फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The people of Suhagnagar are pressing the victory button on the new face.

लोकसभा चुनाव 2024: क्या अपने गढ़ में सपा कर पाएगी वापसी? फिरोजाबाद की जनता नए चेहरे पर दबाती है जीत का बटन

Sun, 14 Apr 2024 11:26 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Sun, 14 Apr 2024 11:26 AM IST
सार

फिरोजाबाद लोकसभा सीट जिसे समाजवादी पार्टी का गढ़ भी माना जाता है। यहां की जनता के रुख की बात करें तो नए चेहरों पर बटन दबाती है। पिछले चुनावों के आंकड़े देखें तो ये आप पूरी कहानी समझ जाएंगे...
 

विज्ञापन
The people of Suhagnagar are pressing the victory button on the new face.
अखिलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर किसी भी दल के लिए जीत की राह आसान नहीं है। यहां के मतदाता पिछले कई चुनाव से काफी जागरूक हुए हैं। पार्टी बंदी में वोट जरूर करते हैं, लेकिन नए चेहरे पर दांव खेलने में विश्वास जताते हैं। पिछले कई चुनाव के परिणाम इसकी कहानी बयां कर रहे हैं। पिछले चार लोकसभा चुनाव पर नजर डाले तो हर चुनाव में मतदाताओं ने नए प्रत्याशी को ही चुनकर लोकसभा भेजा है। 
विज्ञापन


 

फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर पिछले कई चुनाव से दो पार्टी के बीच ही उठापटक का खेल चल रहा है। वर्ष 2019 की बात करें तो भाजपा ने सपा की अंदरुनी लड़ाई का फायदा उठाते हुए यहां से चंद्रसेन जादौन को प्रत्याशी बनाया। आमजनों में चर्चा थी कि भाजपा का प्रत्याशी चाचा शिवपाल की रजामंदी से भाजपा ने उतारा था। इससे चाचा शिवपाल की दिल्ली की राह आसान हो सके, लेकिन गृहमंत्री अमित शाह ने अपना बयान दिया कि हमारा प्रत्याशी डमी नहीं है। इसके बाद फिरोजाबाद की जनता ने लड़ाई से बाहर दिख रही भाजपा पर अपना प्यार लुटाया। चंद्रसेन जादौन ने अक्षय यादव को शिकस्त दी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी तरह वर्ष 2014 में भाजपा से एसपी सिंह बघेल चुनाव में उतरे, लेकिन फिरोजाबाद की जनता ने सैफई परिवार के चेहरे नए चेहरे अक्षय यादव को चुनकर लोकसभा भेजा। हालांकि इस चुनाव में सपा पर बूथ कैप्चरिंग जैसे आरोप भी लगे। एसपी सिंह बघेल ने इस आरोप को लेकर शाम को जैन मंदिर चौराहे पर धरने पर बैठे, तो पुलिस ने उन पर जमकर लाठियां भी बरसाईं।

 
विज्ञापन

 वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद की जनता ने सैफई परिवार के चेहरे को वरीयता दी। यहां से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मैदान में उतरे। इस बार उनकी चुनावी लड़ाई उस समय बसपा नेता एसपी सिंह बघेल से हुई। इस चुनाव में जनता ने नए चेहरे के रूप में अखिलेश यादव को जिताया। हालांकि बाद में अखिलेश यादव ने यहां से इस्तीफा देकर अपनी पत्नी डिंपल यादव को चुनाव मैदान में उतारा। इस चुनाव में एक बड़ी उठापटक फिर देखने को मिली। कांग्रेस ने यहां से सिनेस्टार राजबब्बर को डिंपल के मुकाबले उतारा। राजबब्बर ने यहां से बड़ी जीत दर्ज की।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed