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अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से हमेशा जीवित रहेंगे अंतूराम
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:17 AM IST
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सैदपुर (गाजीपुर)। भाजपा नेता अविनाश चंद्र बरनवाल ने कहा कि समाज में मातृभूमि के सम्मान के लिए संघर्ष और उत्सर्ग करने वाले हमेशा सम्मान से याद किए जाएंगे। देश की आजादी की लड़ाई से सामाजिक हितों के लिए लड़ने वाले अंतूराम की यादें समाज में लोगों को प्रेरणा देते हुए गौरवान्वित करती रहेंगी। यह बातें रविवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अंतू राम जायसवाल की 28वीं पुण्यतिथि पर नगर स्थित दयानंद बाल मंदिर विद्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उन्होंने बतौर मुख्य अतिथि कही।
उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था से ही उनके भीतर देश को आजाद कराने का जज्बा था। 11 वर्ष की उम्र से ही वह अंग्रेजों के खिलाफ समाचार प्रकाशित करने वाले समाचार पत्रों को घर-घर तक पहुंचाने लगे। सेवानिवृत्त प्रवक्ता राजेंद्र पांडेय ने कहा कि अंतूराम की सादगी का कोई जवाब नहीं था। आजाद देश में भी उन्होंने कई सामाजिक संस्थाओं को गतिशील किया। उनके अंदर कभी भी पद लेने की इच्छा नहीं थी। वह स्वतंत्र रहते हुए देश की सेवा करना चाहते थे। सभासद ब्रजेश जायसवाल ने कहा कि देश को आजाद कराने वाले इस सेनानी को नगर ही नहीं जनपद सम्मान से याद करता है यह सैदपुर के लोगों के लिए गौरव की बात है। उनके नाम पर नगर में कोई सड़क या किसी विशेष स्थल का नाम रख कर उनके योगदान को स्मृतियों में बनाए रखने की पहल होनी चाहिए। उत्तम चौरसिया ने कहा कि अंतूराम अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व से हमेशा जीवित रहेंगे। विद्या विनोद पाठक ने कहा कि अंतूराम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के करीबी थे। जब भी इंदिरा गांधी गाजीपुर में आती थीं, उनसे मुलाकात जरूर करती थीं। इस मौके पर बद्रीप्रसाद शर्मा, इंद्रसेन सिंह, वीरेंद्र जायसवाल, विनीत जायसवाल, संजय जायसवाल, पंकज श्रीवास्तव, बिकास बरनवाल, राकेश सिंह, संतोष गुप्ता, दुर्गेश जायसवाल, ओमकार जायसवाल, मेराज अहमद, सुनील यादव, दुर्गेश जायसवाल, किशुनचंद जायसवाल, हिमांशू सोनी आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता लक्ष्मीनारायण सिंह, संचालन सेनानी के पौत्र राकेश जायसवाल एवं आभार सेनानी के पौत्र रत्नेश जायसवाल ने प्रकट किया।
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उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था से ही उनके भीतर देश को आजाद कराने का जज्बा था। 11 वर्ष की उम्र से ही वह अंग्रेजों के खिलाफ समाचार प्रकाशित करने वाले समाचार पत्रों को घर-घर तक पहुंचाने लगे। सेवानिवृत्त प्रवक्ता राजेंद्र पांडेय ने कहा कि अंतूराम की सादगी का कोई जवाब नहीं था। आजाद देश में भी उन्होंने कई सामाजिक संस्थाओं को गतिशील किया। उनके अंदर कभी भी पद लेने की इच्छा नहीं थी। वह स्वतंत्र रहते हुए देश की सेवा करना चाहते थे। सभासद ब्रजेश जायसवाल ने कहा कि देश को आजाद कराने वाले इस सेनानी को नगर ही नहीं जनपद सम्मान से याद करता है यह सैदपुर के लोगों के लिए गौरव की बात है। उनके नाम पर नगर में कोई सड़क या किसी विशेष स्थल का नाम रख कर उनके योगदान को स्मृतियों में बनाए रखने की पहल होनी चाहिए। उत्तम चौरसिया ने कहा कि अंतूराम अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व से हमेशा जीवित रहेंगे। विद्या विनोद पाठक ने कहा कि अंतूराम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के करीबी थे। जब भी इंदिरा गांधी गाजीपुर में आती थीं, उनसे मुलाकात जरूर करती थीं। इस मौके पर बद्रीप्रसाद शर्मा, इंद्रसेन सिंह, वीरेंद्र जायसवाल, विनीत जायसवाल, संजय जायसवाल, पंकज श्रीवास्तव, बिकास बरनवाल, राकेश सिंह, संतोष गुप्ता, दुर्गेश जायसवाल, ओमकार जायसवाल, मेराज अहमद, सुनील यादव, दुर्गेश जायसवाल, किशुनचंद जायसवाल, हिमांशू सोनी आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता लक्ष्मीनारायण सिंह, संचालन सेनानी के पौत्र राकेश जायसवाल एवं आभार सेनानी के पौत्र रत्नेश जायसवाल ने प्रकट किया।
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