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खौफ ऐसा कि छात्राओं ने छोड़ दी गांव की मुख्य सड़क
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:57 PM IST
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दिलदारनगर (गाजीपुर)। सपनों को पंख लगाने में कोई रोड़ा न बन जाए इसके लिए बहुअरा गांव की छात्राओं ने विद्यालय जाने के लिए मुख्य सड़क से आना जाना बंद कर दिया है। घटना के बाद भय और दहशत के बीच अपनी पढ़ाई को पूरा करने के लिए अब छात्राएं समूह बनाकर गांव के दूसरे रास्ते से विद्यालय आ-जा रही है लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक सुरक्षा की कोई व्यवस्था मार्गों पर नहीं की गई है।
गांव से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुश स्मारक बालिका विद्यालय जाने के लिए छात्राएं दिलदारनगर-जमानिया से कटे लिंक मार्ग से होकर आती जाती थीं। छात्रा अर्चना की हुई निर्मम हत्या के बाद छात्राओं में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। इस हत्याकांड से भयभीत गांव की छात्राएं विद्यालय जाने के लिए दिलदारनगर-नगसर मुख्य मार्ग से कटे गांव के लिए आने वाले लिंक मार्ग से आना-जाना अब मुनासिब समझ रही हैं। छात्राओं के बीच दहशत के माहौल के बाद भी पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से ग्रामीण अब उसकी कार्यप्रणाली पर उंगली उठाने लगे हैं। वजह घटना के पांच दिन बाद भी घूम रहे दो हत्यारोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। सच्चाई तो यह है कि पुलिस अभी तक उनके ठिकानों का पता भी नहीं लगा सकी। घटना के बाद पीड़ित परिवार को मिली धमकी के बाद छात्राओं और उनके अभिभावकों में और भी दहशत का माहौल व्याप्त हो चुका है।
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गांव से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुश स्मारक बालिका विद्यालय जाने के लिए छात्राएं दिलदारनगर-जमानिया से कटे लिंक मार्ग से होकर आती जाती थीं। छात्रा अर्चना की हुई निर्मम हत्या के बाद छात्राओं में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। इस हत्याकांड से भयभीत गांव की छात्राएं विद्यालय जाने के लिए दिलदारनगर-नगसर मुख्य मार्ग से कटे गांव के लिए आने वाले लिंक मार्ग से आना-जाना अब मुनासिब समझ रही हैं। छात्राओं के बीच दहशत के माहौल के बाद भी पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से ग्रामीण अब उसकी कार्यप्रणाली पर उंगली उठाने लगे हैं। वजह घटना के पांच दिन बाद भी घूम रहे दो हत्यारोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। सच्चाई तो यह है कि पुलिस अभी तक उनके ठिकानों का पता भी नहीं लगा सकी। घटना के बाद पीड़ित परिवार को मिली धमकी के बाद छात्राओं और उनके अभिभावकों में और भी दहशत का माहौल व्याप्त हो चुका है।
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