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गड्ढों में घर, नहीं पानी मयस्सर

Wed, 15 Feb 2017 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद।
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद। Updated Wed, 15 Feb 2017 11:09 PM IST
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The pit house, not accessible to water
गड्ढों में घर, नहीं पानी मयस्सर - फोटो : अमर उजाला
शहर के वार्ड नंबर दो टापाखुर्द के हालात बेहद खराब हैं। वार्ड में कच्ची सड़कें, गड्ढों में बने घरों में जनता रहने को मजबूर है। बरसात के मौसम में हालात इतने विकराल हो जाते हैं कि लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं।
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नगर निगम सीमा में शामिल होने के आठ वर्षों बाद भी शहर के हालात नहीं बदले। वर्ष 2008 में शामिल हुईं 13 ग्रामसभाओं में आज भी ग्रामीण परिवेश जैसे हालात नजर आते हैं। वार्ड में जगह-जगह कच्ची गलियां हैं, जहां वर्षों के बाद भी सड़क तो दूर नाली, खड़ंजा तक का पता नहीं है। वार्ड में कई ऐसे मोहल्ले हैं, जहां जनता गड्ढों में रहने को मजबूर है। बरसात पानी घरों के अंदर घुसने से मकानों की छतों व दीवार चटक जाती हैं, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है। वार्ड में पेयजल का गंभीर संकट है। हजारों की आबादी के लिए वार्ड में नगला पान सहाय और रानी नगर में दो टंकियां हैं। इन्हें भरने के लिए चार नलकूप भी लगे हैं, परंतु वार्ड की आधी आबादी को पानी नसीब नहीं होता। वार्ड में लगे हैंडपंप शोपीस बन चुके हैं। ऐसी स्थिति में जनता प्राइवेट सबमर्सिबलों से प्रतिमाह 300 से 400 रुपये खर्च का पानी पीने को मजबूर है। मात्र आठ कर्मचारी तैनात हैं, जबकि वार्ड में सफाई के लिए कम से कम 50 कर्मचारियों की जरूरत है।
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वार्ड की आबादी- करीब 32 हजार
वार्ड में मतदाता - 18,900

वार्ड में यह हैं प्रमुख समस्याएं
-पूरे वार्ड में पेयजल की गंभीर समस्या, क्षेत्रीय लोग प्राइवेट सबमर्सिबल से खरीद कर पानी पीने को मजबूर हैं
-गली-मोहल्लों में विद्युत पोल नहीं लगे। घरों में बिजली के लिए दूर से खींच कर लानी पड़ती हैं केबिल
-पूरे वार्ड में सफाई व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है
-वार्ड में कई जगह बने हैं डंपिग ग्राउंड, जहां हर रोज पड़ता है कूड़ा
वार्ड नं. दो में यह हैं मोहल्ले: नगला पान सहाय, टापाखुर्द, रानीनगर, काशी बिहार, द्वारिकापुरी, सविता नगर, दयाल नगर, बघेल कालोनी, न्यू अंबेडकर नगर, सत्यनगर, कश्यप नगर, इंद्रपुरी, नई आबादी।
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क्या कहते हैं वार्ड के बाशिंदे
सत्यनगर टापाकलां निवासी बंटी का कहना है कि पूरे मोहल्लों में सफाई का कोई इंतजाम नहीं है। महीनों से नाला चौक पड़ा है। बरसात के सीजन में घर निकलना मुश्किल हो जाता है।
द्वारिकापुरी निवासी नीरज का कहना है कि सड़कों के किनारे नाली व खड़ंजा न होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती है। घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर भर जाता है।
रानीनगर निवासी प्रमोद कुमार ने कहा कि क्षेत्र में 15-15 दिनों तक कोई सफाई कर्मचारी नहीं आता है। गलियों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। नाले-नालियां चौक होने से दुर्गंध उठती है।
टापाखुर्द निवासी जगदीश ने कहा कि क्षेत्र में कच्ची गलियों में पानी निकासी का इंतजाम नहीं है। वर्षों बाद भी नगर निगम ने सड़कों का निर्माण नहीं किया गया।


इनकी भी सुनिए
अपने कार्यकाल में वार्ड में कई मुख्य मार्गों का निर्माण कराया गया है। क्षेत्र में 40 प्रतिशत तक लिंक गलियां का निर्माण नहीं हुआ। सड़कों का निर्माण कराने, क्षेत्र की सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए बार-बार नगर निगम में लिखकर दिया, परंतु वहां कोई सुनने वाला नहीं है।
धनश्री- निवर्तमान सभासद
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