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यादव सिंह की ससुराल में लटक रहा ताला
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 04 Feb 2016 07:40 PM IST
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करोड़ों की संपत्ति के बारे-न्यारे करने वाले नोएडा प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसकी मोहल्ला दुली स्थित ससुराल में भी सन्नाटा दिखा। ससुरालीजनों के घर पर भी ताला लटका दिखाई दिया। मोहल्ले की महिलाएं व युवक जरूर गिरफ्तारी होने की चर्चाएं करते दिखाई दिए।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की गिरफ्तारी के बाद जिले में चर्चाओं को बाजार गरम है। यादव सिंह की मोहल्ला दुली स्थित ससुराल वाले मकान में भले ही ताला लटका हुआ था लेकिन मोहल्ले में उसकी गिरफ्तारी की चर्चाएं होती दिखाई दीं। बाहरी व्यक्ति के आने पर लोग चुप हो जाते थे। काफी टटोलने पर एक महिला का कहना था कि मकान तो हमेशा खाली ही पड़ा रहता है सिर्फ कभी-कभार सुरेश के परिवार के ही कुछ लोग आ जाते हैं। मोहल्ले के नागरिकों ने बताया यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता का अपने मायके में आना-जाना रहता था। समाज की कई गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद करने में वह पीछे नहीं रहीं। अधिकांश लोग बुआ को शादी का कार्ड अवश्य भेजते थे ताकि कुछ शादी में मदद मिल जाए। कई गरीब बालिकाओं की शादी खुद ही कराई, लेकिन करोड़ों की काली कमाई के उजागर होने के बाद कुसुमलता या फिर उनके परिवार का यहां कोई भी व्यक्ति नहीं आया। सुरेशचंद्र की साढ़े तीन वर्ष पूर्व मौत के बाद उनके परिवार का कोई व्यक्ति मोहल्ले में ही नहीं रहता है। परिवार के अधिकांश सदस्य दिल्ली, नोएडा में रहकर कारोबार करते हैं।
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नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की गिरफ्तारी के बाद जिले में चर्चाओं को बाजार गरम है। यादव सिंह की मोहल्ला दुली स्थित ससुराल वाले मकान में भले ही ताला लटका हुआ था लेकिन मोहल्ले में उसकी गिरफ्तारी की चर्चाएं होती दिखाई दीं। बाहरी व्यक्ति के आने पर लोग चुप हो जाते थे। काफी टटोलने पर एक महिला का कहना था कि मकान तो हमेशा खाली ही पड़ा रहता है सिर्फ कभी-कभार सुरेश के परिवार के ही कुछ लोग आ जाते हैं। मोहल्ले के नागरिकों ने बताया यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता का अपने मायके में आना-जाना रहता था। समाज की कई गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद करने में वह पीछे नहीं रहीं। अधिकांश लोग बुआ को शादी का कार्ड अवश्य भेजते थे ताकि कुछ शादी में मदद मिल जाए। कई गरीब बालिकाओं की शादी खुद ही कराई, लेकिन करोड़ों की काली कमाई के उजागर होने के बाद कुसुमलता या फिर उनके परिवार का यहां कोई भी व्यक्ति नहीं आया। सुरेशचंद्र की साढ़े तीन वर्ष पूर्व मौत के बाद उनके परिवार का कोई व्यक्ति मोहल्ले में ही नहीं रहता है। परिवार के अधिकांश सदस्य दिल्ली, नोएडा में रहकर कारोबार करते हैं।
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