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Firozabad News: युवक से दस लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी
Sun, 23 Nov 2025 11:32 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 23 Nov 2025 11:32 PM IST
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सांकेतिक
- फोटो : सांकेतिक
फिरोजाबाद। थाना रसूलपुर क्षेत्र के मोहल्ला शेख लतीफ निवासी व्यक्ति ने दस लाख की ऑनलाइन ठगी का शिकार होने की प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।
शेखलतीफ निवासी तनवीर अहमद ने थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि व्हाट्सएप ग्रुपों और ऑनलाइन निवेश के माध्यम से एक गंभीर धोखाधड़ी की गई है। पीड़ित ने कहा कि व्हाट्स एप ग्रुप की एडमिन अदिविका शर्मा और राकेश जैन है। एक नंबर से व्हाट्स एप पर एक लिंक भेज ग्रुप से जोड़ लिया गया था। ग्रुप में खरीद-फरोख्त और मुनाफे के नकली प्रमाण दिखाकर निवेश को प्रेरित किया। कुछ दिन बाद पीड़ित को एक दूसरे ग्रुप और फिर कस्टमर केयर के नाम से तीसरे ग्रुप में शामिल किया गया। इन लोगों ने एक मोबाइल एप के माध्यम से आधार कार्ड स्कैन करवाकर फर्जी रजिस्ट्रेशन कर लिया था। इनके अलग- अलग बैंक खातों में कई बार रकम जमा कराई गई। सभी ट्रांजेक्शन की रसीदें एवं विवरण उसके पास सुरक्षित है। आईपीओ लिस्टिंग तक वे मूल पर लगातार पैसे जमा करने का दबाव बनाते रहे। भुगतान करने से इनकार पर ब्लॉक करने, रजिस्ट्रेशन हटाने और शेयर को किसी चैरिटी को दे देने की धमकी दी गई। धोखाधड़ी से संबंधित विवरण सुरक्षित है। पीड़ित के साथ करीब 10 लाख रुपये की ठगी की गई है। इस संंबंध में थाना प्रभारी रसूलपुर प्रदीप कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच करके आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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शेखलतीफ निवासी तनवीर अहमद ने थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि व्हाट्सएप ग्रुपों और ऑनलाइन निवेश के माध्यम से एक गंभीर धोखाधड़ी की गई है। पीड़ित ने कहा कि व्हाट्स एप ग्रुप की एडमिन अदिविका शर्मा और राकेश जैन है। एक नंबर से व्हाट्स एप पर एक लिंक भेज ग्रुप से जोड़ लिया गया था। ग्रुप में खरीद-फरोख्त और मुनाफे के नकली प्रमाण दिखाकर निवेश को प्रेरित किया। कुछ दिन बाद पीड़ित को एक दूसरे ग्रुप और फिर कस्टमर केयर के नाम से तीसरे ग्रुप में शामिल किया गया। इन लोगों ने एक मोबाइल एप के माध्यम से आधार कार्ड स्कैन करवाकर फर्जी रजिस्ट्रेशन कर लिया था। इनके अलग- अलग बैंक खातों में कई बार रकम जमा कराई गई। सभी ट्रांजेक्शन की रसीदें एवं विवरण उसके पास सुरक्षित है। आईपीओ लिस्टिंग तक वे मूल पर लगातार पैसे जमा करने का दबाव बनाते रहे। भुगतान करने से इनकार पर ब्लॉक करने, रजिस्ट्रेशन हटाने और शेयर को किसी चैरिटी को दे देने की धमकी दी गई। धोखाधड़ी से संबंधित विवरण सुरक्षित है। पीड़ित के साथ करीब 10 लाख रुपये की ठगी की गई है। इस संंबंध में थाना प्रभारी रसूलपुर प्रदीप कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच करके आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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