सुहवल। शारदीय नवरात्र के अवसर पर बवाड़ा के सुरसरी गंगाघाट से रविवार को कलश यात्रा के साथ नौ दिवसीय सतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा सुरसरी गंगा घाट से विभिन्न गांवों से होते हुए पुन: यज्ञ स्थल पहुंचकर समाप्त हो गई, जहां कलश को स्थापित किए गए। इस दौरान डीजे पर बजते गानों व धुन पर लोग नाच रहे थे। आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश सिंह ने बताया कि, बवाड़ा गांव के सुरसरी गंगा घाट से 108 कन्याओं ने सिर पर गंगा जल से कलश लेकर यात्रा की शुरुआत की। यह यात्रा सुरसरी गंगा घाट से शुरू होकर बवाडा, भीखीचौरा, सुजानपुर होते हुए दोबारा यज्ञ स्थल पर पहुंचकर समाप्त हो गई। इस यात्रा में पारंपरिक व पीले वस्त्र धारण किए श्रद्धालु के शेरावाली की जय के जयकारा से पूरा इलाका गुंजायमान हो गया। महायज्ञ 11 अक्तूबर से 19 तक चलेगा। 20 अक्तूबर को पूर्णाहुति के बाद भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। महायज्ञ के लिए अयोध्या के रामघाट से पहुंचे शिवदास महाराज पं. प्रदीप पांडेय, बहानंद मिश्र और अशोक कुमार पांडेय के सहयोग से पूजा-पाठ और यज्ञ का अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। इस मौके पर उमेश सिंह, सुशील सिंह, ओमप्रकाश यादव, शिवम खरवार, विनय सिंह आदि मौजूद रहे।