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Firozabad News: 43 साल पुराने मामले में सभी आरोपियों की मौत से मुकदमा समाप्त
Mon, 20 Apr 2026 12:10 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 20 Apr 2026 12:10 AM IST
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फिरोजाबाद।
एडीजे एफटीसी-2 कोर्ट ने वर्ष 1983 के एक पुराने आपराधिक मामले में वाद को समाप्त करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने यह कदम मामले के अंतिम जीवित अभियुक्त की मृत्यु की पुष्टि होने के बाद उठाया है। यह विवाद थाना दक्षिण क्षेत्र के चंद्रवार गेट का है। वर्ष 1983 में दर्ज इस मामले चार अभियुक्तों के विरुद्ध गंभीर चोट पहुंचाने और सरकारी सेवक को ड्यूटी से रोकने के संबंध में प्राथमिकी थाना दक्षिण में दर्ज हुई थी और इसमें पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी बद्री निवासी चंद्रवार गेट, थाना दक्षिण और यहीं के रहने वाले ग्याजी, बच्चू व रामबाबू के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। बद्री, ग्याजी और बच्चू की मौत वाद विचारण के दौरान हो गई थी। अंतिम जीवित अभियुक्त रामबाबू के विरुद्ध कार्रवाई लंबित थी। पुलिस पिछले दिनों जब रामबाबू के घर पहुंची तो उनके पुत्र सचिन ने न्यायालय में शपथपत्र दिया कि उनके पिता रामबाबू की मृत्यु 17 फरवरी 2024 को बीमारी के कारण हो चुकी है। क्षेत्रीय पार्षद वार्ड संख्या 6 के लेटर हेड और आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र को साक्ष्य के रूप में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पीठासीन अधिकारी विमल वर्मा ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी अभियुक्त जीवित नहीं है, इसलिए पत्रावली पर आगे की कोई कार्रवाई शेष नहीं रह जाती है। न्यायालय ने अभियुक्त रामबाबू के विरुद्ध वाद की कार्रवाई को समाप्त करते हुए पत्रावली को दाखिल दफ्तर करने का आदेश दिया है।
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एडीजे एफटीसी-2 कोर्ट ने वर्ष 1983 के एक पुराने आपराधिक मामले में वाद को समाप्त करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने यह कदम मामले के अंतिम जीवित अभियुक्त की मृत्यु की पुष्टि होने के बाद उठाया है। यह विवाद थाना दक्षिण क्षेत्र के चंद्रवार गेट का है। वर्ष 1983 में दर्ज इस मामले चार अभियुक्तों के विरुद्ध गंभीर चोट पहुंचाने और सरकारी सेवक को ड्यूटी से रोकने के संबंध में प्राथमिकी थाना दक्षिण में दर्ज हुई थी और इसमें पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी बद्री निवासी चंद्रवार गेट, थाना दक्षिण और यहीं के रहने वाले ग्याजी, बच्चू व रामबाबू के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। बद्री, ग्याजी और बच्चू की मौत वाद विचारण के दौरान हो गई थी। अंतिम जीवित अभियुक्त रामबाबू के विरुद्ध कार्रवाई लंबित थी। पुलिस पिछले दिनों जब रामबाबू के घर पहुंची तो उनके पुत्र सचिन ने न्यायालय में शपथपत्र दिया कि उनके पिता रामबाबू की मृत्यु 17 फरवरी 2024 को बीमारी के कारण हो चुकी है। क्षेत्रीय पार्षद वार्ड संख्या 6 के लेटर हेड और आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र को साक्ष्य के रूप में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पीठासीन अधिकारी विमल वर्मा ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी अभियुक्त जीवित नहीं है, इसलिए पत्रावली पर आगे की कोई कार्रवाई शेष नहीं रह जाती है। न्यायालय ने अभियुक्त रामबाबू के विरुद्ध वाद की कार्रवाई को समाप्त करते हुए पत्रावली को दाखिल दफ्तर करने का आदेश दिया है।