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वित्तीय वर्ष के समापन पर हर दफ्तर में काम का बोझ

ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Tue, 31 Mar 2015 11:20 PM IST
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Workload at each office at the conclusion of the financial year

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 वित्तीय वर्ष 2014-15 के अंतिम दिन सुबह से ही सभी का ध्यान बजट पर था। मनरेगा, लोहिया आवास, पीडब्ल्यूडी, आरईएस के साथ अन्य विभागों में काम अंतिम समय तक चलता रहा। त्वरित आर्थिक विकास योजना में बजट और मुख्यमंत्री की घोषणा वाली स्कीमों पर नजरें टिकी थी। नगर निगम, निकाय के बजट को किसी तरह से खर्च करने की मशक्कत करते ही दिखाई दिए। विकास भवन, कलक्ट्रेट के साथ कार्यालयों व बैंकों में हर चेहरे पर काम का बोझ दिखा। एसबीआई की मैन ब्रांच में जनता का काम निपटाया।
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एक बजे तक खुला कोषाधिकारी कार्यालय
दोपहर 1.45 बजे वरिष्ठ कोषाधिकारी पुष्पराज की सीट खाली थी। वह अंदर कक्ष में किसी बिल पर स्टाफ से मंथन कर रहे थे। उन्होंने रात को आने वाले बिल वाउचरों को कैसे पास करना है यह समझाया। कार्यालय कक्ष में भारत सिंह, स्टाफ कंप्यूटर पर सिर्फ बिलों को ही पास करने में जुटे थे। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने इतना कहा कि करोड़ों रुपये का भुगतान होगा। टोटल होना काफी मुश्किल होगा, इसकी बजह काम का लोड है। वहां रात एक बजे तक काम को निपटाया गया।


मनरेगा सेल को 4.41 करोड़ बजट का इंतजार
दोपहर 2.10 बजे विकास भवन मनरेगा सेल में डीसी मनरेगा रमेशचंद्र, एपीओ प्रवीन एवं दोहरे व मुश्ताक बोले प्रगति ठीक है। लेकिन चिंता यही कि मनरेगा सैल में धनराशि समाप्त होने से 441.93 लाख का भुगतान अटक गया। साइट को बार-बार खोलकर वह बजट आने का इंतजार कर रहे थे। 37 करोड़ के बजट में 32 करोड़ से अधिक धनराशि खर्च करके प्रदेश का नाम गिने-चुने जिले में शामिल हो गया। 29800 के करीब परिवारों को काम देना था लेकिन तीस हजार से ऊपर को दे डाला। डीडीओ एवं डीपीआरओ कार्यालय में काम का बोझ ही नहीं दिखा। लंच में चाय की चुस्कियां व नास्ता चल रहा था।

पेंशन के लिए भागदौड़
दोपहर 2.15 बजे विकास भवन के समाज कल्याण कार्यालय के बाहर भीड़ दिखी। अधिकांश महिलाएं थी, उनके पास पेंशन के फार्म थे। शिकायत की अभी तक पेंशन नहीं आई है। कक्ष में बैठा लिपिक भीड़ बढ़ते देख डीडीओ कार्यालय की ओर भागा तो महिलाएं उसके पीछे दौड़ लीं। एक महिला तो पैरों में गिर गई किसी तरह बाबू ने उसे समझाया।

आयकर विभाग में दिखा काम का बोझ
दोपहर के ठीक तीन बजे थे, आयकर के कांता पैलेस स्थित कार्यालय में काम का बोझ दिखाई दिया। स्टाफ फाइलों पर फाइलें निपटाने में जुटा था। अपर आयकर आयुक्त एसएल मौर्या, डिप्टी कमिश्नर अमित शुक्ला, आयकर अधिकारी कन्हाई कुलश्रेष्ठ, हरिओम सिंह, अजय दुबे एवं विजय नरायन व अन्य स्टाफ काम खत्म करने में लगा था।

अधिवक्ता भी दिखाई दिए व्यस्त
इनकम टैक्स, ट्रेड टैक्स के वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेशचंद्र जैन 31 मार्च को व्यस्त दिखाई दिए। काम का बोझ अधिक होने के कारण बेटा कुलदीप मीत्तल एडवोकेट एवं पौत्र निखिल मीत्तल का भी सहयोग लिया। बोले कि अंतिम दिन में काम अधिक रहता है। टैक्स जमा नहीं करने वाले क्लाइंट इसी दिन आते हैं, इसके कारण देर रात्रि तक ऑन लाइन काम निपटाएंगे। ऑनलाइन सिस्टम से काफी राहत मिली है।

बैंक के काउंटरों से लेकर मैनेजर कक्ष तक में भीड़
दोपहर 3.30 बजे एसबीआई मैन ब्रांच में उपभोक्ताओं की लंबी कतार काउंटरों पर लगी दिखाई दी। चीफ मैनेजर सुरजीत सिंह खुद ही भीड़ से घिरे थे। अलग काउंटर पर चालान फार्म जमा किए जा रहे थे। चीफ मैनेजर ने कहा कि बैंक में देर रात्रि तक काम चलेगा। सरकारी काम का बोझ अधिक है।

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