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Firozabad News: शिक्षक द्वारा दर्ज कराए गए एससी-एसटी व जानलेवा हमले का परिवाद कोर्ट ने किया खारिज
Tue, 08 Sep 2026 12:04 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 08 Sep 2026 12:04 AM IST
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सांकेतिक
- फोटो : सांकेतिक
फिरोजाबाद। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) साक्षी शर्मा की अदालत ने थाना एका क्षेत्र में सरकारी शिक्षक के साथ मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और राइफल से फायर करने के आरोपों में दाखिल परिवाद को निरस्त कर दिया है।
प्राथमिक विद्यालय खेरीएमा में कार्यरत हेडमास्टर राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि 20 जनवरी 2024 को जमीन विवाद की रंजिश में राजवीर सिंह, राजेंद्र उर्फ भूरे समेत पांच लोगों ने नगला अजीत बम्बा के पास उन्हें घेरकर पीटा, जातिसूचक शब्द कहे और लाइसेंसी राइफल से फायर किया। पुलिस द्वारा जांच में अंतिम रिपोर्ट लगाए जाने के बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि परिवादी ने याचिका में खुद पर जानलेवा फायर का आरोप लगाया, जबकि कोर्ट में दिए बयान में भागते समय फायर होना बताया। गवाहों के बयानों में भी लाठी-डंडों, हवाई फायर और घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए। अदालत ने साक्ष्यों को संदेहास्पद और विरोधाभासी मानते हुए परिवाद निरस्त करने के आदेश जारी किए।
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प्राथमिक विद्यालय खेरीएमा में कार्यरत हेडमास्टर राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि 20 जनवरी 2024 को जमीन विवाद की रंजिश में राजवीर सिंह, राजेंद्र उर्फ भूरे समेत पांच लोगों ने नगला अजीत बम्बा के पास उन्हें घेरकर पीटा, जातिसूचक शब्द कहे और लाइसेंसी राइफल से फायर किया। पुलिस द्वारा जांच में अंतिम रिपोर्ट लगाए जाने के बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि परिवादी ने याचिका में खुद पर जानलेवा फायर का आरोप लगाया, जबकि कोर्ट में दिए बयान में भागते समय फायर होना बताया। गवाहों के बयानों में भी लाठी-डंडों, हवाई फायर और घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए। अदालत ने साक्ष्यों को संदेहास्पद और विरोधाभासी मानते हुए परिवाद निरस्त करने के आदेश जारी किए।
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