फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Treatment did not get oxygen, 12 patients succumbed

उपचार मिला न ऑक्सीजन, 12 मरीजों ने तोड़ा दम

Tue, 27 Apr 2021 12:07 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 27 Apr 2021 12:07 AM IST
विज्ञापन
Treatment did not get oxygen, 12 patients succumbed
जिला अस्पताल के एमआईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन खत्म होने के बाद एंबुलेंस से आक्सीजन लगाकर मरीज को सभ? - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। सुहागनगरी में ऑक्सीजन का संकट गहराता जा रहा है। तीमारदारों के हाथों में मरीज दम तोड़ रहे है। सोमवार को ऑक्सीजन के अभाव और समय से उपचार न मिलने के कारण 12 मरीजों ने दम तोड़ दिया। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में पांच, वार्ड नंबर चार में तीन, सॉरी वार्ड में एक, हाईवे पर एक और एफएच मेडिकल कॉलेज में दो मरीजों ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन

जिला अस्पताल परिसर में बने सॉरी वार्ड में सोमवार सुबह करीब चार बजे ऑक्सीजन खत्म हो गई। वार्ड में भर्ती मरीज जीवन और मौत के बीच संघर्ष करने लगे। ऑक्सीजन खत्म होने की जानकारी पर वार्ड के बाहर बैठे तीमारदारों ने चिकित्सक और स्टाफ से संपर्क साधा।
विज्ञापन

स्वास्थ्य अधिकारियों के फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन सुबह साढ़े छह बजे तक किसी ने फोन नहीं उठाया। तीमारदार ऑक्सीजन के लिए इधर से उधर भटकते रहे। इस बीच सॉरी वार्ड में भर्ती छिबरामऊ निवासी ऊषा देवी की मौत हो गई। ऊषा देवी के बेटे शिवकांत ने बताया कि सुबह करीब चार बजे ऑक्सीजन खत्म होने से मां की मौत हुई है। उन्हें विगत 12 अप्रैल को सॉरी वार्ड में भर्ती कराया गया था। महिला की मौत के बाद ऊषा के परिजनों के साथ अन्य मरीजों के तीमारदारों में आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने हंगामा कर दिया। इस पर स्टाफ और चिकित्सक सॉरी वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों को भगवान भरोसे छोड़कर दूसरी मंजिल पर पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूचना पर थाना उत्तर से फोर्स पहुंच गई। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाकर मामले को शांत किया। इसके बाद तकरीबन नौ बजे ऑक्सीजन लेकर एक गाड़ी अस्पताल पहुंची और मरीजों को ऑक्सीजन मिल सकी। इधर, दोपहर करीब तीन बजे सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती विपिन कुमार गर्ग निवासी हिमायूंपुर की मौत हो गई।
वहीं शिकोहाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती विधूना निवासी कुसुम की भी ऑक्सीजन न मिलने के कारण हालत बिगड़ गई। एकाएक अस्पताल में मरीज को बाहर ले जाने को कहा। दिल्ली ले जाते समय एंबुलेंस में मरीज की मौत हो गई। खैरगढ़ निवासी कमलेश की मौत ट्रामा सेंटर के गेट पर दम तोड़ दिया। कुसुम के पुत्र अमित ने बताया कि वह देर रात से मां को भर्ती करने की गुहार लगाता रहा लेकिन चिकित्सक व कर्मचारी नहीं आए।
जरौली कलां निवासी 20 वर्षीय बीना की भी सरकारी ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन के अभाव में मौत हो गई। बीना के पिता शिव नारायन ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाए। कहा यदि बेटी को समय से ऑक्सीजन मिल जाती तो उसकी जान बच जाती। वहीं तीन मरीजों ने वार्ड नंबर चार में दम तोड़ दिया। चौकी प्रभारी जिला अस्पताल का कहना है कि मृतक के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया।

अच्छा इलाज चाहिए तो प्राइवेट अस्पताल ले जाओ
फिरोजाबाद। बढ़ते कोरोना संक्रमण में चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ का व्यवहार भी मरीजों और तीमारदारों की हिम्मत तोड़ रहा है। ऑक्सीजन खत्म होने पर सोमवार तड़के तीमारदारों ने चिकित्सक और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से ऑक्सीजन का इंतजाम करने के लिए कहा लेकिन किसी ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। चिकित्सक बोले, जो संसाधन है, उससे ही इलाज मिलेगा। कोई और व्यवस्था नहीं कर सकते। अच्छा और बेहतर इलाज चाहिए, तो मरीज को प्राइवेट ले जाओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed