनीक आय सृजन एवं रोजगार का एक अच्छा माध्यम बन सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान केंद्र के सीनियर साइंटिस्ट एंड हेड डॉ. दिनेश सिंह ने सुनयना चौधरी, संजना कुमारी, दीपिका मौर्या, वंदना बिंद, सुमन पाल, सलोनी यादव, ममता यादव, प्रियंका कुशवाहा सहित 20 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर केंद्र के मनोज कुमार मिश्रा एवं कंप्यूटर प्रोग्रामर आशीष कुमार वाजपेयी उपस्थित थे।
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केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉ. सुनीता पांडेय ने कहा कि हम उत्पादन बढ़ाने की ओर तो विशेष ध्यान देते हैं लेकिन तुड़ाई बाद प्रबंधन एवं संरक्षण की तरफ ध्यान नहीं देते हैं, जिस कारण फल एवं सब्जियों के उत्पादन का लगभग 20 से 30 प्रतिशत बर्बाद हो जाता है, ऐसे में परिरक्षण एवं प्रसंस्करण तकनीक को अपनाकर हम फलों एवं सब्जियों की बर्बादी को रोक सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान आंवले का लड्डू बनाना, पपीते की कैंडी एवं हरी मटर प्रिजरवेशन तकनीक के बारे में बताया और प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार करवाया। बेमौसमी फल एवं सब्जियां कॉफी महंगी होती है। ऐसे में प्रसंस्करण एवं परिरक्षण तकनीक आय सृजन एवं रोजगार का एक अच्छा माध्यम बन सकता है।
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प्रशिक्षण के दौरान केंद्र के सीनियर साइंटिस्ट एंड हेड डॉ. दिनेश सिंह ने सुनयना चौधरी, संजना कुमारी, दीपिका मौर्या, वंदना बिंद, सुमन पाल, सलोनी यादव, ममता यादव, प्रियंका कुशवाहा सहित 20 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर केंद्र के मनोज कुमार मिश्रा एवं कंप्यूटर प्रोग्रामर आशीष कुमार वाजपेयी उपस्थित थे।
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