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सामाजिक परिवर्तन के लिए संघ बसाएगा कामधेनु नगर
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 10 May 2015 09:46 PM IST
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सामाजिक परिवर्तन के लिए संघ देश भर में नया अभियान चलाने की तैयारी में है। संघ कुछ महीनों में ब्रज समेत प्रदेश में कई कामधेनु नगर बसाएगा। समाज से रिश्तों में प्रगाढ़ता लाने के लिए फीरोजाबाद में भी एक क्षेत्र को संघ विशेष रूप से सुसज्जित करेगा। कामधेनु नगर के रूप में गोशालाएं आधुनिक रूप से विकसित की जाएंगी, जिन्हें रिहायशी इलाकों के पास बनाया जाएगा। इसके लिए संगठन ने अखिल भारतीय स्तर पर कवायद तेज कर दी हैं।
हिंदू परंपरा में गौ को सबसे पवित्र माना गया है। संघ का मानना है कि गायों की रक्षा उन्हें रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनाने की बाद ही की जा सकती है। संघ के विभाग प्रचारक अनुज कुमार ने बताया कि अखिल भारतीय स्तर पर कामधेनु नगर की योजना बनाई गई है। स्थानीय स्तर पर कवायद चल रही है। शहर की रेजिडेंशल सोसाइटीज और आसपास के क्षेत्र के बाशिंदों से बात की जा रही है। इन गोशालाओं से कॉलोनियों को दूध, दवाएं और गोबर गैस मिलेगी। बदले में कॉलोनियां इन गोशालाओं की देखभाल में मदद करेंगी। उत्तर प्रदेश के अलावा संघ अन्य प्रदेशों में भी चल रहीं गोशालाओं को आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी में है। इन गौशालाओं में विशुद्ध भारतीय नस्ल की गायें रखी जाएंगी। उन्होंने कहा, अपराध मुक्त भारत के लिए जरूरी है कि हमारे बच्चे भारतीय गायों का ही दूध पिएं, इससे सात्विकता बढ़ेगी। जर्सी गायों और भैंस का दूध पीने से दिमाग में बुरे विचार आते हैं और लोग अपराधी बन जाते हैं। संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की मानें तो गायों की रक्षा से जुड़े संघ के 18 सूत्रीय एजेंडा का यह हिस्सा है। इसके तहत गोधन पर आधारित खेती को बढ़ावा देने, जेलों में गोशालाएं बनाने, स्कूली बच्चों को स्कॉलरशिप देने के लिए गायों के बारे में परीक्षा कराने, गो विज्ञान के अध्ययन के लिए एक विश्वविद्यालय खोलने, हर राज्य में एक गाय अभयारण्य खोलने और मंदिरों में हर सप्ताह गो कथा कराने की बातें हैं। संघ ने फिनाइल, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, मच्छर भगाने वाले उत्पादों सहित 104 चीजों की सूची बनाई है। इसे उससे जुड़े तमाम एनजीओ ने तैयार किया जा रहा है।
बनकट में बनेगा विशेष ग्राम
जहां एक ओर संघ शहरी क्षेत्रों में शाखा के अलावा अपनी पकड़ मजबूत करने पर जोर दे रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष ग्राम बनाकर आदर्श भी प्रस्तुत करने का खाका खींच रहा है। विभाग प्रचारक अनुज जी ने बताया कि विभाग क्षेत्र में मैनपुरी का सहन गांव गोद लिया था, जिसे विकसित किया जा रहा है। फीरोजाबाद में टूंडला के समीप बनकट को गोद लेकर विशेष कार्यक्रम एवं संघ गतिविधियां चला रहा है। महिलाओं को सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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गोकुल गुरुकुल में पढ़ेंगे बच्चे
बता दें कि संघ ने समूचे राजस्थान में स्कूली बच्चों के लिए गो ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया था। इसी क्रम में अब दूसरे राज्यों में भी इसका आयोजन किया जाएगा। संघ सूत्रों के अनुसार देश भर में संघ इस साल बड़े आवासीय स्कूलों में 80 गोकुल गुरुकुल खोलने की योजना बना रहा है। इन आवासीय विद्यालयों में संघ पद्धति से शिक्षा और संस्कार सिखाए जाएंगे। इसके अलाव गौ सेवा भी प्रमुख रहेगी। संघ की योजना ऐसा ट्रैक्टर बनाने की भी है, जिसे बैलों से खींचा जा सकेगा। इस तरह किसानों को पशु आधारित खेती की व्यवस्था की ओर लौटाया जा सकेगा।
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हिंदू परंपरा में गौ को सबसे पवित्र माना गया है। संघ का मानना है कि गायों की रक्षा उन्हें रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनाने की बाद ही की जा सकती है। संघ के विभाग प्रचारक अनुज कुमार ने बताया कि अखिल भारतीय स्तर पर कामधेनु नगर की योजना बनाई गई है। स्थानीय स्तर पर कवायद चल रही है। शहर की रेजिडेंशल सोसाइटीज और आसपास के क्षेत्र के बाशिंदों से बात की जा रही है। इन गोशालाओं से कॉलोनियों को दूध, दवाएं और गोबर गैस मिलेगी। बदले में कॉलोनियां इन गोशालाओं की देखभाल में मदद करेंगी। उत्तर प्रदेश के अलावा संघ अन्य प्रदेशों में भी चल रहीं गोशालाओं को आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी में है। इन गौशालाओं में विशुद्ध भारतीय नस्ल की गायें रखी जाएंगी। उन्होंने कहा, अपराध मुक्त भारत के लिए जरूरी है कि हमारे बच्चे भारतीय गायों का ही दूध पिएं, इससे सात्विकता बढ़ेगी। जर्सी गायों और भैंस का दूध पीने से दिमाग में बुरे विचार आते हैं और लोग अपराधी बन जाते हैं। संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की मानें तो गायों की रक्षा से जुड़े संघ के 18 सूत्रीय एजेंडा का यह हिस्सा है। इसके तहत गोधन पर आधारित खेती को बढ़ावा देने, जेलों में गोशालाएं बनाने, स्कूली बच्चों को स्कॉलरशिप देने के लिए गायों के बारे में परीक्षा कराने, गो विज्ञान के अध्ययन के लिए एक विश्वविद्यालय खोलने, हर राज्य में एक गाय अभयारण्य खोलने और मंदिरों में हर सप्ताह गो कथा कराने की बातें हैं। संघ ने फिनाइल, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, मच्छर भगाने वाले उत्पादों सहित 104 चीजों की सूची बनाई है। इसे उससे जुड़े तमाम एनजीओ ने तैयार किया जा रहा है।
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बनकट में बनेगा विशेष ग्राम
जहां एक ओर संघ शहरी क्षेत्रों में शाखा के अलावा अपनी पकड़ मजबूत करने पर जोर दे रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष ग्राम बनाकर आदर्श भी प्रस्तुत करने का खाका खींच रहा है। विभाग प्रचारक अनुज जी ने बताया कि विभाग क्षेत्र में मैनपुरी का सहन गांव गोद लिया था, जिसे विकसित किया जा रहा है। फीरोजाबाद में टूंडला के समीप बनकट को गोद लेकर विशेष कार्यक्रम एवं संघ गतिविधियां चला रहा है। महिलाओं को सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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गोकुल गुरुकुल में पढ़ेंगे बच्चे
बता दें कि संघ ने समूचे राजस्थान में स्कूली बच्चों के लिए गो ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया था। इसी क्रम में अब दूसरे राज्यों में भी इसका आयोजन किया जाएगा। संघ सूत्रों के अनुसार देश भर में संघ इस साल बड़े आवासीय स्कूलों में 80 गोकुल गुरुकुल खोलने की योजना बना रहा है। इन आवासीय विद्यालयों में संघ पद्धति से शिक्षा और संस्कार सिखाए जाएंगे। इसके अलाव गौ सेवा भी प्रमुख रहेगी। संघ की योजना ऐसा ट्रैक्टर बनाने की भी है, जिसे बैलों से खींचा जा सकेगा। इस तरह किसानों को पशु आधारित खेती की व्यवस्था की ओर लौटाया जा सकेगा।