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बुद्ध ने संपूर्ण मानव समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया
Updated Mon, 30 Apr 2018 11:52 PM IST
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देवकली(गाजीपुर)। पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा ने कहा कि विश्व के 56 देशों में बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं। तथागत गौतम बुद्ध का जन्म उस समय हुआ था जब समाज में ऊंच-नीच, विषमता, रुढ़िवादिता, अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियां चरम सीमा पर व्याप्त थीं। यह बातें उन्होंने अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा तहसील कार्यालय सैदपुर में आयोजित बुद्ध जयंती समारोह में सोमवार को कही।
श्री कुशवाहा ने कहा कि महामानव गौतम बुद्ध ने अपने उपदेश के माध्यम से संपूर्ण मानव समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। उनके विचारों एवं उपदेशों पर चल कर संपूर्ण विश्व को एक सूत्र में बांधा जा सकता है। पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा ने कहा कि महामानव गौतम बुद्ध का जन्म 563 ई. पूर्व कपिलवस्तु के पास लुम्बिनी नामक स्थान पर हुआ था। उन्होंने 29 वर्ष की उम्र में घर छोड़ दिया। बोधगया में उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ। उन्होंने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया। देवनाथ कुशवाहा एवं रंगजी कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन जात, पात, ऊंच-नीच, पाखंडवाद को समाप्त करने में लगा दिया। कार्यक्रम के आरंभ में अशोक कुमार कुशवाहा, नरेंद्र, वीरेंद्र, प्रमोद, सुरेंद्र, रामजी, रमाशंकर, रामवृक्ष, उर्मिला कुशवाहा, सीताराम कुशवाहा, डा. प्रभुनाथ कुशवाहा, अजय, जामवंत, लौटन, संजय, रणधीर, शिवमूरत, बेचन, हरिलाल, चंद्रभान, मुखलाल, शंभू, अनिल कुशवाहा, गोपाल कुशवाहा, मोहन कुशवाहा, डा. शिवकुमार आदि ने महामानव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। संचालन संगठन मंत्री राजपति ने किया। अंत में तहसील महामंत्री अशोक कुमार कुशवाहा ने आए हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्री कुशवाहा ने कहा कि महामानव गौतम बुद्ध ने अपने उपदेश के माध्यम से संपूर्ण मानव समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। उनके विचारों एवं उपदेशों पर चल कर संपूर्ण विश्व को एक सूत्र में बांधा जा सकता है। पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा ने कहा कि महामानव गौतम बुद्ध का जन्म 563 ई. पूर्व कपिलवस्तु के पास लुम्बिनी नामक स्थान पर हुआ था। उन्होंने 29 वर्ष की उम्र में घर छोड़ दिया। बोधगया में उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ। उन्होंने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया। देवनाथ कुशवाहा एवं रंगजी कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन जात, पात, ऊंच-नीच, पाखंडवाद को समाप्त करने में लगा दिया। कार्यक्रम के आरंभ में अशोक कुमार कुशवाहा, नरेंद्र, वीरेंद्र, प्रमोद, सुरेंद्र, रामजी, रमाशंकर, रामवृक्ष, उर्मिला कुशवाहा, सीताराम कुशवाहा, डा. प्रभुनाथ कुशवाहा, अजय, जामवंत, लौटन, संजय, रणधीर, शिवमूरत, बेचन, हरिलाल, चंद्रभान, मुखलाल, शंभू, अनिल कुशवाहा, गोपाल कुशवाहा, मोहन कुशवाहा, डा. शिवकुमार आदि ने महामानव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। संचालन संगठन मंत्री राजपति ने किया। अंत में तहसील महामंत्री अशोक कुमार कुशवाहा ने आए हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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