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हुकूमत को शरीयत में दखलंदाजी का हक नहीं
अमर उजाला
Updated Fri, 28 Oct 2016 12:20 AM IST
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तीन तलाक पर उलेमाओं ने मरकज साबरी मस्जिद में की मीटिंग
- फोटो : अमर उजाला
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तीन तलाक के मुद्दे पर उलेमा एवं आवाम की बैठकों का दौर जारी है। मौलाना तनवीर उल कादरी ने कहा कि हुकूमत को हक नहीं कि शरीयत में दखलंदाजी करे। ईमान वालों के लिए शरीयत प्रथम है। इसी शरीयत ने मुसलमानों को अपने मुल्क से वफादारी और मुहब्बत की सीख दी है।
जमीअते उलमा ए अहले सुन्नत की जानिब से मौलाना अनवार रजा साहब की सरपरस्ती में बैठक हुई। शहर काजी सैय्यद शाहनियाज अली ने कहा कि हुकूमत क्या जाने शरीअत और तीन तलाक। तीन तलाक का मुद्दा उठाकर केंद्र सरकार अपनी नाकामी छुपा रही है।
सरकार मुसलमानों के हुकूकों को नहीं दिला पा रही है। हमारे नवी ने कह दिया कि उसी पर अमल करना है। शरीयत में किसी प्रकार का बदलाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाफिज रफीउद्दीन कादरी ने कहा कि हुकूमत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 28 अक्तूबर को जुमे की नमाज के बाद महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिले के अधिकारियों को सौंपा जाएगा। इसमें शरीयत में दखलंदाजी का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
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मौलाना अनवार रजा साहब, हाफिज कारी अरशद रजबी, मौलाना अताउल मुस्तफा, हाफिज राशिद, हाफिज आदिल रजा एवं वाजिद अली नूरी आदि मौजूद रहे। संचालन हाफिज कारी अरशद खान रजबी ने किया। अरशद खान रजबी ने कहा कि जुमे की नमाज के बाद सभी मस्जिदों के इमाम नमाजियों के साथ बीपीएल ग्राउंड पर पहुंचेंगे। यहां शहर के सभी इमामों की मौजूदगी में आवाम को जागरूक किया जाएगा। 2.45 बजे प्रशासन के अधिकारियों को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन मौलाना तनवीर एवं हाफिज रफीउद्दीन की सरपरस्ती में दिया जाएगा।
जमीअते उलमा ए अहले सुन्नत की जानिब से मौलाना अनवार रजा साहब की सरपरस्ती में बैठक हुई। शहर काजी सैय्यद शाहनियाज अली ने कहा कि हुकूमत क्या जाने शरीअत और तीन तलाक। तीन तलाक का मुद्दा उठाकर केंद्र सरकार अपनी नाकामी छुपा रही है।
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सरकार मुसलमानों के हुकूकों को नहीं दिला पा रही है। हमारे नवी ने कह दिया कि उसी पर अमल करना है। शरीयत में किसी प्रकार का बदलाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाफिज रफीउद्दीन कादरी ने कहा कि हुकूमत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 28 अक्तूबर को जुमे की नमाज के बाद महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिले के अधिकारियों को सौंपा जाएगा। इसमें शरीयत में दखलंदाजी का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
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मौलाना अनवार रजा साहब, हाफिज कारी अरशद रजबी, मौलाना अताउल मुस्तफा, हाफिज राशिद, हाफिज आदिल रजा एवं वाजिद अली नूरी आदि मौजूद रहे। संचालन हाफिज कारी अरशद खान रजबी ने किया। अरशद खान रजबी ने कहा कि जुमे की नमाज के बाद सभी मस्जिदों के इमाम नमाजियों के साथ बीपीएल ग्राउंड पर पहुंचेंगे। यहां शहर के सभी इमामों की मौजूदगी में आवाम को जागरूक किया जाएगा। 2.45 बजे प्रशासन के अधिकारियों को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन मौलाना तनवीर एवं हाफिज रफीउद्दीन की सरपरस्ती में दिया जाएगा।