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जो न माने झंडे से, वो मानेगा डंडे से...
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 17 Apr 2017 11:20 PM IST
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जो न माने झंडे से, वो मानेगा डंडे से...
- फोटो : अमर उजाला
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जसराना क्षेत्र के किसानों ने सोमवार को भाकियू (भानु) के बैनर तले जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही डीएम को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर यादव को सौंपते हुए चेतावनी दी कि मुआवजा नहीं मिला तो शीघ्र ही भाकियू उग्र आंदोलन करेगी।
शिकोहाबाद-एटा मार्ग के चौड़ीकरण के कारण जसराना में बाईपास का निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा कराना प्रस्तावित है। बाईपास के निर्माण में नगला रामा, नगला धनी, लोधपुरा तथा जसराना देहात के करीब तीन दर्जन से अधिक किसानों की भूमि जा रही है। किसानों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने किसानों को कोई मुआवजा नहीं दिया और भूमि चिन्हित करना शुरू कर दिया है। बिना मुआवजा दिए जबरन भूमि को ही हथियाने के विरोध में भाकियू (भानु) के जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह टाइगर एवं कांग्रेस नेता धर्म सिंह यादव एडवोकेट के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बच्चों के साथ मुख्यालय पहुंचे किसानों ने नारा दिया कि जो न माने झंडे से वह मानेगा डंडे से...। जब तक दुखी किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा...।
धर्म सिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि प्रशासन जसराना क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय कर रहा है। भाकियू जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह टाइगर ने कहा कि गरीब किसान आज परेशान है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मिजाजी लाल ने कहा कि किसानों के साथ न्याय जिला प्रशासन करे। महेशचंद्र ने कहा कि चार बीघा भूमि चली गई तो खाने के लिए कहां से लाएंगे। प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए। राजपाल सिंह ने कहा कि पांच बीघा भूमि मेरी, सात बीघा राजेंद्र की जा रही है। पहले भी भूमि बिना मुआवजा के ही ले ली गई थी। प्रेम सिंह बोले प्रशासन ज्यादती कर रहा है। हमारी भूमि का हमें मुआवजा वर्तमान सर्किल दरों से चार गुना देना ही चाहिए। आखिर परिवारों को कैसे पालें।
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प्रदर्शन में जिला संगठन मंत्री राजकुमार, केपी सिंह ,सर्वेश कुमार, सुखवीर सिंह, शिवम राजौरिया, महेश चंद्र, राज कुमार, प्रवेश कुमार, शिवराज सिंह, प्रेम सिंह, विशुन पाल सिंह, अशोक, सुरेश, सुरेंद्र कुमार सहित काफी महिलाएं व बच्चे शामिल रहे।
जसराना-मुस्तफाबाद मार्ग को बाईपास के रूप में बनाया जा रहा है। किसानों से कोई नई भूमि नहीं ली जाएगी। हालांकि पहले भूमि लेने के दौरान कोई मुआवजा किसानों को नहीं मिला था।
महेंद्र सिंह, एसडीएम जसराना।
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शिकोहाबाद-एटा मार्ग के चौड़ीकरण के कारण जसराना में बाईपास का निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा कराना प्रस्तावित है। बाईपास के निर्माण में नगला रामा, नगला धनी, लोधपुरा तथा जसराना देहात के करीब तीन दर्जन से अधिक किसानों की भूमि जा रही है। किसानों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने किसानों को कोई मुआवजा नहीं दिया और भूमि चिन्हित करना शुरू कर दिया है। बिना मुआवजा दिए जबरन भूमि को ही हथियाने के विरोध में भाकियू (भानु) के जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह टाइगर एवं कांग्रेस नेता धर्म सिंह यादव एडवोकेट के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बच्चों के साथ मुख्यालय पहुंचे किसानों ने नारा दिया कि जो न माने झंडे से वह मानेगा डंडे से...। जब तक दुखी किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा...।
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धर्म सिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि प्रशासन जसराना क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय कर रहा है। भाकियू जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह टाइगर ने कहा कि गरीब किसान आज परेशान है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मिजाजी लाल ने कहा कि किसानों के साथ न्याय जिला प्रशासन करे। महेशचंद्र ने कहा कि चार बीघा भूमि चली गई तो खाने के लिए कहां से लाएंगे। प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए। राजपाल सिंह ने कहा कि पांच बीघा भूमि मेरी, सात बीघा राजेंद्र की जा रही है। पहले भी भूमि बिना मुआवजा के ही ले ली गई थी। प्रेम सिंह बोले प्रशासन ज्यादती कर रहा है। हमारी भूमि का हमें मुआवजा वर्तमान सर्किल दरों से चार गुना देना ही चाहिए। आखिर परिवारों को कैसे पालें।
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प्रदर्शन में जिला संगठन मंत्री राजकुमार, केपी सिंह ,सर्वेश कुमार, सुखवीर सिंह, शिवम राजौरिया, महेश चंद्र, राज कुमार, प्रवेश कुमार, शिवराज सिंह, प्रेम सिंह, विशुन पाल सिंह, अशोक, सुरेश, सुरेंद्र कुमार सहित काफी महिलाएं व बच्चे शामिल रहे।
जसराना-मुस्तफाबाद मार्ग को बाईपास के रूप में बनाया जा रहा है। किसानों से कोई नई भूमि नहीं ली जाएगी। हालांकि पहले भूमि लेने के दौरान कोई मुआवजा किसानों को नहीं मिला था।
महेंद्र सिंह, एसडीएम जसराना।