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अब हर क्षेत्र में सशक्त होंगी किशोरियां
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सुहवल। स्कूल न जाने वाली किशोरियों को भी अब शिक्षा के साथ ही सुविधा और पोषाहार मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें हर क्षेत्र में सशक्त बनाया जाएगा। यही नहीं किशोरियों का एक वीरांगना दल भी गठित किया जाएगा, जो आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में सहयोग करेंगी। इसमें एक किशोरी सखी जबकि दो किशोरी सहेलियां होंगी। केंद्र और प्रदेश सरकार शासन की ओर से एसएजी ( स्कीम फार एडोलसेंस गर्ल ) योजना लागू की जा रही है। जिसमें स्कूल न जाने वाली 11 से 14 वर्ष की किशोरियों को सुविधा एवं शिक्षा प्रदान करने के साथ ही उन्हें सशक्त बनाना है।
इस योजना को लेकर बाल विकास परियोजना कार्यालय पर आगंनबाडी कार्यकर्ताओं सहित विभागीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण सीडीपीओ माधुरी सिंह की ओर से दिया जा रहा है। जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन कौशल, परामर्श, सार्वजनिक सेवाएं, सहित दवाओं का वितरण, पोषाहार आदि के बारे में विस्तृत तरीके से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना को हर हाल में सफल बनाना है। बताया कि इस बीच युवतियों को स्वास्थ्य पोषण शिक्षा भी दिया जाएगा, जो केंद्र को सुचारू रूप से संचालन में मदद करने के साथ ही, बच्चों को केंद्र ले जाने लाने, टीकाकरण, पोषाहार वितरण आदि में मदद करना है। पंजीकृत स्कूल न आने वाली प्रत्येक किशोरी को उसी प्रकार पूरक आहार प्रदान किया जाएगा। योजना का मुख्य मकसद किशोरियों को शिक्षित और सशक्त बनाना है, ताकि वह आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बन सकें। उनके गृह आधारित कौशल और जीवन कौशल को सुधारना है। साथ ही समाजिक कानूनी मुद्दों एवं विद्यमान सार्वजनिक सेवाओं के बारे में जागरूक करना है। इस अवसर पर मुख्य सेविका कुमुद सिंह, उषा वर्मा, मंजू यादव, इंद्रावती, जननी, उषा देवी, पूनम आदि मौजूद थीं।
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इस योजना को लेकर बाल विकास परियोजना कार्यालय पर आगंनबाडी कार्यकर्ताओं सहित विभागीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण सीडीपीओ माधुरी सिंह की ओर से दिया जा रहा है। जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन कौशल, परामर्श, सार्वजनिक सेवाएं, सहित दवाओं का वितरण, पोषाहार आदि के बारे में विस्तृत तरीके से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना को हर हाल में सफल बनाना है। बताया कि इस बीच युवतियों को स्वास्थ्य पोषण शिक्षा भी दिया जाएगा, जो केंद्र को सुचारू रूप से संचालन में मदद करने के साथ ही, बच्चों को केंद्र ले जाने लाने, टीकाकरण, पोषाहार वितरण आदि में मदद करना है। पंजीकृत स्कूल न आने वाली प्रत्येक किशोरी को उसी प्रकार पूरक आहार प्रदान किया जाएगा। योजना का मुख्य मकसद किशोरियों को शिक्षित और सशक्त बनाना है, ताकि वह आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बन सकें। उनके गृह आधारित कौशल और जीवन कौशल को सुधारना है। साथ ही समाजिक कानूनी मुद्दों एवं विद्यमान सार्वजनिक सेवाओं के बारे में जागरूक करना है। इस अवसर पर मुख्य सेविका कुमुद सिंह, उषा वर्मा, मंजू यादव, इंद्रावती, जननी, उषा देवी, पूनम आदि मौजूद थीं।
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