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गाजियाबाद में नई फैक्ट्रियां लगाने पर रोक
Ghaziabad
Updated Tue, 06 Nov 2012 12:00 PM IST
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साहिबाबाद। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गाजियाबाद में कुछ खास तरह की औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने पर रोक लगा दी है। एनजीटी ने आदेश दिया है कि उनकी अग्रिम अनुमति के बगैर रेड और आरेंज श्रेणी में आनेवाली कोई भी नई और पुरानी फैक्ट्री नहीं चल सकती। ये फैसला गाजियाबाद में खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके प्रदूषण स्तर को के कारण लिया गया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को क्षेत्र में सभी औद्योगिक इकाइयों की संख्या, प्रदूषण के आंकडे़, भूजल के आंकड़ों से साथ प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट के साथ 12 दिसंबर को सुनवाई के लिए बुलाया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम ने दो नवंबर की सुनवाई में जवाब पेश करने के लिए कुछ समय मांगा था। एनजीटी की प्रिंसिपल ब्रांच के एक्सपर्ट मेंबर डा. जीके पांडे और एक्टिंग चेयरमैन जस्टिस एएस नायडू ने दोनों पक्षों को जवाब देने के लिए 12 दिसंबर की तारीख तय की है। एनजीटी ने कहा कि गाजियाबाद में भूजल और वातावरण में प्रदूषण का स्तर खतरनाक हालात तक पहुंच चुका है। जीटीबी के मुताबिक गाजियाबाद में प्रदूषण का इंडेक्स 70 फीसदी तक पहुंच चुका है। सेहत के लिहाज से यह हालात बेहद खतरनाक हैं।
क्या हैं रेड और आरेंज श्रेणी
रेड श्रेणी-कार्बन ब्लैक, क्रूड ऑयल रिफायनिरिंग, पेट्रोलियम जेली, फ्यूल आयल बर्निंग, इंडस्ट्रियल अल्कोहल, पेंट, वानिश, सीमेंट, एक्सप्लोसिव, एम्यूनिशन, फर्टिलाइजर, इनआर्गेनिक केमिकल इंडस्ट्री, लेदर आदि।
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ऑरेंज श्रेणी-ऑटोमोबाइल एनकास्टिंग, एसिड, केमिकल, एल्युमीनियम, इलेक्ट्रिकल मोटर, ट्रांसफार्मर, प्लास्टिक, एक्सरे, रंगाई फैक्ट्री आदि।
इन पर रोक नहीं ः ग्रीन श्रेणी- अगरबत्ती, बिस्कुट, केक, बटन, कैंडल, बैट, कैनवास, पेपर मशीन फैक्ट्री आदि।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम ने दो नवंबर की सुनवाई में जवाब पेश करने के लिए कुछ समय मांगा था। एनजीटी की प्रिंसिपल ब्रांच के एक्सपर्ट मेंबर डा. जीके पांडे और एक्टिंग चेयरमैन जस्टिस एएस नायडू ने दोनों पक्षों को जवाब देने के लिए 12 दिसंबर की तारीख तय की है। एनजीटी ने कहा कि गाजियाबाद में भूजल और वातावरण में प्रदूषण का स्तर खतरनाक हालात तक पहुंच चुका है। जीटीबी के मुताबिक गाजियाबाद में प्रदूषण का इंडेक्स 70 फीसदी तक पहुंच चुका है। सेहत के लिहाज से यह हालात बेहद खतरनाक हैं।
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क्या हैं रेड और आरेंज श्रेणी
रेड श्रेणी-कार्बन ब्लैक, क्रूड ऑयल रिफायनिरिंग, पेट्रोलियम जेली, फ्यूल आयल बर्निंग, इंडस्ट्रियल अल्कोहल, पेंट, वानिश, सीमेंट, एक्सप्लोसिव, एम्यूनिशन, फर्टिलाइजर, इनआर्गेनिक केमिकल इंडस्ट्री, लेदर आदि।
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ऑरेंज श्रेणी-ऑटोमोबाइल एनकास्टिंग, एसिड, केमिकल, एल्युमीनियम, इलेक्ट्रिकल मोटर, ट्रांसफार्मर, प्लास्टिक, एक्सरे, रंगाई फैक्ट्री आदि।
इन पर रोक नहीं ः ग्रीन श्रेणी- अगरबत्ती, बिस्कुट, केक, बटन, कैंडल, बैट, कैनवास, पेपर मशीन फैक्ट्री आदि।