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पवन के शव को भर्ती दिखा बचना चाहती थी पुलिस

Sat, 26 Sep 2015 11:25 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Sat, 26 Sep 2015 11:25 PM IST
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Wind's body wanted to escape police recruitment show
फीरोजाबाद/नारखी। नारखी थाने की हवालात में हुई पवन की मौत के बाद पुलिस उसके शव को अस्पताल में भर्ती करा अपना पीछा छुड़ाना चाहती थी। चिकित्सकों ने मना किया तो उनके ऊपर दबाव बनाया गया। मामला बढ़ता देख सीएमएस डा. अजय शुक्ला भी आपात कालीन विभाग पहुंच गए। तब कहीं जाकर शव को पीएम हाउस में रखवाया गया। पुलिस का कहना है कि पवन को गौंछ क्षेत्र के ग्रामीणों ने पशु चोरी के आरोप में पकड़ा था। सूत्रों की माने तो पवन को शुक्रवार शाम ब्रह्मदेव पुलिस चौकी पर तैनात फोर्स ने पकड़ा था। इसके पास न तो तमंचा था और न ही उस पर पशु चोरी का आरोप था।
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सीओ टूंडला एसएस भारद्वाज की माने तो पवन को शुक्रवार रात गौंछ बाग के ग्रामीणों ने पशु चोरी के आरोप में पकड़ने के साथ ही मारपीट कर पुलिस को सौंपा था। गौंछ पुलिस ने भैंस स्वामी से तहरीर देेने को कहा था, लेकिन उसके द्वारा तहरीर नहीं दी गई थी। तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा बरामद हुआ था। इसलिए उसके खिलाफ पशु चोरी की धाराओं के तहत कार्रवाई न करते हुए 25 आर्म्स एक्ट के तहत हवालात में बंद कर दिया था। यहां उसने अपनी शर्ट उतारकर हवालात के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। उधर सूत्रों की माने तो शुक्रवार शाम को पवन को ब्रह्मदेव पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पकड़ा था। इसके बाद पवन को ब्रह्मदेव पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने गौंछ चौकी प्रभारी को सौंप दिया था। पुलिस पवन के खिलाफ पशु चोरी का प्रयास का मामला दर्ज करना चाहती थी, लेकिन कुछ लोगों से बातचीत करने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी तमंचा बरामद होने में दिखा दी।
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गिरफ्तारी और मौत की सूचना भी नहीं दी पुलिस ने
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। पवन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कागजी कार्रवाई भी भूल गई। नारखी पुलिस ने पवन की गिरफ्तारी अभिलेखों में शुक्रवार रात करीब (नौ बजकर 40 मिनट) तमंचा मिलने के आरोप में दिखा दी। गिरफ्तारी से पूर्व उसके परिजनों को सूचना देने की सुध तक नहीं ली। जबकि नियमानुसार किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ ही उसके परिजनों को सूचना दी जाती है।
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विधायक पुत्र की सिपाही से तकरार
फीरोजाबाद(ब्यूरो)।  पवन की मौत की खबर पर जसराना विधायक रामवीर के बेटे अमोल यादव उर्फ सोनू  सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारियों के साथ  रुकमपाल को लेकर जिला  अस्पताल पहुंचे। सोनू सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ रुकमपाल से  बातचीत कर रहे थे, तभी वहां खड़े सिपाही ने फोटो खींचना शुरू कर दिए। सपा नेताओं की नजर सिपाही के मोबाइल वाले कैमरे पर पड़ी तो उन्होंने विरोध करते  हुए सिपाही मोबाइल छीन लिया और अभद्रता कर दी। जिला अस्पताल में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामले को  शांत कराते हुए सिपाही के मोबाइल से लिए गए फोटो डिलीट करा दिए।

अपराधी नहीं था मेरा बेटा
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। ग्रामीण और जसराना विधायक रामवीर सिंह के बेटे सोनू यादव के साथ जिला अस्पताल पहुंचे मृतक के पिता रुकमपाल का कहना था कि उसका बेटा अपराधी नहीं था। वह मुस्तफाबाद स्थित एसबीएल इंटर कालेज में कक्षा 11 का छात्र था। 24 सितंबर की शाम करीब चार बजे वह पशुओं के लिए खेत से चारा लेने के लिए घर से गया था, लेकिन लौट कर नहीं आया। काफी खोजबीन के बाद उसका कोई पता नहीं चल सका। शनिवार दोपहर को जानकारी मिली कि पवन ने नारखी थाने की हवालात में फांसी लगा ली है। परिजनों के साथ वह नारखी पहुंचा तो पता चला कि उसको मृत अवस्था में जिला अस्पताल भेज दिया गया है।

छावनी बना अस्पताल
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। पवन का शव जिला अस्पताल आते ही छावनी बना दिया गया। सीओ सिटी राजेश चौधरी, सीओ सदर जगदीश सिंह, कोतवाल उत्तर शशिकांत शर्मा, कोतवाल दक्षिण श्रीप्रकाश यादव के साथ रामगढ़, रसूलपुर, फरिहा, नगला सिंघी जहां अस्पताल में ही कैंप किए रहे वहीं पीएसी के साथ क्यूआरटी के जवान भी पूरे दिन अस्पताल में ही डेरा डाले रहे।

सीओ सिटी बोले, तहरीर दो एसपी के खिलाफ भी लिख देंगे मुकदमा
 पवन की मौत की खबर पर अस्पताल पहुंचे परिजन और सपा नेताओं के आक्रोश को देखते हुए पुलिस के हाथ पैर फूल गए। आक्रोशित लोगे थानाध्यक्ष फरिहा, नारखी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा लिखाने की मांग करने लगे। इसी बीच परिजनों के साथ सीओ सिटी राजेश चौधरी की नोकझोंक हो गई। झल्लाए सीओ ने कहा कि आप तहरीर तो दो, हम तो एसपी के खिलाफ भी मुकदमा लिख देंगे।

 आपस में ही भिड़ गए परिजन
पीएम हाउस में रखे पवन के शव को देखकर बाहर लौटे परिजन कोतवाल फरिहा को लेकर आपस में ही भिड़ गए। मृतक की मौसी का बेटा कोतवाल फरिहा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा था, जबकि मृतक के पिता का कहना था कि किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, जो दोषी नहीं हो। लेकिन वहां मौजूद लोगों ने मामले को शांत करा दिया।

एसपी सिटी करेंगे प्राथमिक जांच
फीरोजाबाद(ब्यूरो)।  नारखी थाने की हवालात में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की प्राथमिक जांच एसपी सिटी उदय शंकर सिंह को सौंपी गई है, जो एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट एसएसपी पीयूष श्रीवास्तव को सौंपेंगे। वहीं कोतवाल फरिहा, नारखी के साथ उपनिरीक्षक, एचसीपी और सिपाही के खिलाफ कोतवाली उत्तर में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसकी जांच सीओ सदर जगदीश सिंह द्वारा की जाएगी। एसएसपी पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम में मौत का कारण फंदे पर लटकने से आया है।


तीन दिन थाने में बैठाए रखा था मृतक का पिता
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। मृतक पवन के बड़े भाई करन का पत्नी से विवाद हो गया था। पत्नी ने ससुर रुकमपाल के खिलाफ फरिहा पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर फरिहा कोतवाल ने रुकमपाल को हिरासत में लेकर तीन दिन तक थाने में बैठाए रखा था। लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के बाद छोड़ दिया गया।
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