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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   The decree did not apply in the district

जिले में लागू नहीं हुआ केंद्र का फरमान

Mon, 01 Jun 2015 11:20 PM IST
Updated Mon, 01 Jun 2015 11:20 PM IST
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 जमीनों के बैनामे में बीस हजार रुपये से अधिक के भुगतान चेक से करने का केंद्र सरकार फरमान जिले में लागू नहीं हुआ है। सोमवार को तहसील सदर में सामान्य प्रक्रिया के तहत 56 रजिस्ट्री कराई गईं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं होगा तब रजिस्ट्री में किसी तरह के प्रतिबंध नहीं लगाए जाएंगे।
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गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जमीनों की खरीद फरोख्त में पारदर्शिता लाने और काले धन सहित बेनामी संपत्तियों की खरीद पर रोक लगाने के उद्देश्य से नकद भुगतान को प्रतिबंधित कर दिया है। अब जमीनों की खरीद फरोख्त में 20 हजार रुपये से अधिक का भुगतान चेक के माध्यम से किया जाएगा। यह आदेश एक जून से प्रभावी था लेकिन सोमवार को फीरोजाबाद में केंद्र सरकार का फरमान बेमानी हो गया। तहसील सदर में पुरानी प्रक्रिया के आधार पर कैश भुगतान पर रजिस्ट्री की गईं। अधिकारियों का कहना था कि अभी तक उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं है। सोमवार को 56 बैनामा किए गए।
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वकीलों के भी गले नहीं उतर रही योजना
20 हजार से ऊपर से भुगतान चेक के माध्यम करने का आदेश रजिस्ट्री दफ्तर के अधिकारियों के गले नहीं उतर रहा है तो वकील भी इसे पचा नहीं पा रहे हैं। अधिवक्ता बृह्मस्वरूप शर्मा का कहना है कि इस आदेश की मार सबसे अधिक मध्यम और गरीब वर्ग पड़ेगी। ऐसे लोग जमीन खरीदने को इधर उधर से पैसा जुटाते हैं, ऐसे में वह चेक से भुगतान कैसे कर सकेंगे। दूसरे कोई भी बैनामा उस वक्त होता है जब खरीददार रकम गिना देता है, चेक का विश्वास कोई कैसे करेगा। रजिस्ट्री से पहले विक्रेता के खाते में रकम पहुंच जाए और वह बेईमान हो जाए तो क्या होगा या रजिस्ट्री के बाद खरीददार का चेक बाउंस हो जाए तो विक्रेता पर मुकदमा करने के अलावा और क्या रास्ता होगा।
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चेक से भुगतान के नुकसान
- सबसे अधिक मार मध्यम वर्ग पर पडे़गी।
- रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या में आएगी कमी
- रजिस्ट्री कम होने से राजस्व का नुकसान।
- दोनों पक्षकारों के बीच विश्वास बहाली करना नहीं होगा आसान।
- चेक से भुगतान पर बढ़ सकते हैं 138 एनआई एक्ट के मामले।

चेक से भुगतान के लाभ
- बेनामी संपत्तियों की खरीद फरोख्त पर लगेगी लगाम।
- काले धन का प्रयोग रुकेगा, काला धन चलन से बाहर होगा।
- बड़ा एमाउंट तहसील में ले जाने के झंझट से मिलेगी मुक्ति।
- रजिस्ट्री कराने और करने वालों के साथ लूट, चोरी भी रुकेगी।
- चेक से होने पर दोनों पक्षकारों का लेन देन लिखित में होगा।
- क्रेता या विक्रेता किसी भी गुमराह करना आसान नहीं होगा।
- सभी ट्रांजेक्शन बैंक के माध्यम से होने पर पारदर्शिता रहेगी।

हमारे पास आईजी स्टांप की ओर से ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। जब तक हमें लिखित में आदेश नहीं मिलेगा तब तक चेक से भुगतान का आदेश लागू नहीं किया जाएगा। हमारे यहां आज भी नकद भुगतान पर रजिस्ट्री हुई हैं। जब आदेश नहीं आएगा तब तक कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
सुरेश चंद्र मौर्य, सब रजिस्ट्रार फीरोजाबाद सदर तहसील
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