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साढ़े तीन घंटे एंबुलेंस में तड़पी एचआईवी पाजिटिव प्रसूता
अमर उजाला
Updated Fri, 04 Nov 2016 12:26 AM IST
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संस्थागत प्रसव के लिए गुरुवार को जिला महिला अस्पताल पहुंची एचआईवी पाजिटिव महिला साढ़े तीन घंटे तक एंबुलेंस में तड़पती रही। एचआईवी पाजिटिव होने के कारण चिकित्सकों ने उसे भर्ती करना तो दूर छूआ तक नहीं। बिना चेकअप और प्राथमिक उपचार दिए उसे रेफर करने की जिद पर अडे़ रहे। परिवारीजन थक हारकर उसे आगरा ले गए।
स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्यरत एनजीओ संस्था ओआरडब्लू(आउट रिस्चर्ड वर्कर) ने आसफाबाद क्षेत्र की एक गर्भवती महिला की जांच कराई तो उसे एचआईवी पाजिटिव पाया गया। गुरुवार सुबह उसको प्रसव पीड़ा हुई।
परिजन प्रसव के लिए सुबह आठ बजे जिला महिला अस्पताल ले आए। सीएमएस ने गर्भवती की जांच करने से पहले पुरानी रिपोर्ट देखी। रिपोर्ट में एचआईवी पाजिटिव देखकर डाक्टर ने प्रसूता को भर्ती करने से इंकार कर दिया। ओआरडब्लू के प्रतिनिधि पुष्पेंद्र शर्मा, सरिता यादव और वंदना भारद्वाज ने सीएमओ को फोन कर पूरी जानकारी दी। सीएमओ के आदेश के बाद भी जिला महिला अस्पताल की सीएमएस ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। गर्भवती महिला 11.30 बजे तक अस्पताल के गेट के बाहर 102 एंबुलेंस में तड़पती रही। बाद में उसकी हालत बिगड़ती देख परिवारीजन उसे आगरा ले गए। इस मामले में सीएमओ डा. पुष्कर आनंद ने सीएमएस महिला अस्पताल के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही है।
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पांच और गर्भवतियों को है एचआईवी पाजिटिव
ओआरडब्लू की रिपोर्ट के अनुसार जिले में पांच और एचआईवी पीड़ित महिलाएं गर्भवती हैं। इसका प्रसव समय जल्द ही है। संस्था को चिंता है कि चिकि त्साधिकारियों का यही रवैया रहा तो उनकी जान पर बन आ सकती है।
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स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्यरत एनजीओ संस्था ओआरडब्लू(आउट रिस्चर्ड वर्कर) ने आसफाबाद क्षेत्र की एक गर्भवती महिला की जांच कराई तो उसे एचआईवी पाजिटिव पाया गया। गुरुवार सुबह उसको प्रसव पीड़ा हुई।
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परिजन प्रसव के लिए सुबह आठ बजे जिला महिला अस्पताल ले आए। सीएमएस ने गर्भवती की जांच करने से पहले पुरानी रिपोर्ट देखी। रिपोर्ट में एचआईवी पाजिटिव देखकर डाक्टर ने प्रसूता को भर्ती करने से इंकार कर दिया। ओआरडब्लू के प्रतिनिधि पुष्पेंद्र शर्मा, सरिता यादव और वंदना भारद्वाज ने सीएमओ को फोन कर पूरी जानकारी दी। सीएमओ के आदेश के बाद भी जिला महिला अस्पताल की सीएमएस ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। गर्भवती महिला 11.30 बजे तक अस्पताल के गेट के बाहर 102 एंबुलेंस में तड़पती रही। बाद में उसकी हालत बिगड़ती देख परिवारीजन उसे आगरा ले गए। इस मामले में सीएमओ डा. पुष्कर आनंद ने सीएमएस महिला अस्पताल के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही है।
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पांच और गर्भवतियों को है एचआईवी पाजिटिव
ओआरडब्लू की रिपोर्ट के अनुसार जिले में पांच और एचआईवी पीड़ित महिलाएं गर्भवती हैं। इसका प्रसव समय जल्द ही है। संस्था को चिंता है कि चिकि त्साधिकारियों का यही रवैया रहा तो उनकी जान पर बन आ सकती है।