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Firozabad News: गेहूं खरीद मात्र 11 प्रतिशत, केंद्रों पर सन्नाटा
Wed, 12 Jun 2024 12:41 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 12 Jun 2024 12:41 AM IST
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गेहूं खरीद मात्र 11 प्रतिशत, केंद्रों पर सन्नाटा - खुले बाजार में भाव अधिक होने से सरकारी केंद्रों पर कम पहुंचे किसान
- जिले में एक मार्च को स्थापित किए गए थे 70 खरीद केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने में मात्र तीन दिन शेष बचे हैं। लेकिन अभी तक 67 हजार मीट्रिक टन खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष 11 प्रतिशत 7374.13 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी है। कम खरीद का बड़ा कारण खुले बाजार में सरकारी खरीद केंद्रों के सापेक्ष अधिक रेट होना माना जा रहा है। खरीद एजेंसियों के अनुसार अब तो किसानों का गेहूं आना लगभग बंद हो गया।
जिले में गेहूं खरीद केंद्रों की स्थापना तो एक मार्च से कर दी गई थी। लेकिन एक माह आठ दिन तक गेहूं की कोई खरीद नहीं हो सकी थी। विभाग में करीब साढ़े चार हजार से अधिक किसानों ने गेहूं बिक्री करने के लिए पंजीयन तो करा लिया था। 9 अप्रैल को गेहूं खरीद होना शुरु हो गई थी। क्योंकि खरीद एजेंसियों ने सीधे गांव में संपर्क साधना प्रारंभ कर दिया था। लेकिन बाजार में जैसे ही भाव 2300 के पार पहुंचा वैसे ही किसानों का रुख बदल गया। क्योंकि सरकारी खरीद केंद्रों पर 2275 रुपया प्रति कुंतल के साथ 20 रुपया प्रति कुंतल मजदूरी मिल रही थी। यह बाजार के भाव से कम था। इसके कारण किसानों का रुख बदल गया। इधर आढ़तिया ग्रामीण अंचल में सक्रिय हो गए। उन्होंने गेहूं खरीद करके गांव में रखवा दिया है। यही कारण है कि जिले में गेहूं खरीद 11 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ सकी। खरीद केंद्र बंद होने में मात्र तीन दिन का समय शेष है।
अफसरों की तैनाती भी नहीं बढ़ा सकी खरीद
डीएम रमेश रंजन ने जिले में गेहूं की खरीद बढ़ाने को लोकसभा चुनाव से फुरसत पाते ही एसडीएम के साथ-साथ जिला स्तरीय अफसरों को तैनात किया था। अफसरों के साथ एसडीएम गांव-गांव दौड़े लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। क्योंकि किसानों का गेहूं कटकर घर पहुंच गया था। इसके कारण बहुत अधिक खरीद नहीं बढ़ सकी। (संवाद)
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जिले में हुई खरीद एक नजर में...
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खरीद एजेंसी- -खरीद केंद्र -गेहूं खरीद हुई
खाद्य विभाग विपणन शाखा -22 -2569.90 मीट्रिक टन
भारतीय खाद्य निगम -05 -1410.75 मीट्रिक टन
उत्तर प्रदेश सहकारी संघ -42 -3178.96 मीट्रिक टन
उ.प्र.कृषि उत्पादन मंडी परि. -01 -124.50 मीट्रिक टन
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कुल -70 -7374.13 मीट्रिक टन
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जिले में गेहूं का भाव सरकारी खरीद केंद्रों के सापेक्ष बाजार में अधिक रहा। इसके कारण जिन किसानों ने गेहूं खरीदने को पंजीयन कराया था वह बिक्री करने को नहीं आए। 67 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष 11 प्रतिशत ही खरीद हो सकी है। अब तो किसान आना भी बंद हो गए।
प्रवीन प्रकाश श्रीवास्तव, डिप्टी आरएमओ
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- जिले में एक मार्च को स्थापित किए गए थे 70 खरीद केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने में मात्र तीन दिन शेष बचे हैं। लेकिन अभी तक 67 हजार मीट्रिक टन खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष 11 प्रतिशत 7374.13 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी है। कम खरीद का बड़ा कारण खुले बाजार में सरकारी खरीद केंद्रों के सापेक्ष अधिक रेट होना माना जा रहा है। खरीद एजेंसियों के अनुसार अब तो किसानों का गेहूं आना लगभग बंद हो गया।
जिले में गेहूं खरीद केंद्रों की स्थापना तो एक मार्च से कर दी गई थी। लेकिन एक माह आठ दिन तक गेहूं की कोई खरीद नहीं हो सकी थी। विभाग में करीब साढ़े चार हजार से अधिक किसानों ने गेहूं बिक्री करने के लिए पंजीयन तो करा लिया था। 9 अप्रैल को गेहूं खरीद होना शुरु हो गई थी। क्योंकि खरीद एजेंसियों ने सीधे गांव में संपर्क साधना प्रारंभ कर दिया था। लेकिन बाजार में जैसे ही भाव 2300 के पार पहुंचा वैसे ही किसानों का रुख बदल गया। क्योंकि सरकारी खरीद केंद्रों पर 2275 रुपया प्रति कुंतल के साथ 20 रुपया प्रति कुंतल मजदूरी मिल रही थी। यह बाजार के भाव से कम था। इसके कारण किसानों का रुख बदल गया। इधर आढ़तिया ग्रामीण अंचल में सक्रिय हो गए। उन्होंने गेहूं खरीद करके गांव में रखवा दिया है। यही कारण है कि जिले में गेहूं खरीद 11 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ सकी। खरीद केंद्र बंद होने में मात्र तीन दिन का समय शेष है।
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अफसरों की तैनाती भी नहीं बढ़ा सकी खरीद
डीएम रमेश रंजन ने जिले में गेहूं की खरीद बढ़ाने को लोकसभा चुनाव से फुरसत पाते ही एसडीएम के साथ-साथ जिला स्तरीय अफसरों को तैनात किया था। अफसरों के साथ एसडीएम गांव-गांव दौड़े लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। क्योंकि किसानों का गेहूं कटकर घर पहुंच गया था। इसके कारण बहुत अधिक खरीद नहीं बढ़ सकी। (संवाद)
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जिले में हुई खरीद एक नजर में...
खरीद एजेंसी- -खरीद केंद्र -गेहूं खरीद हुई
खाद्य विभाग विपणन शाखा -22 -2569.90 मीट्रिक टन
भारतीय खाद्य निगम -05 -1410.75 मीट्रिक टन
उत्तर प्रदेश सहकारी संघ -42 -3178.96 मीट्रिक टन
उ.प्र.कृषि उत्पादन मंडी परि. -01 -124.50 मीट्रिक टन
कुल -70 -7374.13 मीट्रिक टन
जिले में गेहूं का भाव सरकारी खरीद केंद्रों के सापेक्ष बाजार में अधिक रहा। इसके कारण जिन किसानों ने गेहूं खरीदने को पंजीयन कराया था वह बिक्री करने को नहीं आए। 67 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष 11 प्रतिशत ही खरीद हो सकी है। अब तो किसान आना भी बंद हो गए।
प्रवीन प्रकाश श्रीवास्तव, डिप्टी आरएमओ