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Firozabad News: शिक्षक को 9 साल बाद सुप्रीम कोर्ट से मिला न्याय, सरकार की याचिका खारिज
Sat, 17 Jan 2026 11:28 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 17 Jan 2026 11:28 PM IST
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सांकेतिक
- फोटो : सांकेतिक
शिकोहाबाद। सरोजनी नायडू जूनियर हाई स्कूल, फिरोजाबाद में तैनात सहायक अध्यापक राजीव कुमार ने पिछले 9 वर्षों से जारी कानूनी लड़ाई जीत ली है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज करते हुए शिक्षक के हक में फैसला सुनाया है।
आगरा गेट, शिकोहाबाद निवासी राजीव कुमार ने बताया कि उनकी नियुक्ति 11 मार्च 2016 को सरोजनी नायडू जूनियर हाई स्कूल में हिंदी-संस्कृत विषय के सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। नियुक्ति के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने उनका वेतन निर्गत नहीं किया। विभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का पहुंचे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए विभाग को उनका समस्त बकाया वेतन भुगतान करने के आदेश दिए थे। हालांकि, राज्य सरकार ने इस आदेश को मानने के बजाय सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका दायर कर दी थी। 16 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को यथावत रखा है। राजीव कुमार के अनुसार उनके पिछले 9 वर्षों का रुका हुआ वेतन और अन्य लाभ मिल सकेंगे।
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आगरा गेट, शिकोहाबाद निवासी राजीव कुमार ने बताया कि उनकी नियुक्ति 11 मार्च 2016 को सरोजनी नायडू जूनियर हाई स्कूल में हिंदी-संस्कृत विषय के सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। नियुक्ति के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने उनका वेतन निर्गत नहीं किया। विभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का पहुंचे।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए विभाग को उनका समस्त बकाया वेतन भुगतान करने के आदेश दिए थे। हालांकि, राज्य सरकार ने इस आदेश को मानने के बजाय सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका दायर कर दी थी। 16 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को यथावत रखा है। राजीव कुमार के अनुसार उनके पिछले 9 वर्षों का रुका हुआ वेतन और अन्य लाभ मिल सकेंगे।
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