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गंगाजल की आपूर्ति में ब्रेक, शहर में पानी का संकट
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करबला और देव नगर क्षेत्र में पानी की सप्लाई ना आने पर बर्तन लेकर इधर-उधर पानी के लिए भटकते लोग
- फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। शहर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। झालगोपालपुर नहर की सफाई के लिए जलकल विभाग सिंचाई विभाग को विभिन्न किश्तों में तकरीबन 50 लाख रुपये का भुगतान भी कर चुका है। इसके बाद भी सिंचाई विभाग नहर की सफाई के नाम पर हाथ खड़े किए है। नहर में तीन से चार फीट घास जमा होने के कारण झालगोपालपुर से नंदपुर इंटेक तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इंटेक प्लांट नहीं चल पा रहा और शहर की टंकियों के साथ जलाशय भी खाली पड़े है। ऐसे में लोग रात रात भर जागकर पानी भरने को मजबूर हैं।
जेड़ाझाल परियोजना के तहत सिंचाई विभाग शहर के लिए जल निगम को प्रतिदिन 65 से 70 एमएलडी की पूूर्ति कर रहा था। वहीं झालगोपालपुरनहर में घास जमा होने के कारण पानी का प्रवाह कम हो गया है। वर्तमान में शहर को कम पानी ही मिल पा रहा है। इसके चलते शहर में पानी का संकट बना हुआ है। नहर को साफ कराने के नाम पर जिम्मेदार विभाग के अधिकारी भी हाथ पर हाथ रखे है। वहीं पारा चढ़ने के साथ ही शहर में पानी की डिमांड भी बढ गई है। ऐसे में लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा। जिसको लेकर दिक्कत हो रही है
शहर को मिला मात्र 38 एमएलडी पानी
नहर में घास जमा होने के कारण बृस्पतिवार को शहर को मात्र 38 एमएलडी पानी मिल सका। इसके चलते शहर को न तो सुबह के समय पर्याप्त पानी मिल सका और न ही शाम को आपूर्ति हो सकी। ऐसे में लोगों को पानी का संकट का सामना पूरे दिन करना पड़ा।
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शहर के लिए प्रतिदिन 65 से 70 एमएलडी पानी चाहिए लेकिन वर्तमान में 35 से 40 एमएलडी पानी मिल पा रहा है। इसके चलते सुबह के समय ही शहर को पानी मिल पा रहा है। शाम की आपूर्ति बाधित हो रही है।
राकेश कुमार एक्सईएन जल निगम
नहर की सफाई के लिए करीबन 50 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है लेकिन फिर भी सफाई कार्य प्रभावित है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार संपर्क किया गया। लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा।
चंदन सिंह एक्सईएन - जलकल विभाग
नहर में तीन से साढ़े तीन फीट घास जमा हो गई है। इसके चलते पानी का प्रवाह प्रभावित हो रहा है। चलती नहर में सफाई का कार्य कराया जा रहा है। इसके चलते दिक्कत आ रही है।
रविंद्र कुमार - जेई सिंचाई विभाग
कई क्षेत्रों में रहा पानी का संकट
करबला, सुहाग नगर, देवनगर, गांधी नगर, हनुमान रोड, तिलक नगर आदि कई क्षेत्रों में पानी का संकट रहा। करबला में लोगों को रात में जाग कर पानी भरा। कई क्षेत्रों में टैंकरों से जलापूर्ति की गई।
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जेड़ाझाल परियोजना के तहत सिंचाई विभाग शहर के लिए जल निगम को प्रतिदिन 65 से 70 एमएलडी की पूूर्ति कर रहा था। वहीं झालगोपालपुरनहर में घास जमा होने के कारण पानी का प्रवाह कम हो गया है। वर्तमान में शहर को कम पानी ही मिल पा रहा है। इसके चलते शहर में पानी का संकट बना हुआ है। नहर को साफ कराने के नाम पर जिम्मेदार विभाग के अधिकारी भी हाथ पर हाथ रखे है। वहीं पारा चढ़ने के साथ ही शहर में पानी की डिमांड भी बढ गई है। ऐसे में लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा। जिसको लेकर दिक्कत हो रही है
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शहर को मिला मात्र 38 एमएलडी पानी
नहर में घास जमा होने के कारण बृस्पतिवार को शहर को मात्र 38 एमएलडी पानी मिल सका। इसके चलते शहर को न तो सुबह के समय पर्याप्त पानी मिल सका और न ही शाम को आपूर्ति हो सकी। ऐसे में लोगों को पानी का संकट का सामना पूरे दिन करना पड़ा।
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शहर के लिए प्रतिदिन 65 से 70 एमएलडी पानी चाहिए लेकिन वर्तमान में 35 से 40 एमएलडी पानी मिल पा रहा है। इसके चलते सुबह के समय ही शहर को पानी मिल पा रहा है। शाम की आपूर्ति बाधित हो रही है।
राकेश कुमार एक्सईएन जल निगम
नहर की सफाई के लिए करीबन 50 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है लेकिन फिर भी सफाई कार्य प्रभावित है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार संपर्क किया गया। लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा।
चंदन सिंह एक्सईएन - जलकल विभाग
नहर में तीन से साढ़े तीन फीट घास जमा हो गई है। इसके चलते पानी का प्रवाह प्रभावित हो रहा है। चलती नहर में सफाई का कार्य कराया जा रहा है। इसके चलते दिक्कत आ रही है।
रविंद्र कुमार - जेई सिंचाई विभाग
कई क्षेत्रों में रहा पानी का संकट
करबला, सुहाग नगर, देवनगर, गांधी नगर, हनुमान रोड, तिलक नगर आदि कई क्षेत्रों में पानी का संकट रहा। करबला में लोगों को रात में जाग कर पानी भरा। कई क्षेत्रों में टैंकरों से जलापूर्ति की गई।