गाजीपुर। नौनिहालों की पढ़ाई को खेल-खेल में रोचक बनाने और उनकी रचनात्मक क्षमता विकसित करने के लिए जिले के 25 विद्यालयों में विशेष पहल की गई है। इन विद्यालयों में संचालित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिकाओं में बच्चों की शैक्षिक गतिविधियों के लिए प्रति विद्यालय दो हजार रुपये प्रतिमाह की दर से स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए जारी विभागीय निर्देशों के तहत बच्चों की उम्र और सीखने की जरूरतों को ध्यान में रखकर स्टेशनरी एवं शिक्षण सामग्री की खरीद की जाएगी। इसमें रंगीन पेंसिल, क्रेयॉन, स्केच पेन, चार्ट पेपर, रंग, पेंटिंग ब्रश, ए-4 कागज सहित अन्य उपयोगी सामग्री शामिल है। स्टेशनरी सामग्री के जरिये बच्चों को चित्रकारी, रंगों की पहचान, अक्षर ज्ञान और गिनती जैसी शुरुआती शैक्षिक गतिविधियां कराई जाएंगी। प्रति विद्यालय दो हजार रुपये प्रतिमाह की दर से 10 महीने में कुल 20 हजार रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है। इस हिसाब से जिले के 25 विद्यालयों के लिए सालाना कुल पांच लाख रुपये की धनराशि होगी। जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) सर्वजीत यादव ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है। इससे बाल वाटिका के बच्चों को नियमित रूप से आवश्यक स्टेशनरी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। विद्यालयों को निर्धारित धनराशि भेज दी गई है।