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अहिंसा के जयकारों से गूंजी सुहागनगरी
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 07 Feb 2016 10:55 PM IST
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सुहागनगरी अहिंसा के जयकारों से रविवार को गुंजायमान हो उठी। शहर में गाजे-बाजे के साथ अहिंसा रथ यात्रा निकाली गई। इसके माध्यम से मांगीतुंगी (नासिक) में आयोजित होने वाले भगवान आदिनाथ की विशाल प्रतिमा स्थापना और अंतर्राष्ट्रीय पंचकल्याणक महोत्सव के साथ अहिंसा का प्रचार-प्रसार किया गया। कई शहरों में भ्रमण करने के बाद अहिंसा रथ यात्रा फीरोजाबाद में समाप्त हुई। इस दौरान जैन समाज के सैकड़ों की संख्या में लोग रथयात्रा में शामिल हुए।
कई शहरों में भ्रमण करने के बाद रविवार सुबह अहिंसा रथ रसूलपुर स्थित जैन मंदिर से आरंभ हुआ। यहां गाजेबाजे के साथ जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर अहिंसा रथ का स्वागत किया। रथ में विराजमान विशाल कलश एवं भगवान आदिनाथ की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही। गाजेबाजे के साथ रथ यात्रा अट्टा वाले जैन मंदिर पहुंची। यहां धर्मसभा का आयोजन किया गया। इसके बाद सदर बाजार, गांधी पार्क चौराहे होते हुए अहिंसा रथ यात्रा छदामीलाल जैन मंदिर में संपन्न कराई गई। अट्टा वाले जैन मंदिर में हुई धर्मसभा में जैन विद्वान प्राचार्य नरेंद्र प्रकाश जैन ने बताया कि प्रज्ञाश्रमण 105 श्री ज्ञानमति माताजी की प्रेरणा सें विश्व में पहली 108 फीट ऊंची आदिनाथ भगवान की पहली प्रतिमा स्थापित की जा रही है। है। उन्होंने बताया कि गिनीज ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में इस विशाल प्रतिमा का नाम दिया गया है। 11 से 17 फरवरी तक विश्वस्तरीय पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसमें ड़ेढ़ लाख फुट क्षेत्रफल में पांडाल बनाया गया है। शासन एवं प्रशासन व्यवस्थाएं बनाने में सहयोग कर रहे हैं। 18 फरवरी से महामस्तिकाभिषेक किया जाएगा। अनूपचंद्र एडवोकेट ने कहा कि विश्व की सबसे विशाल प्रतिमा जैन धर्म का प्रचार-प्रसार करेगी। कुलदीप जैन, मयंक जैन ने भी विचार रखे। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य दिनेश जैन, विशाल जैन को मिला। जैन समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से आरती गई। रथ यात्रा में ललितेश जैन, अरुण जैन पीली कोठी, विजय जैन देवता, अजय जैन एडवोकेट, जितेंद्र जैन मुन्ना, सनत जैन, मयंक जैन, प्रमिल एडवोकेट, रतन जैन, संजय जैन पीआरओ आदि शामिल हुए।
भगवान आदिनाथ का निर्वाण महोत्सव मनाया
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। श्री दिगंबर जैन मंदिर अट्टा वाला मंदिर समिति के तत्वावधान में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के निर्वाणोत्सव पर लाड़ूू चढ़ाया गया। श्रद्धालुओं ने भी भगवान के जयकारों के बीच लाड़ू चढ़ाकर निर्वाण प्राप्ति की कामना की।
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प्रात:काल इंद्र बने पुजारियों ने अभिषेक किया। विश्वशांति के लिए बृहद शांति धारा की गई। जयचंद जैन, मनोज जैन, कुलदीप मित्तल, दीपक कुमार जैन, अनिल जैन, राकेश जैन, रोहन जैन, सुभाष आदि ने अष्ट द्रव्य से अर्घ्य समर्पित कर कर्मों की निर्जरा कर पुण्यार्जन किया। इसके बाद जैन धर्म के पहले तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के समक्ष जय जयकार के बीच निर्वाण कांड का पाठ कर निर्वाण लाडूृ चढ़ाया गया। लाड़ू सम्यक ज्ञान, सम्यक दर्शन और सम्यक चारित्र के रूप में तीनों वेदियों के समक्ष समर्पित किये गए। इस दौरान राजेंद्र राजा, ललतेश जैन, दिनेश जैन दुर्गेश, सतीश जैन, आलोक जैन राजा, राकेश जैन, विजय देवता, दिलीप जैन, आदि उपस्थित रहे। वहीं, दिगंबर जैन चंद्रप्रभ मंदिर, नसिया जी जैन मंदिर, छदामीलाल जैन मंदिर, विभव नगर जैन मंदिर सहित नगर के सभी प्रमुख जैन मंदिरों में पूर्ण भक्तिभाव के साथ भगवान आदिनाथ का निर्वाण लाड़ू चढ़ाया गया।
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कई शहरों में भ्रमण करने के बाद रविवार सुबह अहिंसा रथ रसूलपुर स्थित जैन मंदिर से आरंभ हुआ। यहां गाजेबाजे के साथ जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर अहिंसा रथ का स्वागत किया। रथ में विराजमान विशाल कलश एवं भगवान आदिनाथ की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही। गाजेबाजे के साथ रथ यात्रा अट्टा वाले जैन मंदिर पहुंची। यहां धर्मसभा का आयोजन किया गया। इसके बाद सदर बाजार, गांधी पार्क चौराहे होते हुए अहिंसा रथ यात्रा छदामीलाल जैन मंदिर में संपन्न कराई गई। अट्टा वाले जैन मंदिर में हुई धर्मसभा में जैन विद्वान प्राचार्य नरेंद्र प्रकाश जैन ने बताया कि प्रज्ञाश्रमण 105 श्री ज्ञानमति माताजी की प्रेरणा सें विश्व में पहली 108 फीट ऊंची आदिनाथ भगवान की पहली प्रतिमा स्थापित की जा रही है। है। उन्होंने बताया कि गिनीज ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में इस विशाल प्रतिमा का नाम दिया गया है। 11 से 17 फरवरी तक विश्वस्तरीय पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसमें ड़ेढ़ लाख फुट क्षेत्रफल में पांडाल बनाया गया है। शासन एवं प्रशासन व्यवस्थाएं बनाने में सहयोग कर रहे हैं। 18 फरवरी से महामस्तिकाभिषेक किया जाएगा। अनूपचंद्र एडवोकेट ने कहा कि विश्व की सबसे विशाल प्रतिमा जैन धर्म का प्रचार-प्रसार करेगी। कुलदीप जैन, मयंक जैन ने भी विचार रखे। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य दिनेश जैन, विशाल जैन को मिला। जैन समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से आरती गई। रथ यात्रा में ललितेश जैन, अरुण जैन पीली कोठी, विजय जैन देवता, अजय जैन एडवोकेट, जितेंद्र जैन मुन्ना, सनत जैन, मयंक जैन, प्रमिल एडवोकेट, रतन जैन, संजय जैन पीआरओ आदि शामिल हुए।
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भगवान आदिनाथ का निर्वाण महोत्सव मनाया
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। श्री दिगंबर जैन मंदिर अट्टा वाला मंदिर समिति के तत्वावधान में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के निर्वाणोत्सव पर लाड़ूू चढ़ाया गया। श्रद्धालुओं ने भी भगवान के जयकारों के बीच लाड़ू चढ़ाकर निर्वाण प्राप्ति की कामना की।
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प्रात:काल इंद्र बने पुजारियों ने अभिषेक किया। विश्वशांति के लिए बृहद शांति धारा की गई। जयचंद जैन, मनोज जैन, कुलदीप मित्तल, दीपक कुमार जैन, अनिल जैन, राकेश जैन, रोहन जैन, सुभाष आदि ने अष्ट द्रव्य से अर्घ्य समर्पित कर कर्मों की निर्जरा कर पुण्यार्जन किया। इसके बाद जैन धर्म के पहले तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के समक्ष जय जयकार के बीच निर्वाण कांड का पाठ कर निर्वाण लाडूृ चढ़ाया गया। लाड़ू सम्यक ज्ञान, सम्यक दर्शन और सम्यक चारित्र के रूप में तीनों वेदियों के समक्ष समर्पित किये गए। इस दौरान राजेंद्र राजा, ललतेश जैन, दिनेश जैन दुर्गेश, सतीश जैन, आलोक जैन राजा, राकेश जैन, विजय देवता, दिलीप जैन, आदि उपस्थित रहे। वहीं, दिगंबर जैन चंद्रप्रभ मंदिर, नसिया जी जैन मंदिर, छदामीलाल जैन मंदिर, विभव नगर जैन मंदिर सहित नगर के सभी प्रमुख जैन मंदिरों में पूर्ण भक्तिभाव के साथ भगवान आदिनाथ का निर्वाण लाड़ू चढ़ाया गया।