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लक्ष्य के अनुरूप खरीद नहीं हुई तो कार्रवाई
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 29 Apr 2016 11:08 PM IST
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गेहूं क्रय केंद्रों का एसडीएम ने निरीक्षण किया
गेहूं की बिक्री को किसानों का रुख सरकारी क्रय केंद्रों के बजाय आढ़तियों की ओर होने पर प्रशासन सक्रिय हो गया। शुक्रवार को एसडीएम सदर एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट रवींद्र मादंड ने खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। किसानों से संपर्क करके गेहूं खरीद का लक्ष्य पूर्ति के भी निर्देश दिए। साफ कहा कि लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी।
सरकारी खरीद केंद्रों के बजाय बाजार में गेहूं की दरों के बढ़ने के साथ किसानों को रुख बाजार की ओर होने लगा है। गेहूं खरीद केंद्रों की हकीकत स्थिति अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में प्रकाशित की थी। किसानों के बदले रुख को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को एसडीएम सदर व संयुक्त मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह ने कोटला रोड स्थित मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मंडी में बने खरीद केंद्र पर मात्र 36 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। सरकारी केंद्र पर तो 1525 रुपया की दर से गेहूं खरीदा जा रहा था। जबकि आढ़तियों के द्वारा 1505 रुपया की दर से गेहूं ही खरीदा जा रहा था। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद केंद्रों के बजाय सीधे किसानों से संपर्क करें ताकि गेहूं लक्ष्य के ही अनुरूप हो सके। एसडीएम ने नगला पान सहाय में चल रहे केंद्र को देखा। उन्होंने केंद्र प्रभारी को निर्देश दिए कि वह दोबारा से खरीद केंद्र को चैक करेंगे। यदि खरीद का लक्ष्य नहीं बढ़ा तो प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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सरकारी खरीद केंद्रों के बजाय बाजार में गेहूं की दरों के बढ़ने के साथ किसानों को रुख बाजार की ओर होने लगा है। गेहूं खरीद केंद्रों की हकीकत स्थिति अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में प्रकाशित की थी। किसानों के बदले रुख को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को एसडीएम सदर व संयुक्त मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह ने कोटला रोड स्थित मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मंडी में बने खरीद केंद्र पर मात्र 36 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। सरकारी केंद्र पर तो 1525 रुपया की दर से गेहूं खरीदा जा रहा था। जबकि आढ़तियों के द्वारा 1505 रुपया की दर से गेहूं ही खरीदा जा रहा था। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद केंद्रों के बजाय सीधे किसानों से संपर्क करें ताकि गेहूं लक्ष्य के ही अनुरूप हो सके। एसडीएम ने नगला पान सहाय में चल रहे केंद्र को देखा। उन्होंने केंद्र प्रभारी को निर्देश दिए कि वह दोबारा से खरीद केंद्र को चैक करेंगे। यदि खरीद का लक्ष्य नहीं बढ़ा तो प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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