{"_id":"5988a75f4f1c1b9d3d8b45ab","slug":"101502127967-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा में समाई पांच बिस्वा जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा में समाई पांच बिस्वा जमीन
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करंडा (गाजीपुर)। विकासखंड क्षेत्र के रफीपुर और बड़हरिया में कटान का कहर थम नहीं रहा है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने से भोर से कई जगहों पर रूक-रूक कर कटान होती रही। सोमवार को इन गांवों की करीब पांच बिस्वा जमीन गंगा में समा गई। कटान जारी रहने तथा शासन-प्रशासन के उदासीन रवैए से किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि पानी बढ़ने की दशा में कटान और कहर बरपाएगी।
जिले के मुहम्मदाबाद, जमानिया एवं करंडा ब्लाक क्षेत्र में हर वर्ष कटान की समस्या पैदा होती हैै।
करंडा ब्लाक क्षेत्र के रफीपुर, बड़हरिया, सोकनी एवं बयेपुर गांव में पिछले दिनों कटान का कहर शुरू हुआ जो अभी तक बना हुआ है। क्षेत्र के बड़हरिया एवं रफीपुर में पानी बढ़ने से भोर से लगभग पांच बिस्वा भूमि गंगा में समाहित हो गई। कटान का कहर जारी रहने से नदी के तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की नींद उड़ी हुई है। उनका कहना है कि कई दिनों से कटान जारी है लेकिन किसी स्तर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शासन-प्रशासन कटान पीड़ितों की समस्या को लेकर उदासीन है। हर वर्ष इस प्राकृतिक आपदा के होने के बाद भी कटान रोकने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। अनदेखी होने से कटान पीड़ितों में रोष है। आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर में वृद्धि से कटान का कहर और बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। पीड़ितों ने शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है।
विज्ञापन
जिले के मुहम्मदाबाद, जमानिया एवं करंडा ब्लाक क्षेत्र में हर वर्ष कटान की समस्या पैदा होती हैै।
करंडा ब्लाक क्षेत्र के रफीपुर, बड़हरिया, सोकनी एवं बयेपुर गांव में पिछले दिनों कटान का कहर शुरू हुआ जो अभी तक बना हुआ है। क्षेत्र के बड़हरिया एवं रफीपुर में पानी बढ़ने से भोर से लगभग पांच बिस्वा भूमि गंगा में समाहित हो गई। कटान का कहर जारी रहने से नदी के तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की नींद उड़ी हुई है। उनका कहना है कि कई दिनों से कटान जारी है लेकिन किसी स्तर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शासन-प्रशासन कटान पीड़ितों की समस्या को लेकर उदासीन है। हर वर्ष इस प्राकृतिक आपदा के होने के बाद भी कटान रोकने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। अनदेखी होने से कटान पीड़ितों में रोष है। आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर में वृद्धि से कटान का कहर और बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। पीड़ितों ने शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है।
विज्ञापन