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टीम ने जांची ओडीएफ गांवों की व्यवस्थाएं
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:05 PM IST
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ओडीएफ की प्रगति जानती कोलकाता की टीम
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ हुए चुनिंदा गांवों का हाल जानने सीएलटीएस (सामुदायिक संचालित संपूर्ण स्वच्छता फाउंडेशन) की टीम मंगलवार को जिले में आई। टीम ने फीरोजाबाद के रूपसपुर में घर-घर जाकर महिलाओं एवं बच्चों से सीधे बात कर सुझाव दिए। खुले में शौच से मुक्त मिलने से उन्हें क्या लाभ मिला।
स्वच्छ भारत मिशन के प्रदेश कोआर्डिनेटर संजय सिंह के निर्देशन में सोमवार को जिले में संस्था की एक्सपर्ट आस्था, प्रीत्था जिले में आई। उन्होंने जिले के अफसरों से सीधे बात की। मंगलवार को तड़के पांच बजे ही मुख्यालय से निकली और सीधे मदनपुर ब्लाक के गांव अहमदपुर जा पहुंची। ग्रामीणों से सीधे बात की। फीरोजाबाद ब्लाक के गांव रूपसपुर में पहुंचीं। गांव में प्रवेश करते ही डीपीआरओ बनवारी सिंह, डीपीसी पुनीत निगम उनके साथ थे। गांव का भ्रमण करते हुए पहुंचे तो निगरानी टीम के आशीष शर्मा छोटू ने लोगों को खुले में शौच करने के नुकसान बताए। गांव की महिला सुनीता पत्नी ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि शौचालय प्रयोग करने से काफी लाभ हुआ। गांव का भ्रमण करते हुए टीम मधु के घर पहुंची और अंदर ही बनें शौचालय को देखा। मनोज शर्मा के घर के बाहर बनें शौचालय पर मल नाली में बहाने पर आस्था ने उन्हें गड्ढा बनाकर पानी का रुख उस ओर करने की सीख दी। खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोने को भी कहा। हाथवंत ब्लाक के लखौआ गांव में पहुंचे तो वहां कुछ दिक्कतें मिलीं, जिनमें सुधार का भरोसा दिया। गांव का भ्रमण करने के पश्चात डीएम निधि केसरवानी से भेंट की और उनके नए प्रयोग को सराहा। भ्रमण के साथ टीम कन्नौज के लिए रवाना हो गई।
बढ़ सकते हैं एक डीपीसी व नौ ब्लाक कोआर्डिनेटर
खुले में शौच की काफी अच्छी प्रगति होने के ही कारण स्टेट कोआर्डिनेटर संजय सिंह चौहान ने जिले में एक डीपीसी (जिला कोआर्डिनेटर) एवं प्रत्येक ब्लाक में एक के स्थान पर दो ब्लाक कोआर्डिनेटर करने की सलाह डीपीआरओ को दी। साफ कहा कि इससे अभियान की मानीटरिंग काफी अच्छे ढंग से हो सकेगी।
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स्वच्छ भारत मिशन के प्रदेश कोआर्डिनेटर संजय सिंह के निर्देशन में सोमवार को जिले में संस्था की एक्सपर्ट आस्था, प्रीत्था जिले में आई। उन्होंने जिले के अफसरों से सीधे बात की। मंगलवार को तड़के पांच बजे ही मुख्यालय से निकली और सीधे मदनपुर ब्लाक के गांव अहमदपुर जा पहुंची। ग्रामीणों से सीधे बात की। फीरोजाबाद ब्लाक के गांव रूपसपुर में पहुंचीं। गांव में प्रवेश करते ही डीपीआरओ बनवारी सिंह, डीपीसी पुनीत निगम उनके साथ थे। गांव का भ्रमण करते हुए पहुंचे तो निगरानी टीम के आशीष शर्मा छोटू ने लोगों को खुले में शौच करने के नुकसान बताए। गांव की महिला सुनीता पत्नी ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि शौचालय प्रयोग करने से काफी लाभ हुआ। गांव का भ्रमण करते हुए टीम मधु के घर पहुंची और अंदर ही बनें शौचालय को देखा। मनोज शर्मा के घर के बाहर बनें शौचालय पर मल नाली में बहाने पर आस्था ने उन्हें गड्ढा बनाकर पानी का रुख उस ओर करने की सीख दी। खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोने को भी कहा। हाथवंत ब्लाक के लखौआ गांव में पहुंचे तो वहां कुछ दिक्कतें मिलीं, जिनमें सुधार का भरोसा दिया। गांव का भ्रमण करने के पश्चात डीएम निधि केसरवानी से भेंट की और उनके नए प्रयोग को सराहा। भ्रमण के साथ टीम कन्नौज के लिए रवाना हो गई।
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बढ़ सकते हैं एक डीपीसी व नौ ब्लाक कोआर्डिनेटर
खुले में शौच की काफी अच्छी प्रगति होने के ही कारण स्टेट कोआर्डिनेटर संजय सिंह चौहान ने जिले में एक डीपीसी (जिला कोआर्डिनेटर) एवं प्रत्येक ब्लाक में एक के स्थान पर दो ब्लाक कोआर्डिनेटर करने की सलाह डीपीआरओ को दी। साफ कहा कि इससे अभियान की मानीटरिंग काफी अच्छे ढंग से हो सकेगी।
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