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कब बुझेगी प्यास, शहर को इंतजार
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 19 Jun 2015 11:56 PM IST
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सुहागनगरी में दिनोंदिन गंभीर होते जा रहे पेयजल संकट के निदान के लिए जनता की सारी उम्मीदें नई जेड़ाझाल परियोजना पर हैं। बढ़ते पेयजल संकट के निदान के लिए शासन स्तर पर जेड़ाझाल परियोजना को जल्द मूर्तरूप देने को गंभीरता दिखाई जा रही है।
शहर की आठ लाख से अधिक आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने में नगर निगम के संसाधन दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। जनपद में लगातार जलस्तर गिरने के बाद नगर निगम द्वारा शहरी क्षेत्र में स्थापित एक सैकड़ा से अधिक नलकूप दम तोड़ चुके हैं। दो दर्जन से अधिक नलकूप हंटिंग कर रहे हैं, जो कभी भी बंद हो सकते हैं। ऐसे में दिनोंदिन पेयजल का संकट गंभीर रूप ले जा रहा है। जलनिगम द्वारा 663 करोड़ की परियोजना बनाई गई थी,। जिसमें जसराना नवीन नहर से नंदपुर तक नहर खुदाई का कार्य होना है। नंदपुर में नदी का पानी स्टोर करने के लिए झील बनाई जाएगी। इसके लिए करीब 31 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। वहीं सैलई में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर पाइप लाइन के जरिए जनता को मीठा पानी उपलब्ध कराने की योजना है। शासन द्वारा जेड़ाझाल परियोजना के लिए 433 करोड़ की मंजूर अप्रैल माह 28.35 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई है। शासन से धनराशि मिलते ही जलनिगम ने वाटर ट्रीटमेंट और झील निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कवायद तेज कर दी है। शासन द्वारा आपसी समझौते के आधार पर भूमि क्रय करने के संबंध में प्रक्रिया निर्धारित एवं जिला स्तर पर समिति गठित करने निर्देश दिए गए हैं।
बाक्स--
नगर आयुक्त को बनाया गया समिति सचिव
जेड़ाझाल परियोजना के तहत वाटर ट्रीटमंट के लिए दो हेक्टयेर एवं झील निर्माण के लिए 31 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। भूमि क्रय करने के लिए गठित समिति में नगर आयुक्त रामऔतार रमन को सचिव नामित किया गया है। भूमि अधिग्रहण की कार्रवई नगर आयुक्त द्वारा की जानी है।
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शासन के निर्देशानुसार भूमि अधिग्रहण के लिए गठित समिति की बैठक कराने के लिए नगर आयुक्त को पत्र भेजा गया है। नगर आयुक्त द्वारा शीघ्र बैठक कराने का आश्वासन दिया गया है।
वीपी सिंह
अधिशासी अभियंता
जलनिगम-अस्थाई निर्माण शाखा
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शहर की आठ लाख से अधिक आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने में नगर निगम के संसाधन दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। जनपद में लगातार जलस्तर गिरने के बाद नगर निगम द्वारा शहरी क्षेत्र में स्थापित एक सैकड़ा से अधिक नलकूप दम तोड़ चुके हैं। दो दर्जन से अधिक नलकूप हंटिंग कर रहे हैं, जो कभी भी बंद हो सकते हैं। ऐसे में दिनोंदिन पेयजल का संकट गंभीर रूप ले जा रहा है। जलनिगम द्वारा 663 करोड़ की परियोजना बनाई गई थी,। जिसमें जसराना नवीन नहर से नंदपुर तक नहर खुदाई का कार्य होना है। नंदपुर में नदी का पानी स्टोर करने के लिए झील बनाई जाएगी। इसके लिए करीब 31 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। वहीं सैलई में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर पाइप लाइन के जरिए जनता को मीठा पानी उपलब्ध कराने की योजना है। शासन द्वारा जेड़ाझाल परियोजना के लिए 433 करोड़ की मंजूर अप्रैल माह 28.35 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई है। शासन से धनराशि मिलते ही जलनिगम ने वाटर ट्रीटमेंट और झील निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कवायद तेज कर दी है। शासन द्वारा आपसी समझौते के आधार पर भूमि क्रय करने के संबंध में प्रक्रिया निर्धारित एवं जिला स्तर पर समिति गठित करने निर्देश दिए गए हैं।
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नगर आयुक्त को बनाया गया समिति सचिव
जेड़ाझाल परियोजना के तहत वाटर ट्रीटमंट के लिए दो हेक्टयेर एवं झील निर्माण के लिए 31 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। भूमि क्रय करने के लिए गठित समिति में नगर आयुक्त रामऔतार रमन को सचिव नामित किया गया है। भूमि अधिग्रहण की कार्रवई नगर आयुक्त द्वारा की जानी है।
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शासन के निर्देशानुसार भूमि अधिग्रहण के लिए गठित समिति की बैठक कराने के लिए नगर आयुक्त को पत्र भेजा गया है। नगर आयुक्त द्वारा शीघ्र बैठक कराने का आश्वासन दिया गया है।
वीपी सिंह
अधिशासी अभियंता
जलनिगम-अस्थाई निर्माण शाखा