फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   The attack happened in the past, did not sue police

पूर्व में भी हुआ हमला, नहीं लिखा पुलिस ने मुकदमा

Wed, 07 Oct 2015 11:20 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Wed, 07 Oct 2015 11:20 PM IST
विज्ञापन
The attack happened in the past, did not sue police
फीरोजाबाद। जिला पंचायत सदस्य के भाजपा समर्थित प्रत्याशी राजीव यादव पर छह दिन पूर्व भी हमला हुआ था। इसकी तहरीर प्रत्याशी द्वारा नसीरपुर थाना पुलिस को दी गई थी। लेकिन पुलिस ने सत्ता के दबाव में आकर मामला दर्ज नहीं किया। क्योंकि तहरीर में सपा विधायक और उनके बेटे को भी नामजद किया गया था। इसको लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद पचौरी एसएसपी से भी मिले थे। लेकिन पुलिस अधिकारियों द्वारा समझा बुझाकर मामले को शांत करा दिया गया था।
विज्ञापन

हमले के बाद समर्थकों के साथ थाना नसीरपुर पहुंचे वार्ड संख्या तीस से जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी राजीव यादव का आरोप है कि छह दिन पूर्व वह चुनाव प्रचार से लौटते समय गांव धर्मपुर के समीप सिरसागंज विधायक हरिओम यादव उनके बेटे विजय प्रताप उर्फ छोटू व राहुल ने साथियों के साथ रोक लिया था और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए देखने की धमकी दी थी। इसकी लिखित तहरीर थाना नसीरपुर पुलिस को दी थी। लेकिन पुलिस ने आज तक मुकदमा दर्ज नहीं किया। राजीव यादव का कहना है कि मुकदमे के बारे में पुलिस से संपर्क किया तो केवल एक ही बात कही कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने सत्तापक्ष के दबाव में विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया था। मुकदमा दर्ज कराने के लिए वह भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद पचौरी के साथ एसएसपी पीयूष श्रीवास्तव से भी मिले थे। लेकिन उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को दबा दिया। यदि पुलिस पूर्व हुई घटना पर कार्रवाई करती तो आज यह घटना घटित नहीं होती। राजीव यादव का आरोप है कि विधायक से उनको अपनी जान का खतरा है। क्योंकि उनका बेटा भी वार्ड संख्या तीस से ही पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहा है। सीओ सिरसागंज संजीव वाजपेई का कहना है कि प्रत्याशी राजीव यादव द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वह पूरी तरह से निराधर हैं। पूर्व ने उनके साथ क्या किया इसकी कोई जानकारी न तो पीड़ित ने थाने में दी और न ही तहरीर। यदि पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर आती तो मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाती।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed