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साढ़े तीन साल बाद खुला पड़ोसी का घिनौना राज: एक नंबर की मदद से मिली दुष्कर्म पीड़ित बेटी, अपनों ने फेरा मुंह

Mon, 08 Jun 2026 11:17 PM IST
Akash Dubey संवाद न्यूज एजेंसी, पचोखरा (फिरोजाबाद)
संवाद न्यूज एजेंसी, पचोखरा (फिरोजाबाद) Published by: Akash Dubey Updated Mon, 08 Jun 2026 11:17 PM IST
सार

साढ़े तीन साल पहले लापता किशोरी ग्रेटर नोएडा से मिली। राजकुमार उसे ले गया था, जिससे उसके दो बच्चे हैं। राजकुमार गिरफ्तार। परिजन ने पीड़िता को नकारा।

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With help of just one mobile number police found misdeed victim s girl
एक मोबाइल नंबर की मदद से पुलिस ढूंढ़ लाई दुष्कर्म पीड़िता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सैकड़ों मोबाइल नंबरों के बीच से पुलिस ने एक नंबर ढूंढा और उससे लिंक बैंक खाते की मदद से रजावली थाना क्षेत्र से साढ़े तीन साल पहले लापता किशोरी को खोज निकाला। पड़ोस में रहने वाला युवक ही उसे बहला-फुसलाकर ले गया था और ग्रेटर नोएडा में पत्नी बनाकर रखा था। अब उसके दो बच्चे हैं। अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत आरोपी राजकुमार (21) को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया।

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बालिग हो चुकी पीड़िता को पुलिस ने सोमवार को अदालत में पेश किया तो परिजन ने सामाजिक लोकलाज का हवाला दे उसे अपनाने से इन्कार कर दिया। इसके बाद अदालत के आदेश पर पुलिस ने युवती को उसके बच्चों को ससुराल (आरोपी के परिजन) पक्ष के सुपुर्द कर दिया।

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जनवरी 2023 में जब साढ़े 15 साल की किशोरी रजावली थाना क्षेत्र के एक गांव से गायब हुई थी तब पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज हुआ था। वक्त बीतता गया, पुलिस बदली, जांच अधिकारी बदले, लेकिन किशोरी का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस को शुरुआत से ही पड़ोसी राजकुमार पर शक था, लेकिन वह इतना शातिर निकला कि उसने किसी को कानों-कान भनक नहीं लगने दी। वह गांव आता-जाता रहा ताकि किसी को शक न हो।

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करीब छह महीने पहले इंस्पेक्टर बृजकिशोर ने ठंडे बस्ते में पड़े इस मामले को फिर से खोला और पुराने कयासों को छोड़ नए सिरे से वैज्ञानिक और डिजिटल तफ्तीश शुरू की। पुलिस टीम ने सर्विलांस का सहारा लेकर आरोपी राजकुमार के कॉल डिटेल्स खंगाले। सैकड़ों नंबरों के बीच से एक ऐसा नंबर मिला, जिस पर राजकुमार की सबसे ज्यादा बात होती थी।

पुलिस ने उस मोबाइल नंबर की जांच कराई तो वह एक बैंक खाते से जुड़ा मिला। फिर बैंक खाते की जांच कराई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। खाता उसी किशोरी के नाम पर था और उसके नॉमिनी/पति के कॉलम में राजकुमार का नाम दर्ज था। पुलिस ने राजकुमार को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया।

अपने परिवार तक को रखा अंधेरे में
राजकुमार ने बताया कि वह ग्रेटर नोएडा में मजदूरी करता है और वहीं पर उसने किशोरी को साथ रखा था अब उसके एक बेटा और एक बेटी हैं। आरोपी ने अपने सगे परिवार तक को इस राज से दूर रखा था। इस ब्लाइंड केस के खुलासे पर एसएसपी आदित्य लांग्हे ने इंस्पेक्टर बृजकिशोर की पीठ थपथपाई और कहा कि अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, वह पुलिस के हाथों से नहीं बच सकता।

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