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सप्लाई बाधित तो कहीं आ रहा दूषित पानी
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सप्लाई बाधित तो कहीं आ रहा दूषित पानी
अब्बास नगर में आपूर्ति अनियमित, कश्मीरी गेट की छह से अधिक गलियों का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। मार्च में शहर में पानी की डिमांड तेजी से बढ़ने लगी है। ऐसे में कहीं दूषित पानी की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ रहा है तो कही समय से सप्लाई न मिलने के कारण पानी नहीं मिल पा रहा। लोग सुबह होते ही पानी की तलाश में दूसरे मोहल्लों में जाने को मजबूर हैं। टैंकर भी समय से नहीं पहुंच रहे हैं।
मोहल्ला अब्बास नगर में जेडाझाल परियोजना के तहत पानी की सप्लाई दी जाती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पिछले आठ दिनों से एक दिन सप्लाई आने के बाद दो दिन तक पानी नहीं आ रहा। सोमवार, मंगलवार को पानी नहीं मिला, बुधवार को पानी आया वो भी आधे घंटे। लेबर कॉलोनी नई आबादी शिवनगर में भी पानी का संकट है। क्षेत्र में पाइप लाइन होने के बाद भी आधी आबादी को ही पानी मिल पा रहा है। कश्मीरीगेट क्षेत्र स्थित मोमदी मस्जिद, गली नंबर 22, नूरी मस्जिद, नूर नगर, शिवली चौक, हल्दी सेठ वाली गली में पिछले चार दिन से पानी की सप्लाई नहीं मिल रही। लेबर कॉलोनी क्षेत्र के हरपाल सिंह,नीलम का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की सप्लाई भी पूरी नहीं आ रही। जिसके चलते लोग सुबह होते ही खाली बर्तन लेकर पानी की तलाश में भटकते हैं। स्थानीय लोगों की मानेें तो करीब 15 हजार से अधिक की आबादी पानी की किल्लत से जूझ रही है।
आर्यनगर : पानी में आ रही दुर्गंध
फिरोजाबाद। मोहल्ला आर्यनगर में दूषित पानी की समस्या फिर से खड़ी हो गई है। लोग बदबूदार पानी से परेशान हैं। यह हाल तब है जब होली से पूर्व जलकल विभाग के अफसरों ने इस समस्या को दूर कर दिया था। क्षेत्रीय निवासी धर्म सिंह यादव का कहना है कि यह समस्या सीवर लाइन डलने के बाद ही खड़ी हुई है। जिसको अफसरों द्वारा स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
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दो माह बाद भी नहीं लग सका नलकूप
लेबर कॉलोनी शिवनगर क्षेत्र से पानी की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम द्वारा नलकूप लगवाया जा रहा है। सात जनवरी 2022 को मेयर नूतन राठौर ने भूमि पूजन किया था। दो माह से अधिक का समय बीत गया। लेकिन अभी तक नलकूप नहीं लग सका है। लोग रेलवे लाइन पार कर मोदीनगर से पानी भरकर लाने को विवश है।
क्या कहते है लोग
नलकूप लगाने के लिए मेयर ने दो माह पूर्व पूजन किया था। एक माह बाद काम लगा। पाइप बोरिंग में जाने के कारण दस दिन से काम बंद पड़ा है। यह हाल तब है जब गर्मी में पानी की अधिक जरूरत पड़ रही है।
- हरपाल सिंह निवासी शिवनगर लेबर कॉलोनी।
क्षेत्र में पाइप लाइन है, लेकिन कुछ लोग कनेक्शनों को खुला छोड़ देते हैं। जिससे पानी नहीं पहुंच पाता। रेलवे लाइन पार करके पानी लाने के लिए विवश होना पड़ता है।
- नीलम देवी निवासी शिवनगर लेबर कॉलोनी।
अभी तक दोनों समय पानी आता है। पिछले एक सप्ताह पानी की समस्या खड़ी हो गई है। दो दिन छोड़कर एक दिन पानी आता है। सोमवार, मंगलवार को पानी नहीं आया था। आज सुबह भी आधा घंटे ही पानी मिला।
- नाजिया निवासी अब्बास नगर।
दूषित पानी की समस्या निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए। जिससे क्षेत्रीय लोगों को दिक्क्त न हो। दूषित पानी से चर्मरोग फैलने का खतरा बना रहता है।
- धर्म सिंह यादव एड.।
आंकड़े नलकूप
नलकूपों की संख्या-220
सबमर्सिबल-640
पानी की टंकी जलकल-28
पानी की टंकी जल निगम-14
भूमिगत जलाशय जल निगम-20
पानी के टैंकर-33
शहर को रोजाना पानी की जरूरत- 125 एमएलडी
वर्जन
पारा चढ़ने के साथ ही शहर पानी की डिमांड बढ़ने लगी है। अब्बास नगर में पानी की कोई समस्या नहीं है। लेबर कॉलोनी क्षेत्र में नलकूप लगवाने का कार्य कराया जा रहा है। पाइप बोरिंग में चला गया था। इससे दिक्कत आई है। नलकूप को जल्द लगवा दिया जाएगा। गर्मी में शहर को पर्याप्त पानी दिया जाएगा। जिससे जनता को दिक्कत न हो।
रामबाबू राजपूत महाप्रबंधक, जलकल
छह हजार से अधिक बोतल प्रतिदिन पानी की शहर में बिक्री
शहर में पानी के 26 प्लांट संचालित हैं। हर प्लांट से औसतन ढाई सौ बोतल पानी की आपूर्ति की जाती है। रानी नगर स्थित एक प्लांट संचालक का कहना है कि सर्दी में पानी की बिक्री महज 200 बोतल की रहती है, लेकिन गर्मी में पानी का कारोबार दो से तीन गुना बढ़ जाता है। वहीं कश्मीरी गेट में पानी का कारोबार कर रहे संचालक का कहना है कि पानी का कारोबार पहले कम लोग ही करते थे, लेकिन अब शहर में पानी की किल्लत को देखकर इसमें कई लोग आ चुके हैं।
करीब तीन लाख रुपये का एक दिन में खरीद कर पी जाते बोतलबंद पानी
शहर की अनुमानित आबादी करीब 7.5 लाख है। जिनमें से करीब दो लाख लोग 15 लीटर के कंटेनर या वाटर कूलर में बिकने वाला पानी खरीद कर पीते हैं। शहर में एक बोतल पानी 10 से 20 रुपये तक में बेचा जाता है। डिमांड अधिक होने के कारण बोरिंग के पानी को ट्रीट कर 20 लीटर के जार में पैक कर वॉटर सप्लाई करने का कारोबार शहर के अलग-अलग इलाकों में खूब फल-फूल रहा है। जिले में प्रतिदिन करीब तीन लाख रुपये का पानी का कारोबार का अनुमान है। शहर में पानी के 26 प्लांट संचालित हैं, हर प्लांट से औसतन 250 बोतल की सप्लाई घरों, दफ्तर में की जा जाती है।
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अब्बास नगर में आपूर्ति अनियमित, कश्मीरी गेट की छह से अधिक गलियों का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। मार्च में शहर में पानी की डिमांड तेजी से बढ़ने लगी है। ऐसे में कहीं दूषित पानी की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ रहा है तो कही समय से सप्लाई न मिलने के कारण पानी नहीं मिल पा रहा। लोग सुबह होते ही पानी की तलाश में दूसरे मोहल्लों में जाने को मजबूर हैं। टैंकर भी समय से नहीं पहुंच रहे हैं।
मोहल्ला अब्बास नगर में जेडाझाल परियोजना के तहत पानी की सप्लाई दी जाती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पिछले आठ दिनों से एक दिन सप्लाई आने के बाद दो दिन तक पानी नहीं आ रहा। सोमवार, मंगलवार को पानी नहीं मिला, बुधवार को पानी आया वो भी आधे घंटे। लेबर कॉलोनी नई आबादी शिवनगर में भी पानी का संकट है। क्षेत्र में पाइप लाइन होने के बाद भी आधी आबादी को ही पानी मिल पा रहा है। कश्मीरीगेट क्षेत्र स्थित मोमदी मस्जिद, गली नंबर 22, नूरी मस्जिद, नूर नगर, शिवली चौक, हल्दी सेठ वाली गली में पिछले चार दिन से पानी की सप्लाई नहीं मिल रही। लेबर कॉलोनी क्षेत्र के हरपाल सिंह,नीलम का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की सप्लाई भी पूरी नहीं आ रही। जिसके चलते लोग सुबह होते ही खाली बर्तन लेकर पानी की तलाश में भटकते हैं। स्थानीय लोगों की मानेें तो करीब 15 हजार से अधिक की आबादी पानी की किल्लत से जूझ रही है।
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आर्यनगर : पानी में आ रही दुर्गंध
फिरोजाबाद। मोहल्ला आर्यनगर में दूषित पानी की समस्या फिर से खड़ी हो गई है। लोग बदबूदार पानी से परेशान हैं। यह हाल तब है जब होली से पूर्व जलकल विभाग के अफसरों ने इस समस्या को दूर कर दिया था। क्षेत्रीय निवासी धर्म सिंह यादव का कहना है कि यह समस्या सीवर लाइन डलने के बाद ही खड़ी हुई है। जिसको अफसरों द्वारा स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
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दो माह बाद भी नहीं लग सका नलकूप
लेबर कॉलोनी शिवनगर क्षेत्र से पानी की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम द्वारा नलकूप लगवाया जा रहा है। सात जनवरी 2022 को मेयर नूतन राठौर ने भूमि पूजन किया था। दो माह से अधिक का समय बीत गया। लेकिन अभी तक नलकूप नहीं लग सका है। लोग रेलवे लाइन पार कर मोदीनगर से पानी भरकर लाने को विवश है।
क्या कहते है लोग
नलकूप लगाने के लिए मेयर ने दो माह पूर्व पूजन किया था। एक माह बाद काम लगा। पाइप बोरिंग में जाने के कारण दस दिन से काम बंद पड़ा है। यह हाल तब है जब गर्मी में पानी की अधिक जरूरत पड़ रही है।
- हरपाल सिंह निवासी शिवनगर लेबर कॉलोनी।
क्षेत्र में पाइप लाइन है, लेकिन कुछ लोग कनेक्शनों को खुला छोड़ देते हैं। जिससे पानी नहीं पहुंच पाता। रेलवे लाइन पार करके पानी लाने के लिए विवश होना पड़ता है।
- नीलम देवी निवासी शिवनगर लेबर कॉलोनी।
अभी तक दोनों समय पानी आता है। पिछले एक सप्ताह पानी की समस्या खड़ी हो गई है। दो दिन छोड़कर एक दिन पानी आता है। सोमवार, मंगलवार को पानी नहीं आया था। आज सुबह भी आधा घंटे ही पानी मिला।
- नाजिया निवासी अब्बास नगर।
दूषित पानी की समस्या निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए। जिससे क्षेत्रीय लोगों को दिक्क्त न हो। दूषित पानी से चर्मरोग फैलने का खतरा बना रहता है।
- धर्म सिंह यादव एड.।
आंकड़े नलकूप
नलकूपों की संख्या-220
सबमर्सिबल-640
पानी की टंकी जलकल-28
पानी की टंकी जल निगम-14
भूमिगत जलाशय जल निगम-20
पानी के टैंकर-33
शहर को रोजाना पानी की जरूरत- 125 एमएलडी
वर्जन
पारा चढ़ने के साथ ही शहर पानी की डिमांड बढ़ने लगी है। अब्बास नगर में पानी की कोई समस्या नहीं है। लेबर कॉलोनी क्षेत्र में नलकूप लगवाने का कार्य कराया जा रहा है। पाइप बोरिंग में चला गया था। इससे दिक्कत आई है। नलकूप को जल्द लगवा दिया जाएगा। गर्मी में शहर को पर्याप्त पानी दिया जाएगा। जिससे जनता को दिक्कत न हो।
रामबाबू राजपूत महाप्रबंधक, जलकल
छह हजार से अधिक बोतल प्रतिदिन पानी की शहर में बिक्री
शहर में पानी के 26 प्लांट संचालित हैं। हर प्लांट से औसतन ढाई सौ बोतल पानी की आपूर्ति की जाती है। रानी नगर स्थित एक प्लांट संचालक का कहना है कि सर्दी में पानी की बिक्री महज 200 बोतल की रहती है, लेकिन गर्मी में पानी का कारोबार दो से तीन गुना बढ़ जाता है। वहीं कश्मीरी गेट में पानी का कारोबार कर रहे संचालक का कहना है कि पानी का कारोबार पहले कम लोग ही करते थे, लेकिन अब शहर में पानी की किल्लत को देखकर इसमें कई लोग आ चुके हैं।
करीब तीन लाख रुपये का एक दिन में खरीद कर पी जाते बोतलबंद पानी
शहर की अनुमानित आबादी करीब 7.5 लाख है। जिनमें से करीब दो लाख लोग 15 लीटर के कंटेनर या वाटर कूलर में बिकने वाला पानी खरीद कर पीते हैं। शहर में एक बोतल पानी 10 से 20 रुपये तक में बेचा जाता है। डिमांड अधिक होने के कारण बोरिंग के पानी को ट्रीट कर 20 लीटर के जार में पैक कर वॉटर सप्लाई करने का कारोबार शहर के अलग-अलग इलाकों में खूब फल-फूल रहा है। जिले में प्रतिदिन करीब तीन लाख रुपये का पानी का कारोबार का अनुमान है। शहर में पानी के 26 प्लांट संचालित हैं, हर प्लांट से औसतन 250 बोतल की सप्लाई घरों, दफ्तर में की जा जाती है।