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कैंप लगवाकर बच्चों को लगवाएंगे टीका
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कैंप लगवाकर बच्चों को लगवाएंगे टीका
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। पांच से 12 साल तक के बच्चों के टीके को मंजूरी मिल गई है लेकिन टीकाकरण शुरू होने का इंतजार है। 12 साल से अधिक आयु के बच्चों का टीकाकरण चल रहा है। स्कूल संचालकों का कहना है कि बच्चों को टीका जरूर लगवाएं। कोरोना से बचने के लिए वैक्सीन ही मजबूत सुरक्षा कवच है। स्कूल संचालक टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रेरित कर रहे हैं। टीकाकरण से ही कोरोना से लड़ने की क्षमता विकसित होगी। कोरोना थमा रहेगा तो शिक्षा व्यवस्था भी बेहतर ढंग से चलती रहेगी। स्कूल संचालकों ने टीकाकरण कैंप लगाकर बच्चों के टीका लगवाने का संकल्प भी लिया है।
- कोरोनाकाल में हर कोई डरा हुआ था और महामारी से बचाव के लिए विकल्प ढूंढ रहा था। अब तो वैक्सीन भी है। बच्चों की वैक्सीन भी सरकार निशुल्क लगवा रही है। ऐसे में हर अभिभावक को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। यदि जरूरत पड़ेगी तो स्कूल में कैंप लगवाकर शत प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण कराएंगे।
मनोज गर्ग, डायरेक्टर पंडित मुरारीलाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल
- 15 से 17 साल के किशोरों का टीकाकरण हमने कैंप लगाकर कराया था। अन्य छोटे बच्चों को भी टीकाकरण के लिए हम प्रेरित कर रहे हैं कि सभी अभिभावक अपने बच्चों का टीकाकरण कराएं। बच्चों और अभिभावकों की काउंसिलिंग कराएंगे।
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नंदनी यादव, प्रधानाचार्य आईवी इंटरनेशनल स्कूल
- अभिभावकों को समझना चाहिए कि बच्चों का टीकाकरण जरूरी है। टीकाकरण से कोई नुकसान नहीं हुआ है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। स्कूल में आने वाले हर अभिभावक से कहेंगे कि जो टीकाकरण के दायरे में आते हों, उन बच्चों को टीका लगवाएं।
रितु पलिया, प्रधानाचार्य मायर पब्लिक स्कूल
- कोरोना की चौथी लहर आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में हमें पहले ही सतर्क हो जाना चाहिए। सरकार बच्चों और बड़ों का नि:शुल्क टीकाकरण करा रही है। हम स्कूल में हर बच्चे की काउंसिलिंग कराएंगे और टीकाकरण के फायदे बताएंगे। अधिकाधिक लोगों का टीकाकरण होगा तो कोरोना से जंग आसानी से जीती जा सकेगी।
रूपाली भटनागर, प्रधानाचार्य किड्स कॉर्नर स्कूल
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। पांच से 12 साल तक के बच्चों के टीके को मंजूरी मिल गई है लेकिन टीकाकरण शुरू होने का इंतजार है। 12 साल से अधिक आयु के बच्चों का टीकाकरण चल रहा है। स्कूल संचालकों का कहना है कि बच्चों को टीका जरूर लगवाएं। कोरोना से बचने के लिए वैक्सीन ही मजबूत सुरक्षा कवच है। स्कूल संचालक टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रेरित कर रहे हैं। टीकाकरण से ही कोरोना से लड़ने की क्षमता विकसित होगी। कोरोना थमा रहेगा तो शिक्षा व्यवस्था भी बेहतर ढंग से चलती रहेगी। स्कूल संचालकों ने टीकाकरण कैंप लगाकर बच्चों के टीका लगवाने का संकल्प भी लिया है।
- कोरोनाकाल में हर कोई डरा हुआ था और महामारी से बचाव के लिए विकल्प ढूंढ रहा था। अब तो वैक्सीन भी है। बच्चों की वैक्सीन भी सरकार निशुल्क लगवा रही है। ऐसे में हर अभिभावक को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। यदि जरूरत पड़ेगी तो स्कूल में कैंप लगवाकर शत प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण कराएंगे।
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मनोज गर्ग, डायरेक्टर पंडित मुरारीलाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल
- 15 से 17 साल के किशोरों का टीकाकरण हमने कैंप लगाकर कराया था। अन्य छोटे बच्चों को भी टीकाकरण के लिए हम प्रेरित कर रहे हैं कि सभी अभिभावक अपने बच्चों का टीकाकरण कराएं। बच्चों और अभिभावकों की काउंसिलिंग कराएंगे।
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नंदनी यादव, प्रधानाचार्य आईवी इंटरनेशनल स्कूल
- अभिभावकों को समझना चाहिए कि बच्चों का टीकाकरण जरूरी है। टीकाकरण से कोई नुकसान नहीं हुआ है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। स्कूल में आने वाले हर अभिभावक से कहेंगे कि जो टीकाकरण के दायरे में आते हों, उन बच्चों को टीका लगवाएं।
रितु पलिया, प्रधानाचार्य मायर पब्लिक स्कूल
- कोरोना की चौथी लहर आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में हमें पहले ही सतर्क हो जाना चाहिए। सरकार बच्चों और बड़ों का नि:शुल्क टीकाकरण करा रही है। हम स्कूल में हर बच्चे की काउंसिलिंग कराएंगे और टीकाकरण के फायदे बताएंगे। अधिकाधिक लोगों का टीकाकरण होगा तो कोरोना से जंग आसानी से जीती जा सकेगी।
रूपाली भटनागर, प्रधानाचार्य किड्स कॉर्नर स्कूल