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श्रमिकों ने भरी सड़कों पर हुंकार
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:08 PM IST
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एएलसी कार्यालय पर श्रमिकों ने प्रदर्शन किया
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भीषण गर्मी में दहकती भट्ठियों के सामने दिन-रात पसीना बहाने के बावजूद श्रमिकों को समय पर मानदेय भी नहीं मिल रहा है। सेवायोजकों द्वारा सुनवाई न करने पर भड़के दो दर्जन से अधिक कारखानों के श्रमिकों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। दर्जनों की संख्या में श्रमिक सहायक श्रमायुक्त कार्यालय पहुंच गए और सेवायोजकों के खिलाफ नारेबाजी की।
सुहागनगरी में कार्यरत लाखों श्रमिकों को सेवायोजकों द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। सेवायोजकों द्वारा कारखानों में श्रमिकों से जबरन 9-10 घंटे तक कार्य कराया जा रहा है। इसके बावजूद समय पर मजदूरी नहीं दी जा रही है। कई कारखानों में फरवरी माह की मजदूरी भी श्रमिकों को नहीं मिली है। ऐसे में श्रमिकों में सेवायोजकों के खिलाफ आक्रोश था। आक्रोशित श्रमिक सोमवार को सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते दो दर्जन से अधिक श्रमिक बिना सूचना के कार्य छोड़कर चले गए। इसके बाद श्रमिक प्रात: करीब 9 बजे महावीर नगर स्थित कांच उद्योग क्रांतिकारी मजदूर संघ कार्यालय पर पहुंचे। यहां श्रमिक नेता भूरी सिंह यादव को अपनी समस्या बताई। श्रमिक नेता भूरी सिंह यादव के नेतृत्व में श्रमिक एकत्रित होकर लेबर कालोनी स्थित सहायक श्रमायुक्त कार्यालय पहुंचे। नारेबाजी करते हुए श्रमिकों ने कहा कि सेवायोजकों द्वारा जबरन निर्धारित से दो घंटे अधिक कार्य कराया जा रहा है। इसके बावजूद समय पर मजदूरी नहीं दी जा रही है। ऐसे में परिवार का भरण पोषण कैसे किया जाए?
बाक्स--
इन कारखानों में बंद हुआ काम
क्वालिटी ग्लास, एडवांस ग्लास, उमा ग्लास, श्याम ग्लास, वैभव ग्लास, क्राउन ग्लास, जगदंबा ग्लास, फीरोजाबाद ब्लाक ग्लास, फीरोजाबाद सिरेमिक ग्लास, रचना इंडस्ट्रीज, एस.गोपाल ग्लास, मित्तल सिरेमिक ग्लास, ओम ग्लास, मीरा ग्लास, पूजा ग्लास, न्यू आनंद ग्लास, पायनियर ग्लास, मक्खनपुर स्थित सीताराम ग्लास, ओके ग्लास तथा बंसल ग्लास।
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ठेकेदार की मनमानी से श्रमिकों में आक्रोश
कारखानों में कार्यरत लाखों श्रमिक सेवायोजकों और ठेकेदारों की मनमानी से त्रस्त हैं। ठेकेदार श्रमिकों का हर स्तर पर शोषण किया जाता है। श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित मानदेय नहीं दिया जाता है और तो और दिए जाने वाले मानदेय में भी कई प्रकार की कटौती कर दी जाती है। इससे श्रमिकों में लंबे समय से आक्रोश है।
श्रमिकों ने कार्य छोड़ने के संबंध में कोई मांग पत्र नहीं दिया है। श्रमिक मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को कई कारखानों में श्रमिकों ने आकर समस्या बताई है। मामले में त्रिपक्षीय वार्ता बुलाकर समस्या का निदान कराया जाएगा।
राजेश मिश्रा, सहायक श्रमायुक्त
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सुहागनगरी में कार्यरत लाखों श्रमिकों को सेवायोजकों द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। सेवायोजकों द्वारा कारखानों में श्रमिकों से जबरन 9-10 घंटे तक कार्य कराया जा रहा है। इसके बावजूद समय पर मजदूरी नहीं दी जा रही है। कई कारखानों में फरवरी माह की मजदूरी भी श्रमिकों को नहीं मिली है। ऐसे में श्रमिकों में सेवायोजकों के खिलाफ आक्रोश था। आक्रोशित श्रमिक सोमवार को सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते दो दर्जन से अधिक श्रमिक बिना सूचना के कार्य छोड़कर चले गए। इसके बाद श्रमिक प्रात: करीब 9 बजे महावीर नगर स्थित कांच उद्योग क्रांतिकारी मजदूर संघ कार्यालय पर पहुंचे। यहां श्रमिक नेता भूरी सिंह यादव को अपनी समस्या बताई। श्रमिक नेता भूरी सिंह यादव के नेतृत्व में श्रमिक एकत्रित होकर लेबर कालोनी स्थित सहायक श्रमायुक्त कार्यालय पहुंचे। नारेबाजी करते हुए श्रमिकों ने कहा कि सेवायोजकों द्वारा जबरन निर्धारित से दो घंटे अधिक कार्य कराया जा रहा है। इसके बावजूद समय पर मजदूरी नहीं दी जा रही है। ऐसे में परिवार का भरण पोषण कैसे किया जाए?
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इन कारखानों में बंद हुआ काम
क्वालिटी ग्लास, एडवांस ग्लास, उमा ग्लास, श्याम ग्लास, वैभव ग्लास, क्राउन ग्लास, जगदंबा ग्लास, फीरोजाबाद ब्लाक ग्लास, फीरोजाबाद सिरेमिक ग्लास, रचना इंडस्ट्रीज, एस.गोपाल ग्लास, मित्तल सिरेमिक ग्लास, ओम ग्लास, मीरा ग्लास, पूजा ग्लास, न्यू आनंद ग्लास, पायनियर ग्लास, मक्खनपुर स्थित सीताराम ग्लास, ओके ग्लास तथा बंसल ग्लास।
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ठेकेदार की मनमानी से श्रमिकों में आक्रोश
कारखानों में कार्यरत लाखों श्रमिक सेवायोजकों और ठेकेदारों की मनमानी से त्रस्त हैं। ठेकेदार श्रमिकों का हर स्तर पर शोषण किया जाता है। श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित मानदेय नहीं दिया जाता है और तो और दिए जाने वाले मानदेय में भी कई प्रकार की कटौती कर दी जाती है। इससे श्रमिकों में लंबे समय से आक्रोश है।
श्रमिकों ने कार्य छोड़ने के संबंध में कोई मांग पत्र नहीं दिया है। श्रमिक मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को कई कारखानों में श्रमिकों ने आकर समस्या बताई है। मामले में त्रिपक्षीय वार्ता बुलाकर समस्या का निदान कराया जाएगा।
राजेश मिश्रा, सहायक श्रमायुक्त