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सुहागनगरी में प्रदूषण मुक्त यमुना नदी के प्रवाह की कवायद तेज
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फिरोजाबाद। पतित पावनी गंगा को निर्मल व पर्यावरण की दृष्टि से शुद्ध बनाने के लिए जिला स्तर पर भी ठोस पहल की जाएगी। गंगा में मिलने वाली यमुना नदी की धारा फिरोजाबाद से होकर गुजरती है। यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए जिला स्तर पर गंगा समिति का गठन किया गया है। समिति में शामिल 11 विभाग यमुना नदी को प्रदूषणमुक्त कराने के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके लिए कार्ययोजना शासन को मंजूरी के लिए भेजी गई है।
केंद्र के नमामि गंगे प्रोजेक्ट के दायरे में अब गंगा एवं उसकी सहायक नदी यमुना को भी शामिल किया गया है। गंगा को शुद्ध कराने के लिए यमुना को भी प्रदूषण से मुक्त किया जाएगा। जिले में प्रवाहित यमुना नदी को प्रदूषणमुक्त कराने के लिए जिला गंगा समिति का गठन किया गया है। जिलाधिकारी चंद्रविजय सिंह की अध्यक्षता में गठित जिला गंगा समिति में वन, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, स्वास्थ्य, आरईडी, जल निगम, सिंचाई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा निजी स्वयंसेवी संस्था एवं पर्यावरण प्रेमियों को शामिल किया गया है। ये सभी विभाग मिलकर काम करेंगे। अब प्रदूषणमुक्त कराने संबंधी एक संयुक्त कार्ययोजना शासन को मंजूरी के लिए भेजी गई है।
इन पर भी देना होगा ध्यान
सोफीपुर में बना एसटीपी अभी तक पूरी क्षमता से क्रियाशील नहीं हो सका है। इसके साथ ही दतौंजी, नया बांस क्षेत्र के प्रदूषित जल को यमुना में गिरने से रोकना है। नादन और सुजातगढ़ में अवैध खनन को रोकना भी जरूरी है क्योंकि यहां पर खनन होने से यमुना की गोद खोखली हो रही है। इसके अलावा अपरोक्ष रूप से यमुना में गिरने वाले औद्योगिक कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था भी प्रशासन को करनी होगी।
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ये मिलेंगे लाभ
- वन क्षेत्र के रूप में विकसित होगी यमुना की तलहटी।
- यमुना किनारे गांवों में सफाई व खुले में शौच से मुक्ति के ठोस प्रयास।
- चिह्नित यमुना घाटों पर नियमित सफाई, जागरूकता संदेश का प्रसारण।
- यमुना में गिरने वाले गंदे व प्रदूषित पानी की रोकथाम की कार्ययोजना
फैक्ट फाइल
- जिले में करीब 107 किलोमीटर के दायरे में यमुना की धारा प्रवाहित होती है
- चंद्रवार के अलावा जिले में सात अन्य जगहों पर हैं यमुना घाट
- यमुना किनारे बसे जिले के 78 गांव व पंचायतें
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केंद्र के नमामि गंगे प्रोजेक्ट के दायरे में अब गंगा एवं उसकी सहायक नदी यमुना को भी शामिल किया गया है। गंगा को शुद्ध कराने के लिए यमुना को भी प्रदूषण से मुक्त किया जाएगा। जिले में प्रवाहित यमुना नदी को प्रदूषणमुक्त कराने के लिए जिला गंगा समिति का गठन किया गया है। जिलाधिकारी चंद्रविजय सिंह की अध्यक्षता में गठित जिला गंगा समिति में वन, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, स्वास्थ्य, आरईडी, जल निगम, सिंचाई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा निजी स्वयंसेवी संस्था एवं पर्यावरण प्रेमियों को शामिल किया गया है। ये सभी विभाग मिलकर काम करेंगे। अब प्रदूषणमुक्त कराने संबंधी एक संयुक्त कार्ययोजना शासन को मंजूरी के लिए भेजी गई है।
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इन पर भी देना होगा ध्यान
सोफीपुर में बना एसटीपी अभी तक पूरी क्षमता से क्रियाशील नहीं हो सका है। इसके साथ ही दतौंजी, नया बांस क्षेत्र के प्रदूषित जल को यमुना में गिरने से रोकना है। नादन और सुजातगढ़ में अवैध खनन को रोकना भी जरूरी है क्योंकि यहां पर खनन होने से यमुना की गोद खोखली हो रही है। इसके अलावा अपरोक्ष रूप से यमुना में गिरने वाले औद्योगिक कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था भी प्रशासन को करनी होगी।
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ये मिलेंगे लाभ
- वन क्षेत्र के रूप में विकसित होगी यमुना की तलहटी।
- यमुना किनारे गांवों में सफाई व खुले में शौच से मुक्ति के ठोस प्रयास।
- चिह्नित यमुना घाटों पर नियमित सफाई, जागरूकता संदेश का प्रसारण।
- यमुना में गिरने वाले गंदे व प्रदूषित पानी की रोकथाम की कार्ययोजना
फैक्ट फाइल
- जिले में करीब 107 किलोमीटर के दायरे में यमुना की धारा प्रवाहित होती है
- चंद्रवार के अलावा जिले में सात अन्य जगहों पर हैं यमुना घाट
- यमुना किनारे बसे जिले के 78 गांव व पंचायतें