फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   दशरथ-कैकयी संवाद सुन मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

दशरथ-कैकयी संवाद सुन मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

Thu, 21 Sep 2017 11:11 PM IST
Updated Thu, 21 Sep 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
दशरथ-कैकयी संवाद सुन मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा पर पांचवें दिन भी वेद वाणी बिनायको रामलीला मंडल के कलाकारों लीला का मंचन किया गया। महाराज दशरथ-कैकेयी संवाद, श्री राम संवाद एवं विदाई से संबंधित लीला का मंचन किया गया। इसे देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
विज्ञापन

महाराजा दशरथ अपने बड़े पुत्र राम को अयोध्या का राज देने का मन बनाते हुए अपने राज्य दरबार में मंत्रियों, गुरुजनों तथा सभी ब्राह्मणों बुलाते हैं। सभी राम का राज तिलक कराने के प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं। इस पर राजा दशरथ के खुशी का ठिकाना नहीं रह जाता है। पूरे अयोध्या नगरी को ध्वज पताकाओं से सजवा देते है। इसी दौरान दासी मंथरा उधर से घूमते हुए राज दरबार की ओर पहुंचती है और अयोध्या नगरी सजा हुआ देखती है। क्यों सजावट की गई है, इसका पता लगाने के बाद मंथरा महारानी कैकेयी के कक्ष में जाकर श्रीराम को राज देने की बात बताते हुए कहती है अगर ऐसा हो गया तो आपकी क्या स्थिति होगी। महारानी कैकेयी दासी मंथरा के बहकावे में आ जाती है। दासी मंथरा के कथनानुसार आभूषणों को जमीन पर बिखरते हुए जमीन पर लेट जाती है। महाराज को जब इस बात का पता चलता है तो कैकेयी के कक्ष में पहुंचते है और उसके उदास होने का कारण पूछते है तो महारानी कैकेयी महाराज द्वारा दिए गए दोनों वरदान मांगती है। पहले वरदान पुत्र भरत को अयोध्या का राज तथा दूसरे वरदान में राम को चौदह वर्ष का वनवास मांगती है। यह सुन महाराज बेहोश होकर जमीन पर गिर जाते हैं। होश में आने पर सिंहासन पर उदास बैठ जाते हैं। श्री राम को जब इस बात की जानकारी होती है तो माता कौशल्या एवं माता सुमित्रा के पास जाकर वन जाने का आदेश लेते हैं। वन गमन की बात लक्ष्मण और सीता सुनती हैं तो वे लोग भी वन जाने के लिए तैयार हो जाती हैं। इस लीला को देखकर उपस्थित लोगों की आंखें सजल हो गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष दिनानाथ गुप्ता, मंत्री ओम प्रकाश तिवारी बच्चा, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, कार्यवाहक प्रबंधक बीरेश राम वर्मा, उप प्रबंधंक शिवपूजन तिवारी, अजय कुमार पाठक, सुधीर कुमार अग्रवाल, अशोक कुमार अग्रवाल, रोहित कुमार अग्रवाल, विजय कुमार मोदनवाल, सुधीर कुमार अग्रवाल, रामजी पांडेय, सरदार चरनजीत सिंह, योगेश कुमार वर्मा, राजकुमार वर्मा आनंद जी आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed