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बढ़ते पारे ने बढ़ाई परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
Updated Wed, 27 Apr 2016 11:18 PM IST
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सूरज की तल्ख धूप और सड़कों की तपिश ने किया बुरा हाल
- फोटो : अमर उजाला
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गर्मी ने बुधवार को सड़कों पर निकलना दूभर कर दिया। सूरज की तल्ख धूप और गर्मी से लोग परेशान हो उठे। स्कूल से रिक्शे में आने-जाने वाले बच्चों को भी खासी परेशानी हुई। छाया की तलाश में लोग पेड़ के नीचे आराम करते नजर आए।
अप्रैल के अंत में चिलचिलाती धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से ही गर्मी का प्रकोप शुरू हो जाता है। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ। पारा चालीस के पार पहुंच गया। सड़कों पर लोगों ने निकलने से परहेज किया, जरूरत पड़ने पर लोग मुंह ढंककर निकले।
सुहागनगरी में तापमान बढ़ने के साथ पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है। निगम द्वारा लगवाए गए नलकूपों से पानी नहीं आ रहा है। वहीं बिजली कटौती के कारण टंकी और सीडब्ल्यूआर खाली पड़े हैं। पानी की तलाश में प्यासी जनता सड़कों पर भटक रही है।
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सूर्यदेव के तेवर तल्ख होने के साथ ही शहर में पेयजल संकट गहरा रहा है। दिन-रात जागने के बावजूद जनता की प्यास नहीं बुझ रही है। सुबह से रात तक प्यासी जनता पानी की तलाश में भटक रही है। निगम के संसाधन दम तोड़ रहे हैं। गर्मी बढ़ने के कारण नलकूपों के हलक सूख रहे हैं। शहर में स्थापित कई नलकूप हंटिंग कर रहे हैं तो कई नलकूपों का पानी उतर गया है। वहीं विद्युत विभाग द्वारा अघोषित कटौती ने पेयजल संकट बढ़ रहा है। खासकर रात्रि में बिजली कटौती के कारण टंकियां और सीडब्लूआर नहीं भर पा रहे हैं। बिजली कटौती के कारण विभव नगर, रसूलपुर, नगला बरी, रामलीला, सती आश्रम, आगरा गेट, करबला, ग्रीन पार्क, हिमायूंपुर क्षेत्र में स्थापित टंकिंया प्रभावित हो रही हैं।
बाक्स--
कई टंकियों पर नहीं जेनरेटर की व्यवस्था
गर्मी के मौसम में पेयजल संकट प्रतिदिन गंभीर हो रहा है। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा अभी तक कई टंकियों पर जेनरेटर नहीं लगवाए गए हैं। वहीं जिन टंकियों पर जेनरेटर भी लगे हैं, वहां पर्याप्त डीजल नहीं पहुंच रहा है, ऐसे में जेनरेटर भी खड़े-खड़े हांफ रहे हैं।
गर्मी बढ़ते ही डबल हो गई टैंकरों की मांग
नगर निगम द्वारा शहर में टैंकरों के माध्यम से होने वाली पेयजल आपूर्ति की मांग दोगुनी हो गई है। निगम के सूत्रों की मानें तो मार्च माह में प्रतिदिन 30 से 35 टैंकरों से आपूर्ति हो रही थी। वर्तमान में टैंकरों की मांग प्रतिदिन 60 से 70 तक पहुंच गई है।
इन क्षेत्रों में है पेयजल का गंभीर संकट
तिलक नगर, ओम कालोनी, सुभाष कालोनी, बोधाश्रम, नगला करन सिंह, ओझा नगर, संतोष नगर, कैलाश नगर, महादेव नगर, मोहल्ला दखल, दयाल नगर, करबला, नई बस्ती, राही नगर, शीशग्रान,छतरी वाला कुआं, इमामबाड़ा, अट्टा मोहल्ला, गली बौहरान, चौकी गेट वाल्मीकि बस्ती, शीतल खां, हाजीपुरा, कैलाश नगर।
इन क्षेत्रों में खराब पड़े हैं नलकूप
मायापुरी, आनंद नगर, ठारपूठा, वाजिदपुर की ठार, आगाशाह की मस्जिद, अंबेडकर पार्क, कौशल्या नगर शिवमंदिर, कृष्णानगर मरघटी। अवर अभियंता संजय सिंघल ने बताया कि सभी नलकूपों को ठीक कराने का कार्य चल रहा है। सायं तक सभी नलकूप चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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अप्रैल के अंत में चिलचिलाती धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से ही गर्मी का प्रकोप शुरू हो जाता है। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ। पारा चालीस के पार पहुंच गया। सड़कों पर लोगों ने निकलने से परहेज किया, जरूरत पड़ने पर लोग मुंह ढंककर निकले।
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सुहागनगरी में तापमान बढ़ने के साथ पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है। निगम द्वारा लगवाए गए नलकूपों से पानी नहीं आ रहा है। वहीं बिजली कटौती के कारण टंकी और सीडब्ल्यूआर खाली पड़े हैं। पानी की तलाश में प्यासी जनता सड़कों पर भटक रही है।
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सूर्यदेव के तेवर तल्ख होने के साथ ही शहर में पेयजल संकट गहरा रहा है। दिन-रात जागने के बावजूद जनता की प्यास नहीं बुझ रही है। सुबह से रात तक प्यासी जनता पानी की तलाश में भटक रही है। निगम के संसाधन दम तोड़ रहे हैं। गर्मी बढ़ने के कारण नलकूपों के हलक सूख रहे हैं। शहर में स्थापित कई नलकूप हंटिंग कर रहे हैं तो कई नलकूपों का पानी उतर गया है। वहीं विद्युत विभाग द्वारा अघोषित कटौती ने पेयजल संकट बढ़ रहा है। खासकर रात्रि में बिजली कटौती के कारण टंकियां और सीडब्लूआर नहीं भर पा रहे हैं। बिजली कटौती के कारण विभव नगर, रसूलपुर, नगला बरी, रामलीला, सती आश्रम, आगरा गेट, करबला, ग्रीन पार्क, हिमायूंपुर क्षेत्र में स्थापित टंकिंया प्रभावित हो रही हैं।
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कई टंकियों पर नहीं जेनरेटर की व्यवस्था
गर्मी के मौसम में पेयजल संकट प्रतिदिन गंभीर हो रहा है। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा अभी तक कई टंकियों पर जेनरेटर नहीं लगवाए गए हैं। वहीं जिन टंकियों पर जेनरेटर भी लगे हैं, वहां पर्याप्त डीजल नहीं पहुंच रहा है, ऐसे में जेनरेटर भी खड़े-खड़े हांफ रहे हैं।
गर्मी बढ़ते ही डबल हो गई टैंकरों की मांग
नगर निगम द्वारा शहर में टैंकरों के माध्यम से होने वाली पेयजल आपूर्ति की मांग दोगुनी हो गई है। निगम के सूत्रों की मानें तो मार्च माह में प्रतिदिन 30 से 35 टैंकरों से आपूर्ति हो रही थी। वर्तमान में टैंकरों की मांग प्रतिदिन 60 से 70 तक पहुंच गई है।
इन क्षेत्रों में है पेयजल का गंभीर संकट
तिलक नगर, ओम कालोनी, सुभाष कालोनी, बोधाश्रम, नगला करन सिंह, ओझा नगर, संतोष नगर, कैलाश नगर, महादेव नगर, मोहल्ला दखल, दयाल नगर, करबला, नई बस्ती, राही नगर, शीशग्रान,छतरी वाला कुआं, इमामबाड़ा, अट्टा मोहल्ला, गली बौहरान, चौकी गेट वाल्मीकि बस्ती, शीतल खां, हाजीपुरा, कैलाश नगर।
इन क्षेत्रों में खराब पड़े हैं नलकूप
मायापुरी, आनंद नगर, ठारपूठा, वाजिदपुर की ठार, आगाशाह की मस्जिद, अंबेडकर पार्क, कौशल्या नगर शिवमंदिर, कृष्णानगर मरघटी। अवर अभियंता संजय सिंघल ने बताया कि सभी नलकूपों को ठीक कराने का कार्य चल रहा है। सायं तक सभी नलकूप चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।