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साढ़े चार लाख गैस उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ेगी मुसीबत
Ghaziabad
Updated Sun, 12 Jan 2014 05:49 AM IST
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वार्ता विफल, गैस वितरकों की हड़ताल पर मुहर
19 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल
गाजियाबाद। केंद्र सरकार द्वारा मार्केंटिंग डिसप्लेनरी गाइडलाइंस (एमडीजी) के विरोध में गैस वितरक 19 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। गैस कंपनियाें और वितरकों के बीच वार्ता विफल हो चुकी है। हड़ताल होगी तो शहर के साढ़े चार लाख से अधिक गैस उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ेगी। फिलहाल अभी उपभोक्ता एडवांस में गैस बुक करा रहे हैं। उन्हें डर है कि यदि हड़ताल लंबी खींची तो मुसीबत बढ़ सकती है।
वर्तमान में गैस की सप्लाई कम हो रही है। जिसके कारण बैकलॉग तीन से पांच दिन का चल रहा है। डिस्ट्रिक्ट एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष ईरेश कुमार ने बताया कि सरकार की नई गाइड लाइंस में वितरकों का उत्पीड़न बढ़ेगा। गैस कंपनियां जबरदस्ती दबाव बनाएंगी और वितरकों का कमीशन काटा जाएगा। पूर्व में गैस कंपनियाें से हुई वार्ता विफल हो चुकी है। अब दोबारा से 15 जनवरी को अंतिम वार्ता होगी। यदि इस बार भी कंपनी अड़ी रहती है तो 19 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।
बढ़ेगा बैकलॉग : शहर में 44 गैस एजेंसियां हैं। जिसमें करीब साढ़े चार लाख उपभोक्ता है। इन एजेंसियाें में प्रतिदिन 12 से 13 हजार के बीच सिलेंडराें की सप्लाई होती है। यदि हड़ताल हुई को ग्राहकों को सिलेंडर नहीं मिल पाएंगे। मान लिया जाए कि हड़ताल तीन दिन चलती है तो करीब 45 हजार से ज्यादा उपभोक्ता जिन्हाेंने बुकिंग के बाद सिलेंडर मिलना चाहिए वह नहीं मिल पाएंगे। यदि हड़ताल लंबी खींची तो बैकलॉग और बढ़ेगा जिसे पूरा करने में हफ्ताें लग जाएंगे।
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19 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल
गाजियाबाद। केंद्र सरकार द्वारा मार्केंटिंग डिसप्लेनरी गाइडलाइंस (एमडीजी) के विरोध में गैस वितरक 19 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। गैस कंपनियाें और वितरकों के बीच वार्ता विफल हो चुकी है। हड़ताल होगी तो शहर के साढ़े चार लाख से अधिक गैस उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ेगी। फिलहाल अभी उपभोक्ता एडवांस में गैस बुक करा रहे हैं। उन्हें डर है कि यदि हड़ताल लंबी खींची तो मुसीबत बढ़ सकती है।
वर्तमान में गैस की सप्लाई कम हो रही है। जिसके कारण बैकलॉग तीन से पांच दिन का चल रहा है। डिस्ट्रिक्ट एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष ईरेश कुमार ने बताया कि सरकार की नई गाइड लाइंस में वितरकों का उत्पीड़न बढ़ेगा। गैस कंपनियां जबरदस्ती दबाव बनाएंगी और वितरकों का कमीशन काटा जाएगा। पूर्व में गैस कंपनियाें से हुई वार्ता विफल हो चुकी है। अब दोबारा से 15 जनवरी को अंतिम वार्ता होगी। यदि इस बार भी कंपनी अड़ी रहती है तो 19 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।
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बढ़ेगा बैकलॉग : शहर में 44 गैस एजेंसियां हैं। जिसमें करीब साढ़े चार लाख उपभोक्ता है। इन एजेंसियाें में प्रतिदिन 12 से 13 हजार के बीच सिलेंडराें की सप्लाई होती है। यदि हड़ताल हुई को ग्राहकों को सिलेंडर नहीं मिल पाएंगे। मान लिया जाए कि हड़ताल तीन दिन चलती है तो करीब 45 हजार से ज्यादा उपभोक्ता जिन्हाेंने बुकिंग के बाद सिलेंडर मिलना चाहिए वह नहीं मिल पाएंगे। यदि हड़ताल लंबी खींची तो बैकलॉग और बढ़ेगा जिसे पूरा करने में हफ्ताें लग जाएंगे।
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